श्रीलंका पर भारत का दबाव, आधी टीम पवेलियन
कोलंबो में सुथार का वार, श्रीलंका संकट में
503 के बाद भारत का शिकंजा, श्रीलंका 137/5
लोकेशन: कोलंबो, श्रीलंका
तारीख: 25 अगस्त 2026
बायलाइन:Mohd Naved
कोलंबो टेस्ट के तीसरे दिन भारत ने श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा। भारत ने 503/9 पर पारी घोषित की थी। जवाब में श्रीलंका 137/5 तक पहुंचा। प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने विकेट लिए। पसिंदु सोरियाबांदरा ने अर्धशतक जमाकर प्रतिरोध किया, लेकिन भारत अभी मजबूत स्थिति में है।
कोलंबो टेस्ट में भारत का शिकंजा, श्रीलंका 137/5
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन मेजबान टीम पर दबाव कायम है। भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 के विशाल स्कोर पर घोषित की थी। जवाब में श्रीलंका की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी है और टीम 137 रन के आसपास संघर्ष कर रही थी।
भारत के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने गेंद से अहम भूमिका निभाई है। दिन के पहले सत्र में प्रसिद्ध कृष्णा ने कामिल मिशारा और कामिंदु मेंडिस को आउट किया। इसके बाद मानव सुथार ने श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा को भी पवेलियन भेज दिया।
क्या हुआ?
श्रीलंका ने तीसरे दिन की शुरुआत 8/2 से की थी। भारत ने दूसरे दिन 503/9 पर पारी घोषित करने के बाद शुरुआती तीन ओवर में दो विकेट हासिल कर लिए थे। इस वजह से श्रीलंका के सामने विशाल स्कोर का दबाव पहले से मौजूद था।
तीसरे दिन श्रीलंका ने शुरुआती झटकों के बावजूद वापसी की कोशिश की। पसिंदु सोरियाबांदरा ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला टेस्ट अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने कामिंदु मेंडिस के साथ चौथे विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी की।
हालांकि भारत ने साझेदारी टूटने के बाद दोबारा दबाव बनाया। प्रसिद्ध कृष्णा ने कामिंदु मेंडिस को आउट किया। इसके बाद सुथार ने धनंजय डिसिल्वा का विकेट लेकर श्रीलंका की मुश्किल बढ़ा दी।
भारत की पहली पारी ने क्यों बनाया दबाव?
भारत की बल्लेबाजी इस टेस्ट का सबसे बड़ा आधार रही। देवदत्त पडिक्कल ने 117 रन की पारी खेली। ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन बनाए। ऋषभ पंत ने 63 रन की तेज पारी खेली, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने 50 रन बनाए। भारत ने 503/9 पर पारी घोषित की।
ध्रुव जुरेल का शतक खास रहा। उन्होंने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 115 रन बनाए और श्रीलंका में नंबर सात या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में जगह बनाई। उनसे पहले हार्दिक पांड्या ने 2017 में पल्लेकेले में 108 रन बनाए थे।
जुरेल और पंत के बीच 112 रन की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जुरेल ने अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए।
श्रीलंका की पारी में क्या बदला?
श्रीलंका ने 8/2 से आगे खेलते हुए शुरुआती दौर में संभलकर बल्लेबाजी की। कामिल मिशारा ने कुछ आक्रामक शॉट लगाए, जबकि सोरियाबांदरा ने पारी को स्थिरता दी। दोनों के बीच बनी साझेदारी ने मेजबान टीम को शुरुआती संकट से कुछ हद तक बाहर निकाला।
लेकिन भारत ने लगातार लाइन और लेंथ बनाए रखी। प्रसिद्ध कृष्णा ने अतिरिक्त उछाल का इस्तेमाल किया और दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। सुथार ने स्पिन के जरिए दबाव बनाए रखा। दिन के पहले सत्र के अंत में श्रीलंका 130/4 पर था और भारत से 373 रन पीछे था।
इसके बाद धनंजय डिसिल्वा के आउट होने से श्रीलंका को पांचवां झटका लगा। लाइव हिन्दुस्तान के अपडेट के मुताबिक श्रीलंका 137/5 तक पहुंच चुका था।
पसिंदु सोरियाबांदरा ने संभाला मोर्चा
श्रीलंका की ओर से पसिंदु सोरियाबांदरा तीसरे दिन के सबसे अहम बल्लेबाज रहे। उन्होंने अपना पहला टेस्ट अर्धशतक पूरा किया और भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य दिखाया। दिन के पहले सत्र के बाद वह 65 रन बनाकर नाबाद थे।
उनकी बल्लेबाजी श्रीलंका के लिए इसलिए अहम है क्योंकि भारत की पहली पारी का स्कोर इतना बड़ा है कि केवल टिककर बल्लेबाजी करना पर्याप्त नहीं होगा। श्रीलंका को पहले भारत की बढ़त कम करनी होगी और फिर फॉलोऑन से बचने के लिए 304 रन तक पहुंचना होगा।
मानव सुथार की भूमिका क्यों अहम है?
