कमला हैरिस ने अब्दुल अल-सईद के साथ किया प्रचार, डेमोक्रेटिक एकजुटता पर जोर
Harish Qureshi
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2026-09-23 16:28:34
कमला हैरिस ने डेट्रॉयट में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद के साथ प्रचार किया। दोनों ने पार्टी के भीतर मतदाताओं को एकजुट करने और आर्थिक मुद्दों पर साझा प्राथमिकताओं पर जोर दिया।
डेट्रॉयट में साथ दिखे हैरिस और अल-सईद
अमेरिका के मिशिगन राज्य में नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी ने आंतरिक मतभेदों को कम करने की कोशिश तेज की है। इसी क्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने 22 सितंबर को डेट्रॉयट में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद के साथ प्रचार कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह दोनों की प्राथमिक चुनाव के बाद पहली सार्वजनिक संयुक्त मौजूदगी थी।
अल-सईद ने कहा कि हैरिस की मौजूदगी का मकसद डेमोक्रेटिक मतदाताओं के बीच एकजुटता बढ़ाना है। उन्होंने आर्थिक दबाव से जूझ रहे मतदाताओं को साझा प्राथमिकताओं के आधार पर साथ लाने की जरूरत पर जोर दिया।
अश्वेत मतदाताओं पर विशेष फोकस
डेट्रॉयट में आयोजित कार्यक्रम का एक प्रमुख विषय अश्वेत मातृ स्वास्थ्य रहा। हैरिस और अल-सईद ने स्वास्थ्य सेवाओं और गर्भावस्था से जुड़ी देखभाल पर चर्चा की। अल-सईद चिकित्सक रह चुके हैं और डेट्रॉयट तथा वेन काउंटी के स्वास्थ्य विभागों का नेतृत्व कर चुके हैं।
यह कार्यक्रम वेन काउंटी में हुआ, जो मिशिगन में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रमुख आधार है और जहां डेट्रॉयट की बड़ी अश्वेत आबादी रहती है। रिपोर्टों के अनुसार अल-सईद अगस्त में हुए डेमोक्रेटिक प्राथमिक चुनाव में इस क्षेत्र को जीत नहीं सके थे।
पार्टी के भीतर मतभेद की पृष्ठभूमि
अल-सईद ने अगस्त में डेमोक्रेटिक प्राथमिक चुनाव में चार बार की सांसद हेली स्टीवंस को हराकर सीनेट का उम्मीदवार बनने का रास्ता साफ किया था। इस मुकाबले में पार्टी के अलग-अलग धड़ों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे।
इजरायल-गाजा युद्ध को लेकर अल-सईद का रुख भी पार्टी के भीतर बहस का मुद्दा रहा है। उन्होंने गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई को नरसंहार कहा है। इजरायल इस आरोप को खारिज करता है।
कमला हैरिस के लिए मिशिगन का राजनीतिक संदर्भ भी महत्वपूर्ण है। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में वह इस राज्य में डोनाल्ड ट्रंप से हार गई थीं। चुनाव के दौरान इजरायल को अमेरिकी समर्थन को लेकर मिशिगन के कई अरब-अमेरिकी मतदाताओं में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रति असंतोष सामने आया था।
हैरिस ने अल-सईद को समर्थन दिया
हैरिस ने अल-सईद की उम्मीदवारी के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कहा कि वह उन्हें मिशिगन से सीनेट में प्रतिनिधित्व करते देखना चाहती हैं। डेट्रॉयट के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य नीति को लेकर अल-सईद की भूमिका का समर्थन किया।
यह समर्थन अगस्त में अल-सईद की प्राथमिक चुनाव जीत के बाद आया। दोनों नेताओं के बीच पहले भी बातचीत हुई थी, लेकिन डेट्रॉयट का कार्यक्रम पहली सार्वजनिक संयुक्त प्रचार उपस्थिति थी।
आर्थिक मुद्दों पर साझा संदेश
अल-सईद ने हैरिस के साथ मंच साझा करने से पहले कहा कि उनका लक्ष्य एक व्यापक चुनावी गठबंधन तैयार करना है। उन्होंने आर्थिक दबाव और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों को मतदाताओं से जोड़ने पर जोर दिया।
उनके अनुसार पार्टी के भीतर हर मुद्दे पर सहमति जरूरी नहीं है। उनका जोर उन मुद्दों पर साझा आधार तैयार करने पर है जहां अलग-अलग डेमोक्रेटिक समूह एक साथ काम कर सकते हैं।
नवंबर चुनाव की पृष्ठभूमि
अब्दुल अल-सईद का मुकाबला नवंबर में रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व सांसद माइक रोजर्स से है। मिशिगन की सीनेट सीट इस समय डेमोक्रेट गैरी पीटर्स के पास है, जो इस चुनाव में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
मिशिगन को अमेरिकी सीनेट के नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्यों में गिना जा रहा है। इस वजह से दोनों प्रमुख दल इस सीट पर विशेष राजनीतिक और आर्थिक संसाधन लगा रहे हैं।
आगे क्या होगा
अल-सईद के अभियान में अब अश्वेत मतदाताओं, अरब-अमेरिकी समुदाय, प्रगतिशील मतदाताओं और पार्टी के पारंपरिक डेमोक्रेटिक समर्थकों के बीच व्यापक गठबंधन बनाने पर जोर दिखाई दे रहा है। हैरिस की संयुक्त मौजूदगी इसी प्रयास का हिस्सा है।
मिशिगन में चुनावी अभियान आगे बढ़ने के साथ पार्टी के भीतर अलग-अलग धड़ों के बीच सहयोग और मतभेद दोनों महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दे बने रहेंगे। मौजूदा रिपोर्टें यह दिखाती हैं कि अल-सईद और हैरिस आर्थिक मुद्दों तथा पार्टी एकता को साझा आधार के रूप में पेश कर रहे हैं।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।