मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में कथित मारपीट और धमकी के मामले में कार्रवाई न होने का आरोप लगा है। पीड़ित ने एसएसपी से जांच, कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की।
📍 मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
🗓️ 17 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
मुजफ्फरनगर के थाना बुढ़ाना क्षेत्र में कथित मारपीट और जान से मारने की धमकी से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर शिकायत सामने आई है। ग्राम विज्ञाना निवासी मुजम्मिल पुत्र उमेद ने आरोप लगाया है कि 14 सितंबर को उसके साथ रास्ते में मारपीट की गई और उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
मुजम्मिल ने इस मामले में कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए 17 सितंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रार्थना-पत्र दिया है। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
शिकायत के मुताबिक, 14 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8:45 बजे मुजम्मिल किसी काम से रास्ते से जा रहा था। उसका आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे रास्ते में रोक लिया।
मुजम्मिल के अनुसार, पहले उसके साथ गाली-गलौज की गई और फिर मारपीट की गई। शिकायत में घटना के दौरान जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। इसलिए मामले में आरोपों को पुलिस जांच के बाद ही तथ्यात्मक रूप से स्थापित माना जा सकेगा।
मुजम्मिल का कहना है कि कथित घटना के बाद उसने 14 सितंबर को ही थाना बुढ़ाना पहुंचकर लिखित प्रार्थना-पत्र दिया था। शिकायत में उसने घटना का विवरण देने के साथ कथित तौर पर शामिल लोगों के नाम भी दर्ज किए थे।
उसने पुलिस से मामले में रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही अपनी सुरक्षा को लेकर भी पुलिस से मदद मांगी थी।
पीड़ित का आरोप है कि थाना स्तर पर प्रार्थना-पत्र दिए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उसके मुताबिक, कार्रवाई नहीं होने से वह और उसका परिवार भय के माहौल में हैं।
मुजम्मिल ने आशंका जताई है कि विपक्षी पक्ष की ओर से दोबारा कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी वजह से उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से व्यक्तिगत और पारिवारिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
17 सितंबर को दिए गए प्रार्थना-पत्र में मुजम्मिल ने एसएसपी से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उसने संबंधित थाना पुलिस को आवश्यक निर्देश देने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उसने अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी है।
मुजम्मिल के मुताबिक, एसएसपी को दिए गए आवेदन के साथ 14 सितंबर को थाना बुढ़ाना में दिए गए प्रार्थना-पत्र की प्रति भी संलग्न की गई है। उपलब्ध अन्य साक्ष्य और संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भी आवेदन के साथ लगाने की बात कही गई है।
अब मामले में पुलिस स्तर पर शिकायत की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस पूरे मामले में फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। उपलब्ध सूचना में पुलिस की ओर से आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
ऐसे मामलों में शिकायत, उपलब्ध दस्तावेज, प्रत्यक्षदर्शी जानकारी और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करती है। इसलिए मामले में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
एसएसपी को शिकायत दिए जाने के बाद अब संबंधित पुलिस अधिकारियों के स्तर पर प्रकरण की जांच और शिकायत में लगाए गए आरोपों का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा। यदि जांच में आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए जाते हैं, तो पुलिस कानून के अनुरूप आगे की कार्रवाई कर सकती है।
वहीं, यदि जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, तो उसकी स्थिति भी आधिकारिक जांच के बाद सामने आएगी। फिलहाल शिकायतकर्ता की मुख्य मांग निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा को लेकर है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।