शुक्रवार, 04 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
India

ISRO की बड़ी कामयाबी, GSLV-F17 ने EOS-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाया

Harish Qureshi 2026-09-04 12:15:41
ISRO की बड़ी कामयाबी, GSLV-F17 ने EOS-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाया

श्रीहरिकोटा | 4 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris


श्रीहरिकोटा से तड़के अंतरिक्ष की ओर रवाना हुआ GSLV-F17


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO ने शुक्रवार को अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक अहम कामयाबी दर्ज की। GSLV-F17 रॉकेट ने EOS-05 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को लेकर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के सेकेंड लॉन्च पैड से सुबह 2:55 बजे उड़ान भरी।

मिशन के दौरान तीन स्टेज वाले GSLV-F17 ने तय प्रक्रिया के मुताबिक उड़ान पूरी की और EOS-05 को निर्धारित Sub-Geosynchronous Transfer Orbit में स्थापित कर दिया। ISRO की आधिकारिक सूची में इसे GSLV-F17/EOS-05 Mission के रूप में दर्ज किया गया है।


करीब 18 मिनट में EOS-05 ऑर्बिट में


लिफ्ट-ऑफ के करीब 18 मिनट बाद EOS-05 को निर्धारित ऑर्बिट में इंजेक्ट कर दिया गया। ISRO प्रमुख वी नारायणन ने मिशन के बाद बताया कि GSLV-F17 ने सैटेलाइट को सटीक तरीके से जरूरी ऑर्बिट में पहुंचाया।


सैटेलाइट का वजन करीब 2,367 किलोग्राम है। ISRO प्रमुख के मुताबिक यह अब तक GSLV के जरिए अंतरिक्ष में पहुंचाया गया सबसे भारी सैटेलाइट है।


EOS-05 अब अपने ऑनबोर्ड थ्रस्टर्स की मदद से ऑर्बिट-रेजिंग मैन्यूवर्स करेगा और आखिरकार अपनी ऑपरेशनल जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट की तरफ बढ़ेगा।


EOS-05 क्यों है खास


EOS-05 एक एडवांस्ड Earth Observation Satellite है। इसकी सबसे अहम खासियत इसका जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी की इमेजिंग करना है।


प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट बताया है, जिसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग के लिए तैयार किया गया है।


अधिकतर अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट Low Earth Orbit या Sun-Synchronous Orbit में पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं। इसके उलट जियोसिंक्रोनस प्लेटफॉर्म से बड़े भौगोलिक इलाके की लगातार या बार-बार निगरानी की क्षमता मिलती है।


करीब 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से निगरानी


ऑपरेशनल होने के बाद EOS-05 करीब 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई वाले जियोसिंक्रोनस क्षेत्र से पृथ्वी का ऑब्जर्वेशन करेगा। इससे भारतीय उपमहाद्वीप और आसपास के इलाकों की बार-बार इमेजिंग में मदद मिलने की उम्मीद है।


इस तरह की क्षमता तेजी से बदलती प्राकृतिक आपदाओं और दूसरे घटनाक्रमों पर नजर रखने में अहम साबित हो सकती है।


ISRO के Earth Observation डेटा का इस्तेमाल कृषि, जल संसाधन, पर्यावरण निगरानी, शहरी नियोजन, वन संसाधन, समुद्री संसाधन और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में होता है।


GSLV की 19वीं उड़ान


GSLV-F17 मिशन भारत के Geosynchronous Satellite Launch Vehicle की 19वीं उड़ान है। ISRO की आधिकारिक GSLV सूची भी F17 को इस सीरीज की 19वीं मिशन एंट्री के रूप में दर्ज करती है।


GSLV-F17 की लंबाई करीब 51.7 मीटर और लिफ्ट-ऑफ मास लगभग 420.5 टन था। यह तीन स्टेज वाला लॉन्च व्हीकल है और इसके ऊपरी चरण में भारत में विकसित क्रायोजेनिक तकनीक इस्तेमाल होती है।


मिशन की सफलता इसलिए भी अहम है क्योंकि अगस्त 2021 में EOS-03 को लेकर गया GSLV-F10 मिशन क्रायोजेनिक अपर स्टेज की समस्या के कारण सफल नहीं हो पाया था।


PM मोदी ने ISRO को दी बधाई


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GSLV-F17 और EOS-05 मिशन की सफलता पर ISRO को मुबारकबाद दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक मोदी ने इसे देश के लिए गर्व का मौका बताया और कहा कि मिशन भारत के स्पेस सेक्टर की बढ़ती क्षमता को दिखाता है।


उन्होंने ISRO और भारतीय इंडस्ट्री के बीच बढ़ती साझेदारी का भी जिक्र किया।


डिजास्टर मैनेजमेंट से कृषि तक अहम भूमिका


EOS-05 की असली अहमियत उसके सफल लॉन्च से आगे है। सैटेलाइट को ऑपरेशनल ऑर्बिट में पहुंचने और कमीशनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसकी वास्तविक इमेजिंग क्षमता सामने आएगी।


मिशन से भारत को बड़े भौगोलिक क्षेत्र की ज्यादा लगातार निगरानी की नई क्षमता मिलने की उम्मीद है। इसके डेटा का इस्तेमाल डिजास्टर रिस्पॉन्स, कृषि, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों और दूसरे राष्ट्रीय अनुप्रयोगों में किया जा सकेगा।


GSLV-F17 की सफल उड़ान ने फिलहाल मिशन का पहला और सबसे अहम चरण पूरा कर दिया है। अगला चरण EOS-05 को अंतिम ऑपरेशनल ऑर्बिट में पहुंचाने और उसके सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय करने का है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर