मैकलमोर को एड शीरन के अमेरिकी लूप टूर की बाकी तारीखों से हटा दिया गया। 4 सितंबर को उन्होंने मेटलाइफ स्टेडियम में ‘फ्री पैलेस्टाइन’ का संदेश दिया था।
अमेरिकी रैपर मैकलमोर को एड शीरन के लूप टूर के बाकी अमेरिकी शो से हटा दिया गया है। यह फैसला न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में उनके फिलिस्तीन समर्थक भाषण के बाद पैदा हुए विवाद के बीच हुआ है।
मैकलमोर ने 4 सितंबर को एड शीरन के शो से पहले प्रस्तुति दी थी। मंच से उन्होंने कहा कि टूर में शामिल होने की एक बड़ी वजह यह थी कि उन्हें अमेरिकी स्टेडियमों में फिलिस्तीन के समर्थन में अपनी आवाज उठाने का मौका मिलेगा।
उन्होंने दर्शकों के सामने ‘फ्री पैलेस्टाइन’ कहा और गाजा तथा कब्जे वाले वेस्ट बैंक के लोगों को यह संदेश देने की बात कही कि उन्हें भुलाया नहीं गया है।
एड शीरन के अमेरिकी टूर के प्रमोटर मेसिना टूरिंग ग्रुप के मुताबिक आगामी टूर वेन्यू ने बताया था कि वे मैकलमोर के लाइनअप में रहते हुए कॉन्सर्ट की मेजबानी नहीं करेंगे।
प्रमोटर ने कहा कि ऐसी स्थिति में टूर के शो रद्द होने और बड़ी संख्या में प्रशंसकों पर असर पड़ने की आशंका थी। इसके बाद संबंधित पक्षों के साथ बातचीत हुई और मैकलमोर को बाकी सपोर्ट डेट्स से हटाने का फैसला किया गया।
मैकलमोर को एड शीरन के बाकी 10 अमेरिकी शो में से 8 में ओपनिंग एक्ट के तौर पर प्रस्तुति देनी थी। टूर 19 सितंबर को फिलाडेल्फिया से फिर शुरू होना है।
मेटलाइफ स्टेडियम में अपने भाषण के दौरान मैकलमोर ने फिलिस्तीन के समर्थन को खुलकर सामने रखा। उनकी प्रस्तुति के दौरान गाजा में युद्ध से जुड़ी तस्वीरें भी स्क्रीन पर दिखाई गईं।
इसके बाद उनके खिलाफ आलोचना तेज हुई। इजरायल-अमेरिकन काउंसिल ने मैकलमोर को टूर से हटाने की मांग करते हुए एक पेटीशन शुरू की। संगठन ने सवाल उठाया कि क्या किसी म्यूजिक टूर के मंच को राजनीतिक अभियान के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
मैकलमोर ने सोशल मीडिया पर अपने लंबे बयान में कहा कि उन्होंने एड शीरन के साथ पिछले सप्ताह कई मुश्किल बातचीत कीं और दोनों के बीच एक बुनियादी असहमति सामने आई।
मैकलमोर के मुताबिक शीरन ने उन्हें बताया कि न्यू इंग्लैंड पैट्रियट्स के मालिक रॉबर्ट क्राफ्ट ने उनके गिलेट स्टेडियम में प्रदर्शन पर आपत्ति जताई थी।
मैकलमोर ने यह भी दावा किया कि क्राफ्ट ने दूसरे स्टेडियम मालिकों को भी अपने साथ जोड़ा और यह संदेश दिया गया कि यदि मैकलमोर टूर में बने रहे तो कुछ वेन्यू एड शीरन के शो की मेजबानी नहीं करेंगे।
यह मैकलमोर का विवरण था। एड शीरन ने उनके बयान पर तत्काल सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
रॉबर्ट क्राफ्ट ने बाद में मैकलमोर को हटाने में अपनी भूमिका की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उनके फैसले की वजह मैकलमोर की हालिया गतिविधियां और उनके अनुसार यहूदी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक मानी गई पुरानी बयानबाजी और इमेजरी भी थी।
क्राफ्ट ने साथ ही कहा कि फिलिस्तीनी नागरिकों की पीड़ा वास्तविक है और फिलिस्तीनियों के लिए आवाज उठाना यहूदी समुदाय के खिलाफ नहीं होना चाहिए। उन्होंने शांति और सभी लोगों की सुरक्षा की बात भी कही।
विवाद सिर्फ फिलिस्तीन समर्थक भाषण तक सीमित नहीं रहा। आलोचकों ने मैकलमोर पर एंटीसेमिटिज्म के आरोप भी लगाए।
मैकलमोर ने इन आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि इजरायल की सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना को यहूदी-विरोध के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। इजरायल की सरकार या उसकी नीतियों की आलोचना और यहूदियों के खिलाफ नफरत एक ही बात नहीं है। दूसरी तरफ किसी बयान या प्रस्तुति को एंटीसेमिटिक मानने का सवाल उसके शब्दों, संदर्भ और प्रस्तुति के आधार पर अलग से तय होता है।
इस विवाद में अमेरिकी गायिका पिंक का नाम भी सामने आया। उन्होंने मैकलमोर की प्रस्तुति से जुड़ी आलोचना साझा की थी, जिसके बाद उन्हें भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा।
पिंक ने बाद में स्पष्ट किया कि उन्हें ‘फ्री पैलेस्टाइन’ कहने के अधिकार से आपत्ति नहीं है और वह मैकलमोर को चुप कराने या नौकरी से हटाने की मांग नहीं कर रही थीं।
