भारत ने कहा है कि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक प्रगति हो रही है। कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली, हवाई सेवाओं की पुनः शुरुआत और दोनों देशों के बीच बढ़ते संवाद को संबंधों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 5 अगस्त 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक माहौल, संवाद से बढ़ी नई उम्मीद
भारत और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे कूटनीतिक संवाद में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल रही है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली, दोनों देशों के बीच हवाई सेवाओं का फिर से शुरू होना और अन्य सहयोगात्मक प्रयास संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर
प्रवक्ता ने कहा कि भारत और चीन दोनों इस बात पर सहमत हैं कि आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं बल्कि लोगों के बीच भी संपर्क मजबूत होना चाहिए। इसी उद्देश्य से यात्रा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और परिवहन सुविधाओं को फिर से सक्रिय किया जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत को दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार का मुद्दा भी उठा
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत और भारतीय संस्कृति के खिलाफ कथित दुष्प्रचार से जुड़े सवाल भी पूछे गए। विदेश मंत्रालय ने इस विषय पर कहा कि भारत सकारात्मक संवाद के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
हाल ही में बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के कुछ सदस्यों ने सोशल मीडिया पर भारत विरोधी सामग्री को लेकर चिंता भी व्यक्त की थी।
विदेश सचिव की चीन यात्रा के बाद बढ़ी बातचीत
यह घटनाक्रम विदेश सचिव विक्रम मिस्री की हालिया चीन यात्रा के बाद सामने आया है। यात्रा के दौरान उन्होंने चीन के विदेश उपमंत्री के साथ सीमा, व्यापार, संपर्क और द्विपक्षीय सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की थी।
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच नियमित संवाद भविष्य में कई लंबित मुद्दों के समाधान का रास्ता खोल सकता है।
आगे क्या?
भारत और चीन के बीच बातचीत का अगला चरण दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि वर्तमान सकारात्मक माहौल बना रहता है तो व्यापार, पर्यटन, धार्मिक यात्राओं और लोगों के बीच संपर्क में और तेजी आने की संभावना है।