भारत के श्रीलंका दौरे के अभ्यास मैच में देवदत्त पदिक्कल ने नाबाद 142 रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के 363/8 के जवाब में भारत 357/8 तक पहुंचा। पदिक्कल की पारी ने पहले टेस्ट से पहले नंबर-3 की दावेदारी को खासा दिलचस्प बना दिया है।
📍 Location: कोलंबो, श्रीलंका
📰 Date: 9 August 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
कोलंबो में भारत की तैयारी को मिला बड़ा संकेत
भारत के श्रीलंका दौरे का अभ्यास मुकाबला अब महज वार्म-अप मैच नहीं रह गया है। कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ मुकाबले के दूसरे दिन देवदत्त पदिक्कल की नाबाद 142 रन की पारी ने आगामी टेस्ट सीरीज़ से पहले भारतीय बल्लेबाजी क्रम को लेकर बहस तेज कर दी है।
श्रीलंका क्रिकेट इलेवन ने पहली पारी में 363/8 का स्कोर बनाया था। जवाब में भारत ने 357/8 तक पहुंचकर दिन का खेल समाप्त किया और अब वह सिर्फ छह रन पीछे है। उपलब्ध स्कोर के मुताबिक पदिक्कल 142 रन पर नाबाद थे।
पदिक्कल की 142 रन की पारी ने बढ़ाई चयन की दिलचस्पी
देवदत्त पदिक्कल के लिए यह पारी सिर्फ एक व्यक्तिगत स्कोर नहीं है। टेस्ट सीरीज़ से पहले बल्लेबाजी क्रम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा के बीच उनका प्रदर्शन चयन चर्चा को नया मोड़ दे सकता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पदिक्कल ने दूसरे दिन नाबाद 142 रन बनाकर पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में जगह के लिए अपना दावा मजबूत किया। रिपोर्ट में उनकी पारी को नंबर-3 की संभावित भूमिका से जोड़कर देखा गया है।
पदिक्कल की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि उन्होंने लंबी पारी खेलकर समय बिताया। अभ्यास मैच का यही मकसद भी है—खिलाड़ियों को मैच जैसी परिस्थितियों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का मौका देना, ताकि टीम मैनेजमेंट टेस्ट से पहले विकल्पों का जायज़ा ले सके।
भारत के लिए स्कोर से ज्यादा जरूरी क्या है
357/8 का स्कोर देखने पर मुकाबला बेहद करीबी दिखाई देता है, लेकिन अभ्यास मैच में परिणाम से ज्यादा अहम individual performance और match readiness होती है। भारत को टेस्ट सीरीज़ से पहले बल्लेबाजी संयोजन, गेंदबाजी workload और परिस्थितियों के अनुकूल रणनीति को परखना है।
बीसीसीआई के घोषित टेस्ट स्क्वाड में शुभमन गिल कप्तान, केएल राहुल उपकप्तान और पदिक्कल समेत कई बल्लेबाज शामिल हैं। स्क्वाड में ऋषभ पंत, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और ध्रुव जुरेल जैसे विकल्प भी मौजूद हैं।
ऐसे में पदिक्कल की 142 रन की पारी चयन समीकरण को आसान नहीं बल्कि और प्रतिस्पर्धी बनाती है। एक बड़ी पारी खिलाड़ी को बढ़त जरूर दे सकती है, लेकिन अंतिम फैसला टीम की रणनीति, बल्लेबाजी क्रम और विपक्षी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर होगा।
पंत और जुरेल के प्रदर्शन ने दूसरी कहानी लिखी
जहां पदिक्कल ने बड़ा स्कोर बनाया, वहीं दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजी के कुछ प्रमुख नाम अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके। टाइम्स ऑफ इंडिया ने ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल की पारियों को पदिक्कल के प्रदर्शन के मुकाबले कमजोर बताया।