उनका कहना था कि एक यहूदी महिला के तौर पर उन्हें और उनके करीबी लोगों को इस विवाद से डर और असहजता महसूस हुई, जिसे व्यक्त करने का अधिकार भी होना चाहिए।
मैकलमोर की फिलिस्तीन को लेकर सार्वजनिक स्थिति नई नहीं है। 2024 में उन्होंने ‘हिंड्स हॉल’ नाम से विरोध गीत जारी किया था, जो अमेरिकी विश्वविद्यालयों में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों और गाजा युद्ध को लेकर विरोध से जुड़ा था।
एड शीरन के टूर के दौरान भी उन्होंने इसी गीत को प्रस्तुत किया। इसके दौरान गाजा में तबाही से जुड़ी तस्वीरें और फिलिस्तीन समर्थक संदेश स्क्रीन पर दिखाई दिए।
इस विवाद ने मनोरंजन जगत में एक पुराना लेकिन अहम सवाल फिर सामने ला दिया है। कलाकार को अपने राजनीतिक विचार सार्वजनिक करने की कितनी स्वतंत्रता होनी चाहिए और किसी कॉन्सर्ट के आयोजक को कार्यक्रम की राजनीतिक दिशा तय करने का कितना अधिकार है।
मैकलमोर का तर्क है कि मंच का इस्तेमाल सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर बोलने के लिए किया जा सकता है।
दूसरी तरफ आलोचकों का कहना है कि दर्शक म्यूजिक कॉन्सर्ट देखने आते हैं और किसी कलाकार को एकतरफा राजनीतिक संदेश देने के लिए पूरे आयोजन को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आयोजकों और वेन्यू मालिकों का व्यावसायिक जोखिम भी इस फैसले में महत्वपूर्ण है।
एड शीरन ने मैकलमोर को टूर से हटाने के फैसले पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान नहीं दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शीरन और मैकलमोर के बीच इस मुद्दे पर कई बातचीत हुई थीं।
मैकलमोर ने कहा कि दोनों की करीब 13 साल पुरानी दोस्ती है और वह इस विवाद को उनके रिश्ते का अंत नहीं मानते।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि टूर प्रमोटर ने फैसले को सीधे एड शीरन की व्यक्तिगत राजनीतिक स्थिति के रूप में पेश नहीं किया। उसका सार्वजनिक स्पष्टीकरण वेन्यू की आपत्तियों और संभावित शो रद्द होने के जोखिम पर केंद्रित था।
मैकलमोर ने अपने बयान में कहा कि उन्हें हटाए जाने से उनका संदेश और ज्यादा चर्चा में आया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने मेटलाइफ स्टेडियम प्रदर्शनों में फिलिस्तीन के समर्थन में बोलने पर पछतावा नहीं करते।
दूसरी तरफ आयोजकों और वेन्यू मालिकों का नजरिया अलग है। उनके लिए सवाल राजनीतिक विचार रखने का नहीं, बल्कि किसी खास कार्यक्रम में उस संदेश के कारण पैदा होने वाले विवाद और संभावित रद्दीकरण का है।
इसलिए इस मामले को केवल ‘सेंसरशिप’ या केवल ‘राजनीतिक प्रचार’ के रूप में देखना पूरे विवाद की जटिलता को कम कर देता है।
एड शीरन का अमेरिकी लूप टूर 19 सितंबर को फिलाडेल्फिया में फिर शुरू होना है। मैकलमोर अब बाकी अमेरिकी सपोर्ट डेट्स का हिस्सा नहीं होंगे। उनके स्थान पर अन्य ओपनिंग एक्ट्स के कार्यक्रम जारी रहने की जानकारी दी गई है।
मैकलमोर के लिए यह फैसला उनके म्यूजिक करियर के साथ-साथ उनकी राजनीतिक सक्रियता को भी फिर से अंतरराष्ट्रीय चर्चा में ले आया है।
वहीं एड शीरन और उनके टूर के लिए यह विवाद इस सवाल को सामने रखता है कि बड़े वैश्विक म्यूजिक इवेंट्स में कलाकारों की व्यक्तिगत राजनीतिक अभिव्यक्ति और आयोजकों की व्यावसायिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
मैकलमोर को एड शीरन के अमेरिकी टूर से हटाया जाना केवल एक म्यूजिक इंडस्ट्री विवाद नहीं है। इसके केंद्र में फिलिस्तीन के समर्थन में कलाकार की अभिव्यक्ति, वेन्यू मालिकों की आपत्ति, एंटीसेमिटिज्म के आरोप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा जैसे कई सवाल हैं।
मैकलमोर ने ‘फ्री पैलेस्टाइन’ के अपने संदेश से पीछे हटने से इनकार किया है। दूसरी ओर टूर प्रमोटर का कहना है कि वेन्यू की आपत्तियों के कारण शो रद्द होने का खतरा था। रॉबर्ट क्राफ्ट ने भी मैकलमोर को हटाने में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
अब यह विवाद म्यूजिक मंच से निकलकर अमेरिकी मनोरंजन उद्योग में राजनीतिक अभिव्यक्ति की सीमाओं पर एक बड़ी बहस बन चुका है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।