प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को टेलीफोन पर बातचीत कर भारत-इज़राइल विशेष रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, निवेश और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। साथ ही पश्चिम एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 7 अगस्त 2026
✍️ By: Apurva Choudhary
प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच हुई अहम बातचीत
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गुरुवार को टेलीफोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-इज़राइल विशेष रणनीतिक साझेदारी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और आने वाले समय में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार बातचीत बेहद सकारात्मक और रचनात्मक रही। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत और इज़राइल के बीच लगातार बढ़ते संबंध दोनों देशों के साझा हितों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग रहेगा प्राथमिकता
बातचीत के दौरान रक्षा क्षेत्र, आधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा, नवाचार, स्टार्टअप, कृषि तकनीक, जल प्रबंधन और निवेश जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दोनों देशों ने रक्षा उद्योग, अत्याधुनिक तकनीकों और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को नई गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी विस्तार से विचार साझा किए।
दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया तथा मौजूदा परिस्थितियों पर नियमित संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।
भारत-इज़राइल संबंध लगातार हो रहे मजबूत
पिछले कुछ वर्षों में भारत और इज़राइल के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। रक्षा सहयोग के अलावा कृषि, जल संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ा है।
उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्कों ने इन संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान की है।
निवेश और आर्थिक सहयोग पर भी जोर
दोनों प्रधानमंत्रियों ने निवेश, व्यापार और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने पर भी चर्चा की। दोनों देशों का मानना है कि नई तकनीकों और नवाचार आधारित उद्योगों में सहयोग से आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है।
इसके साथ ही स्टार्टअप इकोसिस्टम और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
नियमित संवाद जारी रखने पर सहमति
फोन वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भविष्य में भी लगातार संपर्क बनाए रखने और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए उच्चस्तरीय संवाद जारी रखने पर भी सहमति बनी।
क्यों अहम है यह बातचीत?
ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं, भारत और इज़राइल के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह बातचीत रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच मजबूत राजनीतिक विश्वास, रक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत आधार दे सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई फोन वार्ता ने भारत-इज़राइल संबंधों को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया है। रक्षा, प्रौद्योगिकी, निवेश और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर दोनों नेताओं की चर्चा यह संकेत देती है कि दोनों देश क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर निकट समन्वय बनाए रखने के इच्छुक हैं।