इसका अर्थ यह नहीं कि किसी एक अभ्यास मैच की पारी से टेस्ट टीम की पूरी तस्वीर तय हो गई। पंत का अंतरराष्ट्रीय अनुभव और टीम में उनका महत्व अलग स्तर का है। जुरेल भी भारतीय क्रिकेट के उभरते विकेटकीपर-बल्लेबाजों में शामिल हैं।
फिर भी अभ्यास मैच का फायदा यही है कि टीम मैनेजमेंट को विकल्पों के बीच वास्तविक मैच प्रदर्शन की तुलना करने का अवसर मिलता है। पदिक्कल की बड़ी पारी ने इस प्रक्रिया को निश्चित रूप से अधिक दिलचस्प बना दिया है।
गेंदबाजी में जडेजा और सुथार का असर
भारत की गेंदबाजी में रविंद्र जडेजा और मानव सुथार ने पहले दिन श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ दो-दो विकेट हासिल किए। उपलब्ध स्कोरकार्ड के अनुसार जडेजा ने 15 ओवर में 64 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि सुथार ने 13 ओवर में 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
जडेजा की भूमिका भारत के लिए सिर्फ एक स्पिनर की नहीं है। वह निचले क्रम में बल्लेबाजी और मैदान पर अनुभव के कारण टेस्ट टीम के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सुथार के लिए यह मुकाबला और भी अहम है क्योंकि वह टीम में स्पिन विकल्पों की गहराई बढ़ाते हैं। कुलदीप यादव भी स्क्वाड का हिस्सा हैं, इसलिए स्पिन विभाग में टीम मैनेजमेंट के पास अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से विकल्प मौजूद हैं।
जडेजा के मजेदार अंदाज ने माहौल हल्का किया
मैच के दौरान रविंद्र जडेजा का एक अलग अंदाज भी चर्चा में रहा। उन्होंने कुलदीप यादव के गेंदबाजी एक्शन की नकल की, जिसे देखकर गौतम गंभीर अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह हल्का-फुल्का पल मैच के दौरान सामने आया। मैदान के बाहर ऐसे क्षण टीम के माहौल को सामान्य और सकारात्मक बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
क्रिकेट में जहां टेस्ट मैच की तैयारी अक्सर दबाव और रणनीति से जुड़ी होती है, वहीं इस तरह के moments खिलाड़ियों के बीच सहजता भी दिखाते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी घटनाओं को मैच के competitive पक्ष से अलग देखना ज्यादा उचित है।
भारत के लिए बुमराह की गैरमौजूदगी बड़ा मुद्दा
अभ्यास मैच की बल्लेबाजी चर्चा के बीच भारत की टेस्ट तैयारी का एक बड़ा सवाल जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी भी है। रॉयटर्स के मुताबिक बुमराह को बाएं घुटने की चोट से जुड़ी परेशानी के कारण श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह औकिब नबी को पहली बार सीनियर टेस्ट स्क्वाड में शामिल किया गया।
बुमराह की अनुपस्थिति भारत के गेंदबाजी संयोजन को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अन्य गेंदबाजों पर workload तथा नई गेंद की जिम्मेदारी का दबाव बढ़ सकता है।
यही कारण है कि कोलंबो का अभ्यास मैच गेंदबाजों के लिए भी महत्वपूर्ण है। टीम मैनेजमेंट को टेस्ट सीरीज़ से पहले यह समझना होगा कि श्रीलंकाई परिस्थितियों में किस संयोजन से सबसे बेहतर संतुलन मिल सकता है।
श्रीलंका की परिस्थितियों में तैयारी का असली मकसद
भारत का आगामी टेस्ट दौरा सिर्फ बल्लेबाजी फॉर्म का मामला नहीं है। श्रीलंका में स्पिन, गर्म और उमस भरा मौसम तथा पिच की बदलती प्रकृति टेस्ट रणनीति पर असर डाल सकती है।
बीसीसीआई ने घोषित कार्यक्रम में पहला टेस्ट 15 से 19 अगस्त तक गॉल में और दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में रखा है। इसलिए अभ्यास मैच में खिलाड़ियों को स्थानीय परिस्थितियों का अनुभव मिलना महत्वपूर्ण है।
