लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा न्यांती दिल्ली पहुंचीं
भारत दौरे पर लाइबेरिया की विदेश मंत्री, जयशंकर से मुलाकात आज
भारत-लाइबेरिया रिश्तों को नई दिशा देगी न्यांती की दिल्ली यात्रा
लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलो न्यांती गुरुवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचीं। वह विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगी। यात्रा का मकसद भारत और लाइबेरिया के करीबी संबंधों को आगे बढ़ाना है। यह दौरा ग्लोबल साउथ सहयोग, विकास साझेदारी और द्विपक्षीय संवाद के लिए अहम माना जा रहा है।
नई दिल्ली | 13 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स
BY Mohd Haris
लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलो न्यांती गुरुवार, 13 अगस्त को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचीं। उनके दौरे में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय बातचीत प्रमुख कार्यक्रम है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके आगमन का स्वागत करते हुए कहा कि यात्रा से भारत और लाइबेरिया के करीबी संबंधों को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
न्यूज़ के मुताबिक न्यांती की जयशंकर के साथ मुलाकात नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में होने वाली है। यह बातचीत दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों की समीक्षा और आगे की साझेदारी के लिए अहम होगी।
न्यांती की यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने राजनीतिक और विकासात्मक रिश्तों को लगातार मजबूत कर रहा है। भारत और लाइबेरिया के बीच व्यापार, निवेश, खनन, कृषि, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग मौजूद है। भारतीय विदेश मंत्रालय की द्विपक्षीय जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2024 में दोनों देशों के बीच पहली फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन भी हुई थी।
लाइबेरिया के साथ भारत का जुड़ाव केवल कूटनीतिक संवाद तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण का भी लंबा रिकॉर्ड है। इससे न्यांती की मौजूदा यात्रा को व्यापक भारत-अफ्रीका रिश्तों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
न्यांती की यात्रा से पहले लाइबेरिया का एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत में मौजूद है। यह प्रतिनिधिमंडल 10 से 15 अगस्त तक दक्षिण-दक्षिण पीयर लर्निंग मिशन में हिस्सा ले रहा है। कार्यक्रम को यूएन वूमेन के सहयोग से आयोजित किया गया है और इसे आईबीएसए फंड का समर्थन प्राप्त है।
इस प्रतिनिधिमंडल में लाइबेरिया की सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्य तथा वूमेन लेजिस्लेटिव कॉकस के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसका मकसद भारत के विकास कार्यक्रमों और महिला-केंद्रित शासन मॉडल से अनुभव हासिल करना है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को भारत आए लाइबेरियाई संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। उन्होंने जन-धन योजना, मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, गरीब कल्याण अन्न योजना, जल जीवन मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मिशन अमृत सरोवर जैसे भारतीय कार्यक्रमों पर प्रतिनिधिमंडल के साथ विचार साझा किए।
जयशंकर ने इस बातचीत को ग्लोबल साउथ के बीच गहरी साझेदारी की दिशा में अहम बताया। इससे संकेत मिलता है कि न्यांती की यात्रा केवल पारंपरिक डिप्लोमैटिक एजेंडा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विकास अनुभव और संस्थागत सहयोग भी चर्चा में रहेंगे।
लाइबेरियाई प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी से भी मुलाकात की। भारतीय पक्ष ने महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व, जेंडर-रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस और बजटिंग, महिलाओं के खिलाफ हिंसा से निपटने की संस्थागत व्यवस्था तथा स्थानीय शासन में महिलाओं की नेतृत्व भूमिका पर भारत का अनुभव साझा किया।
यह पहल दोनों देशों के बीच सहयोग के एक अलग आयाम को सामने लाती है। भारत अपने विकास कार्यक्रमों के अनुभव को अफ्रीकी देशों के साथ साझा कर रहा है, जबकि लाइबेरिया अपने संस्थागत और सामाजिक विकास के लिए इन अनुभवों का अध्ययन कर रहा है।
भारत और लाइबेरिया के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार लाइबेरिया ने विभिन्न संयुक्त राष्ट्र मंचों पर भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। भारत ने 2021 में लाइबेरिया की राजधानी मोनरोविया में अपना रेजिडेंट मिशन खोला था।
भारत की अफ्रीका नीति में लाइबेरिया पश्चिम अफ्रीका के एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में सामने आता है। व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश दोनों देशों के एजेंडा में बनी हुई है।
भारत और लाइबेरिया के रिश्तों में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार 2007 से 2016 के बीच भारतीय सेना की टुकड़ी ने संयुक्त राष्ट्र मिशन इन लाइबेरिया में सेवाएं दीं। इसी अवधि में सीआरपीएफ की महिला पुलिस इकाई भी वहां तैनात रही, जिसे लाइबेरिया में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
इस अनुभव ने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी एक अलग जुड़ाव बनाया। भारत की शांति स्थापना और क्षमता निर्माण की भूमिका लाइबेरिया के साथ संबंधों में एक अहम पृष्ठभूमि प्रदान करती है।
सारा बेइसोलो न्यांती फरवरी 2024 से लाइबेरिया की विदेश मंत्री हैं। इससे पहले वह संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुकी हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के दस्तावेजों में दिसंबर 2024 की पहली भारत-लाइबेरिया फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन में भी उनकी भागीदारी दर्ज है।
उनका अंतरराष्ट्रीय विकास और संयुक्त राष्ट्र का अनुभव भारत-लाइबेरिया संवाद में एक व्यापक विकासात्मक दृष्टिकोण जोड़ता है। हालांकि, उनकी मौजूदा दिल्ली यात्रा के दौरान किन विशेष समझौतों या घोषणाओं पर सहमति बनेगी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
न्यांती की यात्रा को भारत के व्यापक अफ्रीका आउटरीच से अलग करके देखना मुश्किल है। भारत पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीकी देशों के साथ राजनीतिक संवाद, विकास साझेदारी, स्वास्थ्य, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और क्षमता निर्माण पर जोर देता रहा है।
लाइबेरिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का भारत आना और उसके तुरंत बाद विदेश मंत्री की यात्रा इस बढ़ते संवाद की निरंतरता दिखाती है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी से इतना स्पष्ट है कि दोनों पक्ष ग्लोबल साउथ सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अब सबसे अहम नजर जयशंकर और न्यांती की बातचीत के नतीजों पर होगी। खास तौर पर यह देखना होगा कि दोनों देश व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को किस तरह आगे बढ़ाने पर चर्चा करते हैं।
अभी उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में बैठक के विस्तृत एजेंडे या किसी नए समझौते की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी संभावित समझौते या नीति घोषणा को पहले से तय मानना उचित नहीं होगा।
लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलो न्यांती की नई दिल्ली यात्रा भारत और लाइबेरिया के रिश्तों में मौजूदा संवाद को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनकी यात्रा दो दिवसीय है और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात इसका प्रमुख कार्यक्रम है।
यात्रा की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इसी समय लाइबेरिया का संसदीय प्रतिनिधिमंडल भारत में विकास और महिला सशक्तीकरण से जुड़े अनुभवों का अध्ययन कर रहा है। इससे भारत-लाइबेरिया संबंधों में डिप्लोमैसी के साथ विकास साझेदारी और ग्लोबल साउथ सहयोग का पहलू भी मजबूत होता दिख रहा है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।