गौतम गंभीर की वैभव सूर्यवंशी को सलाह, कहा- अपने मौके का इंतजार करना होगा
Harish Qureshi
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2026-09-18 16:05:55
वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। कोच गौतम गंभीर ने कहा कि युवा बल्लेबाज को धैर्य रखना होगा और लगातार प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों के रहते अपनी बारी का इंतजार करना होगा।
नई दिल्ली | 18 सितंबर 2026
By Mohd Haris
गौतम गंभीर की वैभव सूर्यवंशी को सलाह, कहा- अपने मौके का इंतजार करना होगा
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को फिलहाल टी20 टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए इंतजार करना होगा। अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में सूर्यवंशी को किसी भी मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने साफ किया कि युवा बल्लेबाज की प्रतिभा पर टीम प्रबंधन को भरोसा है, लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को भी पर्याप्त अवसर देना जरूरी है।
गंभीर ने क्या कहा
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज समाप्त होने के बाद गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि उनके साथ बातचीत स्पष्ट है और उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा। गंभीर के मुताबिक टीम सूर्यवंशी की प्रतिभा और उनकी क्षमता से पूरी तरह वाकिफ है, लेकिन जो खिलाड़ी पिछले 2 से 3 वर्षों से लगातार प्रदर्शन कर रहा है, उसे उस खिलाड़ी पर प्राथमिकता मिल सकती है जिसने अभी अंतरराष्ट्रीय टीम में कदम रखा है।
गंभीर ने यह भी संकेत दिया कि जब सूर्यवंशी को मौका मिलेगा तो उन्हें केवल 1 या 2 मुकाबलों के आधार पर नहीं परखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी बारी आने पर उन्हें पर्याप्त मौके देने की योजना है। गंभीर के मुताबिक भारतीय क्रिकेट में टीम के भीतर प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा दोनों का होना जरूरी है।
अफगानिस्तान सीरीज में क्यों नहीं मिला मौका
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत ने शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को आजमाया। दोनों बल्लेबाजों ने सीरीज में प्रभावी प्रदर्शन किया और टीम प्रबंधन ने उसी संयोजन को जारी रखा। तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने 37 गेंदों पर शतक जड़कर रिकॉर्ड कायम किया और भारत ने मुकाबला 127 रन से जीता। भारत ने तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम की।
गंभीर ने बताया कि टीम प्रबंधन का उद्देश्य उस शीर्ष क्रम के संयोजन को फिर से आजमाना था, जिसने पहले भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उनके मुताबिक 3 या 4 मुकाबलों में खराब प्रदर्शन से किसी खिलाड़ी की क्षमता पर फैसला नहीं किया जा सकता। इसी सोच के तहत अनुभवी खिलाड़ियों को लगातार मौके दिए गए।
सूर्यवंशी की अंतरराष्ट्रीय शुरुआत
वैभव सूर्यवंशी ने इसी साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। 15 साल की उम्र में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 2 अर्धशतक भी लगाए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती दौर में ही उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा बल्लेबाजों में शामिल कर दिया।
सूर्यवंशी का 2026 का आईपीएल प्रदर्शन भी चर्चा में रहा। रॉयटर्स के मुताबिक वह इस साल आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुरुआती मुकाबलों में अपेक्षित निरंतरता नहीं दिखने के बाद टीम प्रबंधन ने उन्हें अफगानिस्तान सीरीज में बाहर रखने का फैसला किया।
उम्र नहीं, प्रदर्शन और टीम संयोजन पर जोर
गौतम गंभीर ने अपने बयान में उम्र को चयन का आधार नहीं बताया। उनका तर्क था कि चाहे खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का, यदि टीम में किसी दूसरे खिलाड़ी का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है तो उसे अपनी बारी का इंतजार करना पड़ सकता है। यह बयान खास तौर पर इसलिए अहम है क्योंकि सूर्यवंशी अभी बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहुंचे हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि टीम प्रबंधन सूर्यवंशी की प्रतिभा को नजरअंदाज कर रहा है। गंभीर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि टीम को पता है कि युवा बल्लेबाज क्या कर सकता है। उनका जोर इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रतिभा के साथ निरंतरता, अनुभव और टीम संयोजन भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।
अगला मौका कहां मिल सकता है
अफगानिस्तान सीरीज के बाद सूर्यवंशी के पास एशियाई खेलों में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर हो सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक वह भारत की एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा हैं और जापान के खिलाफ मुकाबले में उनके खेलने की संभावना है। एशियाई खेलों में भारतीय टीम के अभियान के दौरान उन्हें अधिक जिम्मेदारी मिलने का रास्ता खुल सकता है।
यह मंच सूर्यवंशी के लिए अहम इसलिए भी होगा क्योंकि सीनियर भारतीय टी20 टीम में शीर्ष क्रम पर प्रतिस्पर्धा काफी मजबूत है। ऐसे में नियमित मुकाबले में रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत करना उनके लिए महत्वपूर्ण होगा।
प्रतिस्पर्धा बढ़ने से क्या बदलेगा
भारतीय टी20 क्रिकेट में शीर्ष क्रम के लिए लगातार प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के बीच जगह बनाने की चुनौती टीम प्रबंधन के सामने भी चयन के कई विकल्प रखती है।
सूर्यवंशी के मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनकी उम्र और अनुभव का अंतर है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में लगातार प्रदर्शन करके अपने खेल को और परिपक्व करना होगा।
गंभीर के बयान का सीधा संदेश
गौतम गंभीर का संदेश मूल रूप से यह है कि सूर्यवंशी की प्रतिभा को लेकर कोई संदेह नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय टीम में जगह स्वतः तय नहीं होती। मौजूदा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम की जरूरत के आधार पर चयन होता है। जब सूर्यवंशी को अवसर मिलेगा, तब टीम प्रबंधन उनसे लंबी अवधि में प्रदर्शन की उम्मीद कर सकता है।
युवा बल्लेबाज के लिए यह दौर सीखने और खुद को तैयार करने का भी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुरुआती सफलता के बाद नियमित स्थान हासिल करना अलग चुनौती होती है। ऐसे में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर प्रदर्शन उनकी दावेदारी को मजबूत कर सकता है।
निष्कर्ष
वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में मौका नहीं मिला, लेकिन गौतम गंभीर के बयान से यह संकेत मिलता है कि टीम प्रबंधन उनकी प्रतिभा को लेकर आश्वस्त है। फिलहाल शीर्ष क्रम में बेहतर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सूर्यवंशी के लिए अगला चरण अपनी बारी का इंतजार करने के साथ-साथ मिले अवसर को बड़े प्रदर्शन में बदलने का होगा। 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंच चुके इस युवा बल्लेबाज के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रतिभा को निरंतर प्रदर्शन और क्रिकेटिंग परिपक्वता में बदलने की है।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।