📍 नई दिल्ली
🗓️ 18 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved
बुशरा बानो की UPSC से IPS तक की कहानी इन दिनों फिर चर्चा में है। उत्तर प्रदेश के कन्नौज से आने वाली बुशरा बानो ने शादी और दो बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल की। इस सफर में उनके पति अस्मार हुसैन की भूमिका भी चर्चा में रही है।
बुशरा बानो की शादी के समय उनके पति अस्मार हुसैन सऊदी अरब की एक यूनिवर्सिटी में अध्यापन कर रहे थे। उपलब्ध पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक वह इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं और सऊदी अरब में विश्वविद्यालय स्तर पर पढ़ाते थे।
पति क्या करते थे?
बुशरा बानो की शादी के बाद दोनों सऊदी अरब चले गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक अस्मार हुसैन वहां यूनिवर्सिटी में शिक्षक थे। एक पुरानी रिपोर्ट में उन्हें सऊदी अरब की जाज़ान यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बताया गया है। बुशरा बानो ने भी वहां अध्यापन का काम किया था।
बुशरा बानो के लिए सऊदी अरब में नौकरी और पारिवारिक जीवन स्थिर था, लेकिन वह भारत लौटकर सिविल सेवा में जाने की इच्छा रखती थीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए परिवार ने भारत लौटने का फैसला किया।
2016 में भारत लौटने की जानकारी
कई मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि बुशरा बानो और उनके पति 2016 में भारत लौटे। इस फैसले के बाद बुशरा ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया। उनके पति ने भी इस निर्णय में उनका साथ दिया।
बुशरा बानो की UPSC यात्रा
बुशरा बानो ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की और मैनेजमेंट में पीएचडी पूरी की। इससे पहले उन्होंने NET-JRF भी हासिल किया था। शिक्षा और अध्यापन के अनुभव के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की ओर रुख किया।
उनकी UPSC यात्रा की खास बात यह रही कि तैयारी के दौरान वह दो बच्चों की मां बनीं। इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा की तैयारी जारी रखी। वर्ष 2018 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और बाद में वर्ष 2020 की परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 2020 की परीक्षा में उनकी ऑल इंडिया रैंक 234 रही।
IPS तक कैसे पहुंचीं?
बुशरा बानो की पहली UPSC सफलता के बाद उन्हें भारतीय रेलवे ट्रैफिक सेवा मिली थी, लेकिन बाद में उन्होंने IPS को अपनी प्राथमिकता बनाया। वर्ष 2020 की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुना गया।
उनका करियर उत्तर प्रदेश में SDM पद से भी जुड़ा रहा। बाद में उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर में IPS अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारियां मिलीं। हाल की रिपोर्टों में उन्हें खड़गपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात बताया गया था।
अस्मार हुसैन अब क्या करते हैं?
