47 लाख जमीन धोखाधड़ी मामला, एसएसपी पहुंचा पीड़ित
जमीन खरीद में 47 लाख का विवाद, हत्या के प्रयास का आरोप
पुरकाजी में 47 लाख जमीन धोखाधड़ी, पुलिस जांच की मांग
मुज़फ़्फ़रनगर के पुरकाजी निवासी ने जमीन खरीद के नाम पर 47 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी, मारपीट और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। मामला एसएसपी तक पहुंच गया है। पुलिस जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
📍 Location: मुज़फ़्फ़रनगर, उत्तर प्रदेश
📰 Date: 29 जुलाई 2026
✍️ By: Wasi Siddiqui
47 लाख जमीन धोखाधड़ी मामले में एसएसपी से कार्रवाई की मांग
मुज़फ़्फ़रनगर जनपद में कथित जमीन धोखाधड़ी का एक मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के दरबार तक पहुंच गया है। पुरकाजी थाना क्षेत्र के भोजाहेड़ी निवासी मोहम्मद सुलेमान ने आरोप लगाया है कि प्रॉपर्टी डीलिंग के नाम पर उन्हें 47 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
बुधवार दोपहर पीड़ित अपने साथियों के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचे और एसएसपी को संबोधित प्रार्थना पत्र सौंपकर एफआईआर दर्ज करने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की।
शिकायत में क्या कहा गया
शिकायत के अनुसार कुछ लोगों ने स्वयं को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए विवाद-मुक्त कृषि भूमि उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। पीड़ित का कहना है कि उन्हें बैंक से लोन लेने के लिए प्रेरित किया गया और उसी धनराशि से जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
आरोप है कि अक्टूबर 2025 में ग्राम बागोवाली की एक भूमि दिखाई गई और दावा किया गया कि उस पर किसी प्रकार का विवाद नहीं है। शिकायत के अनुसार 25 अक्टूबर 2025 को 21 लाख रुपये का भुगतान कराया गया और अगले दिन एग्रीमेंट कराया गया। बाद की किश्तों के साथ कुल भुगतान 47 लाख रुपये तक पहुंच गया।
एग्रीमेंट और भूमि को लेकर विवाद
पीड़ित का आरोप है कि बैनामा कराने का समय आने पर संबंधित लोग लगातार तारीखें बदलते रहे। बाद में जब दस्तावेजों की जांच कराई गई तो कथित तौर पर पता चला कि एग्रीमेंट में दर्ज भूमि और दिखाई गई भूमि अलग-अलग थीं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि भूमि से जुड़े अन्य तथ्यों में भी कथित अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद पीड़ित ने अपनी पूरी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोप है कि भुगतान नहीं किया गया।
मारपीट और हत्या के प्रयास का आरोप
प्रार्थना पत्र के अनुसार 21 जून 2026 को ग्राम बागोवाली में पंचायत के बाद लौटते समय नामजद लोगों ने रास्ते में रोक लिया। पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, गला दबाकर हत्या का प्रयास किया गया और अवैध तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत में कहा गया है कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपित वहां से चले गए।
पुलिस से क्या मांग की गई
पीड़ित ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, मारपीट, जान से मारने की धमकी तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस शिकायत पर औपचारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई थी। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि एफआईआर दर्ज हुई है या शिकायत की जांच चल रही है।
आरोप और जांच के बीच संतुलन
यह मामला फिलहाल शिकायत के स्तर पर है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोप पीड़ित पक्ष के हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और आरोपित पक्ष का बयान भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होती है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो जांच के निष्कर्ष अलग हो सकते हैं।
आगे क्या
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि पुलिस प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज करती है या नहीं। यदि मामला दर्ज होता है तो दस्तावेजों, भुगतान के रिकॉर्ड और भूमि के स्वामित्व से जुड़े अभिलेख जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।
यह मामला जमीन खरीद-बिक्री के दौरान दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच, राजस्व अभिलेखों के सत्यापन और कानूनी सलाह लेने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।