दिल्ली में विपक्ष की रामलीला मैदान महारैली के लिए मिंटो रोड से मार्च का कार्यक्रम है। मतदाता सूची पर आरोप और चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दे हैं। मार्च शुरू होने की पुष्टि बाकी है।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 1 नवंबर 2026
✍️Mohd Naved
मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च का कार्यक्रम
दिल्ली में विपक्षी इंडिया गठबंधन की महारैली के सिलसिले में मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक पैदल मार्च का कार्यक्रम है। न्यूज़रूम को मिले शुरुआती इनपुट में मिंटो ब्रिज से मार्च शुरू होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इस घटनाक्रम की स्वतंत्र और समयांकित पुष्टि अभी बाकी है।
राहुल गांधी की ओर से साझा कार्यक्रम के मुताबिक, मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचना था। इसलिए तय कार्यक्रम और मौके पर हुई वास्तविक शुरुआत को अलग रखना ज़रूरी है।
मतदाता सूची और चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल
विपक्षी दल मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी एसआईआर, के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी इस मुहिम का हिस्सा है। ये विपक्ष के आरोप और राजनीतिक मांगें हैं, इन्हें साबित निष्कर्ष के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार करता रहा है। लिहाज़ा, विपक्ष की शिकायतों और आयोग के रुख़, दोनों को साथ रखकर देखना ज़रूरी है।
रैली की अनुमति और मार्च का अलग सवाल
दिल्ली पुलिस के जारी बयान के मुताबिक, रामलीला मैदान में आयोजन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया गया था। पुलिस ने आयोजकों और संबंधित एजेंसियों के साथ सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पर तालमेल की भी जानकारी दी थी।
मार्च की अनुमति अलग विषय है। पहले उपलब्ध पुलिस पक्ष में कनॉट प्लेस-मिंटो रोड जंक्शन से प्रस्तावित मार्च के लिए आवेदन नहीं मिलने की बात सामने आई थी। मार्च की मौजूदा अनुमति स्थिति पर नया आधिकारिक अपडेट अपेक्षित है।
आवाजाही पर असर, यात्रा से पहले जांचें रूट
पुलिस के हवाले से उपलब्ध यातायात सूचना के मुताबिक, 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में पाबंदियां और डायवर्जन निर्धारित हैं। यात्रियों को निकलने से पहले ताज़ा ट्रैफिक सूचना देखनी चाहिए।
अगला अपडेट किन बातों पर होगा?
अब मार्च की वास्तविक शुरुआत, मौके पर मौजूद नेताओं, रामलीला मैदान पहुंचने और मंच से दिए गए बयानों की तस्दीक अहम होगी। इस रिपोर्ट में भीड़ का कोई आंकड़ा शामिल नहीं किया गया है। रैली के भाषणों और आगे की रणनीति की जानकारी पुष्टि के बाद जोड़ी जानी चाहिए।