मानव सुथार के लिए यह टेस्ट महत्वपूर्ण अवसर है। बीसीसीआई की घोषित टेस्ट टीम में उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए शामिल किया गया था। टीम में रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे अनुभवी स्पिन विकल्प भी मौजूद हैं।
कोलंबो की परिस्थितियों में सुथार की भूमिका दबाव बनाने की है। नई गेंद के बाद जब पिच धीमी होती है, तब स्पिन गेंदबाजों से लगातार डॉट गेंदें और विकेट की उम्मीद बढ़ती है। तीसरे दिन उन्होंने कप्तान धनंजय का विकेट हासिल करके अपनी उपयोगिता दिखाई।
ऋषभ पंत की अनुपस्थिति का असर
तीसरे दिन ऋषभ पंत ने विकेटकीपिंग नहीं की। उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। पंत ने भारत की पहली पारी में 63 रन बनाए थे।
यह बदलाव मैच के संदर्भ में महत्वपूर्ण है क्योंकि पंत भारत के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनकी विकेटकीपिंग से जुड़ी स्थिति पर आगे की अपडेट भारतीय टीम के लिए अहम रहेगी।
मैच का बड़ा परिदृश्य
भारत दो टेस्ट की सीरीज में 1-0 से आगे है। पहला टेस्ट गॉल में भारत ने 165 रन से जीता था। दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में निर्धारित है।
इस लिहाज से भारत के पास सीरीज जीतने का स्पष्ट मौका है। दूसरी तरफ श्रीलंका को मैच बचाने के लिए लंबी बल्लेबाजी करनी होगी। 503 रन के जवाब में शुरुआती पांच विकेट खोना मेजबान टीम की स्थिति को मुश्किल बनाता है।
बारिश और मौसम भी अहम कारक
कोलंबो टेस्ट में बारिश पहले ही खेल को प्रभावित कर चुकी है। दूसरे दिन भी बारिश के कारण खेल बाधित हुआ था। तीसरे दिन भी मैदान गीला होने से दूसरे सत्र की शुरुआत में देरी की रिपोर्ट सामने आई।
ऐसे में भारत के लिए केवल विकेट लेना ही चुनौती नहीं है। उपलब्ध खेल समय का अधिकतम इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण रहेगा। अगर बारिश से ओवर कम होते हैं, तो श्रीलंका के लिए समय बचाने का रास्ता खुल सकता है।
आगे क्या होगा?
श्रीलंका की प्राथमिकता अब विकेट बचाकर भारत की पहली पारी की बढ़त कम करना होगी। सोरियाबांदरा और बाकी निचले क्रम के बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी है।
भारत दूसरी ओर जल्द से जल्द श्रीलंका की पहली पारी समेटना चाहेगा। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल के सामने फॉलोऑन और दोबारा बल्लेबाजी के बीच रणनीतिक फैसला होगा।
मैच की मौजूदा तस्वीर भारत के पक्ष में है। भारत के पास 503 रन का मजबूत स्कोर है और श्रीलंका लगातार विकेट गंवा रहा है। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में पिच, मौसम और समय तीनों समीकरण बदल सकते हैं।
संपादकीय निष्कर्ष
कोलंबो टेस्ट के तीसरे दिन भारत ने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी है। 503/9 की पारी और श्रीलंका के शुरुआती विकेटों ने मैच का दबाव मेजबान टीम पर डाल दिया है। पसिंदु सोरियाबांदरा का प्रतिरोध श्रीलंका के लिए उम्मीद की किरण है, लेकिन 137/5 की स्थिति में उसे अभी लंबा रास्ता तय करना है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भारत फिलहाल स्पष्ट बढ़त में है।