अभ्यास मैच में बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी को इससे confidence मिलेगा, जबकि गेंदबाजों को लंबे spells और workload का अनुभव मिलेगा। यही तैयारी बाद में टेस्ट के निर्णायक sessions में काम आ सकती है।
क्या पदिक्कल को नंबर-3 पर मौका मिलेगा
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि क्या 142 रन की पारी पदिक्कल को पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त होगी। इसका जवाब अभी तय मानना जल्दबाजी होगी।
टीम में कई बल्लेबाजी विकल्प हैं और कप्तान शुभमन गिल तथा टीम मैनेजमेंट को संतुलन तय करना होगा। नंबर-3 की जगह के लिए पदिक्कल का प्रदर्शन निश्चित तौर पर सकारात्मक संकेत है, लेकिन चयन केवल एक innings पर आधारित नहीं होगा।
यही वजह है कि अभ्यास मैच के बाकी हिस्से और टीम की अंतिम रणनीति पर नजर रखना जरूरी होगा। यदि पदिक्कल अपनी consistency बनाए रखते हैं तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें बाहर रखना आसान फैसला नहीं होगा।
बारिश भी बन सकती है तैयारी में बाधा
श्रीलंका में मौसम भी भारत की तैयारी को प्रभावित कर सकता है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कोलंबो में बारिश की संभावना ने अभ्यास मैच के दौरान खेल के समय को लेकर चिंता पैदा की थी।
अगर बारिश के कारण मैच का पर्याप्त हिस्सा नहीं खेला जाता है तो खिलाड़ियों को कम match practice मिल सकती है। टेस्ट सीरीज़ से ठीक पहले यह टीम के लिए आदर्श स्थिति नहीं होगी।
हालांकि उपलब्ध दूसरे दिन के स्कोर से स्पष्ट है कि खिलाड़ियों को बल्लेबाजी का पर्याप्त अवसर मिला है और पदिक्कल ने इसका भरपूर फायदा उठाया है। अब टीम के लिए अंतिम लक्ष्य गॉल टेस्ट से पहले अपनी रणनीति को स्पष्ट करना होगा।
भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ से पहले बढ़ी प्रतिस्पर्धा
भारत के लिए यह अभ्यास मैच किसी ट्रॉफी या सीरीज़ अंक के बारे में नहीं है। इसका असली मूल्य उन सवालों के जवाब तलाशने में है जो टेस्ट सीरीज़ शुरू होने से पहले टीम मैनेजमेंट के सामने हैं।
पदिक्कल की 142 रन की नाबाद पारी ने बल्लेबाजी क्रम में प्रतिस्पर्धा बढ़ाई है। वहीं जडेजा और सुथार की गेंदबाजी ने स्पिन विभाग में विकल्पों की उपयोगिता दिखाई है। दूसरी ओर बुमराह की अनुपस्थिति भारत के pace attack के सामने एक अलग चुनौती खड़ी करती है।
पदिक्कल की पारी ने खोल दिया चयन का नया सवाल
देवदत्त पदिक्कल की नाबाद 142 रन की पारी इस अभ्यास मैच की सबसे बड़ी भारतीय कहानी बन गई है। भारत का 357/8 तक पहुंचना और श्रीलंका क्रिकेट इलेवन से सिर्फ छह रन पीछे रहना बताता है कि मुकाबला प्रतिस्पर्धी रहा है।
लेकिन असली कहानी स्कोरकार्ड से आगे है। भारत को श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़ के लिए एक ऐसा संयोजन तैयार करना है जो अनुभव, फॉर्म, परिस्थितियों और workload—चारों को संतुलित कर सके।
पदिक्कल ने अपना काम कर दिया है। अब फैसला चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के हाथ में है। अगर यह 142 रन आने वाले टेस्ट में उनके लिए जगह का रास्ता खोलता है, तो कोलंबो का अभ्यास मैच भारतीय टेस्ट टीम के लिए सिर्फ तैयारी नहीं, बल्कि चयन की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव साबित होगा।