NEET री-टेस्ट 2026: विदेश में भी परीक्षा, क्यों अहम है यह फैसला
NEET (UG) 2026 का री-टेस्ट 21 जून को भारत के साथ रियाद में भी आयोजित होगा, जहां इंटरनेशनल इंडियन स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। NTA और भारतीय दूतावास ने समय, दस्तावेज़ और सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सुबह 11 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं मिलेगा। छात्रों को एडमिट कार्ड, फोटो और वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लाने होंगे।
NEET (UG) 2026 के री-टेस्ट को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता अब खत्म होती दिख रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत के अलावा सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह फैसला उन हजारों भारतीय छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो खाड़ी देशों में रहते हैं और भारत जाकर परीक्षा देने में कठिनाई का सामना कर रहे थे।
NTA के अनुसार, NEET री-टेस्ट 21 जून 2026 को आयोजित होगा। रियाद में परीक्षा केंद्र इंटरनेशनल इंडियन स्कूल, रियाद (IISR) बॉयज़ कैंपस में बनाया गया है। यह केंद्र खासतौर पर उन छात्रों के लिए निर्धारित किया गया है जो सऊदी अरब और आसपास के देशों में रह रहे हैं।
विदेश में परीक्षा केंद्र स्थापित करना एक बड़ा प्रशासनिक और कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। इससे पहले कई छात्रों ने शिकायत की थी कि उन्हें भारत आकर परीक्षा देने में वीजा, यात्रा खर्च और समय जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस बार NTA ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सुबह 11:00 बजे के बाद मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा और किसी भी उम्मीदवार को अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा, चाहे देरी का कारण कुछ भी हो।
परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए दस्तावेज़ों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। एडमिट कार्ड के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, पोस्टकार्ड साइज फोटो और एक वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य है।
रियाद परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। उम्मीदवारों की जांच हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर से की जाएगी। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर आदि पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
भारतीय दूतावास ने इस परीक्षा को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें छात्रों को समय से पहले पहुंचने, सभी दस्तावेज़ साथ रखने और NTA के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
NEET 2026 का री-टेस्ट उन परिस्थितियों में आयोजित किया जा रहा है, जहां पहले परीक्षा को लेकर कई विवाद सामने आए थे। पेपर लीक, परीक्षा केंद्रों की गड़बड़ी और छात्रों की शिकायतों के बाद NTA पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया था।
परीक्षा विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किए। इसके बाद सरकार और NTA ने समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की। कई बैठकों और जांचों के बाद यह निर्णय लिया गया कि प्रभावित छात्रों के लिए री-टेस्ट आयोजित किया जाएगा।
रियाद में रहने वाले छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है। कई छात्रों का कहना है कि इससे उन्हें भारत यात्रा की परेशानी से राहत मिलेगी।
कुछ शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कुछ शहरों में केंद्र खोलना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा को वास्तव में वैश्विक बनाना है, तो अधिक देशों में केंद्र स्थापित करने होंगे।
जमीनी स्तर पर देखा जाए तो परीक्षा के दिन सबसे बड़ी चुनौती समय प्रबंधन और दस्तावेज़ों की सही तैयारी होगी। विदेशी शहरों में रहने वाले छात्रों को स्थानीय परिवहन और सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए पहले से योजना बनानी होगी।
21 जून को होने वाली यह परीक्षा न केवल छात्रों के लिए बल्कि NTA के लिए भी एक बड़ी परीक्षा होगी। यदि यह सफलतापूर्वक आयोजित होती है, तो भविष्य में और अधिक अंतरराष्ट्रीय केंद्रों को शामिल करने का रास्ता खुल सकता है।
NEET री-टेस्ट 2026 का रियाद में आयोजन भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय जहां एक ओर छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर यह प्रशासनिक सख्ती और पारदर्शिता की नई मिसाल भी पेश करता है।
अब सभी की निगाहें 21 जून पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि यह प्रयास कितना सफल रहता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।