बुशरा बानो के पति के मौजूदा पेशे को लेकर उपलब्ध हालिया मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्मार हुसैन अब एक निजी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर काम करते हैं। यह जानकारी उनकी सार्वजनिक फेसबुक प्रोफाइल के हवाले से प्रकाशित हुई है। स्वतंत्र कंपनी रिकॉर्ड या आधिकारिक नियोक्ता प्रोफाइल से इसकी अलग पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे पुष्ट आधिकारिक पद के बजाय रिपोर्टेड जानकारी के रूप में देखना उचित है।
पुरानी रिपोर्टों में उनके करियर का एक और महत्वपूर्ण चरण सामने आता है। 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में अध्यापन के बाद भारत लौटने पर अस्मार हुसैन ने कोल इंडिया में नौकरी की थी। उसी रिपोर्ट में उन्हें इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाला बताया गया था।
नाम को लेकर अलग-अलग वर्तनी
मीडिया रिपोर्टों में बुशरा बानो के पति का नाम अलग-अलग तरीके से लिखा गया है। कहीं अस्मार हुसैन, कहीं असमर हुसैन और कुछ हालिया रिपोर्टों में अस्मार खान नाम सामने आता है। पुरानी रिपोर्टों में अस्मार हुसैन नाम अधिक स्पष्ट रूप से दर्ज है। इस वजह से उनके नाम की वर्तनी को लेकर सावधानी जरूरी है।
दो बच्चों के साथ तैयारी
बुशरा बानो की कहानी का एक अहम पहलू उनकी पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने दो बच्चों की मां बनने के बाद भी UPSC की तैयारी जारी रखी। उनकी सफलता का यह पहलू इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि तैयारी के साथ परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी भी उनके सामने थी।
उनके सफर में परिवार का सहयोग भी सामने आता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनके पति ने सऊदी अरब की नौकरी छोड़कर भारत लौटने के फैसले में साथ दिया। इस वजह से बुशरा बानो की UPSC यात्रा केवल व्यक्तिगत करियर परिवर्तन नहीं रही, बल्कि पूरे परिवार के स्तर पर लिया गया फैसला भी बनी।
शिक्षा से प्रशासनिक सेवा तक
बुशरा बानो की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। उन्होंने उच्च शिक्षा के दौरान शोध किया, NET-JRF हासिल किया और पीएचडी पूरी की। सऊदी अरब में अध्यापन का अनुभव भी उनके पेशेवर सफर में शामिल रहा।
इसके बाद उन्होंने विदेश में नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया। सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के बाद उनका करियर प्रशासनिक सेवा से पुलिस सेवा तक पहुंचा। उपलब्ध रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों में उनके अलग-अलग सिविल सेवा प्रयासों का उल्लेख मिलता है।
कहानी का अहम पहलू
बुशरा बानो की कहानी को केवल प्रेरक प्रसंग के रूप में देखने के बजाय इसके तथ्यात्मक पहलुओं को समझना जरूरी है। विदेश में नौकरी, शादी, बच्चों की जिम्मेदारी, भारत वापसी और सिविल सेवा की तैयारी, इन सभी चरणों ने उनके करियर को प्रभावित किया।
उनके पति अस्मार हुसैन के करियर में भी इस दौरान बदलाव आया। सऊदी अरब में विश्वविद्यालय में अध्यापन से लेकर भारत लौटने और बाद में निजी क्षेत्र में काम करने तक उनके पेशेवर सफर में परिवर्तन दर्ज होता है। मौजूदा निजी कंपनी की भूमिका से जुड़ी जानकारी अभी सार्वजनिक प्रोफाइल आधारित रिपोर्ट तक सीमित है।
बुशरा बानो की कहानी का अगला अध्याय
बुशरा बानो की UPSC सफलता के बाद उनका पुलिस सेवा करियर आगे बढ़ा। हालिया समय में उनके एक वीडियो को लेकर विवाद भी सामने आया और इसके बाद पश्चिम बंगाल में उनके तबादले की खबरें आईं। सरकारी स्तर पर तबादले को जनहित से जुड़ा बताया गया, जबकि कुछ रिपोर्टों में वीडियो विवाद के साथ इसके संबंध को लेकर अटकलों का उल्लेख किया गया है। दोनों बातों को अलग-अलग रखना जरूरी है क्योंकि तबादले की वजह के बारे में सार्वजनिक रिपोर्टिंग में मतभेद मौजूद हैं।
इस पूरे सफर में सबसे स्पष्ट तथ्य यह है कि बुशरा बानो ने विदेश में नौकरी करने के बाद भारत लौटकर सिविल सेवा की तैयारी की और दो बच्चों की जिम्मेदारी के बीच UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की। उनके पति का भी सऊदी अरब में विश्वविद्यालय अध्यापन से भारत लौटने तक का पेशेवर बदलाव इस कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बुशरा बानो के पति अस्मार हुसैन के मौजूदा काम के बारे में उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार वह एक निजी कंपनी में डायरेक्टर हैं। हालांकि इस पद की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे रिपोर्टेड जानकारी के रूप में ही देखना चाहिए। यही सावधानी तथ्य आधारित रिपोर्टिंग के लिहाज से जरूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।