वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक और उससे जुड़े आंदोलन की गंभीरता को समझने में कोई देरी नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता दोषियों पर कार्रवाई, समय पर पुनर्परीक्षा और छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना था।
📍 Location: मुंबई
📰 Date: 26 जुलाई 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
सरकार ने आंदोलन को गंभीरता से लिया, निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
आंदोलन को लेकर सरकार का पक्ष
मुंबई में एक निजी समाचार चैनल से बातचीत के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक मामले और उससे जुड़े छात्र आंदोलन की गंभीरता को समझने में कोई देरी नहीं की। उन्होंने उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार ने आंदोलन को समय पर महत्व नहीं दिया।
प्रदर्शन की अनुमति तुरंत देने का दावा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि आंदोलन के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके के भारत पहुंचने के दिन ही प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई थी। उनके अनुसार सरकार ने शांतिपूर्ण विरोध को रोकने की कोशिश नहीं की और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया।
सरकार की पहली प्राथमिकता क्या थी?
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का सबसे पहला उद्देश्य पेपर लीक में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना था। साथ ही लाखों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसलिए पुनर्परीक्षा समय पर आयोजित कराई गई और परिणाम भी घोषित किए गए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी दिया बयान
सीतारमण ने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद उचित समय पर इस्तीफा दिया। उन्होंने इसे सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का हिस्सा बताया।
संवाद की भाषा पर क्या कहा?
सरकार और आंदोलन के बीच बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार को हर बयान और हर शब्द कानूनी दायरे को ध्यान में रखकर देना पड़ता है। इसलिए सरकारी संवाद की अपनी सीमाएं होती हैं।
आंदोलन का समापन
गौरतलब है कि पेपर लीक मुद्दे पर चल रहा आंदोलन सरकार के साथ बातचीत और विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया। इसके बाद सरकार की ओर से यह बयान सामने आया है।
निर्मला सीतारमण के बयान से स्पष्ट है कि सरकार पेपर लीक प्रकरण पर अपनी कार्रवाई को पर्याप्त मानती है। हालांकि इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं आगे भी जारी रह सकती हैं।