वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस के कादाराश में स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का दौरा किया। उन्होंने भारत के वैज्ञानिकों और उद्योगों के योगदान की सराहना करते हुए इसे भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया।
📍 कादाराश, फ्रांस
📰 04 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
निर्मला सीतारमण ने फ्रांस में ITER परियोजना का किया दौरा
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को फ्रांस के दक्षिणी क्षेत्र कादाराश स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का दौरा किया। यह दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूज़न) ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है, जिसमें भारत सहित कई देशों की साझेदारी है।
भारतीय योगदान पर दी गई प्रस्तुति
दौरे के दौरान वित्त मंत्री को ITER परियोजना में भारत की भूमिका और तकनीकी योगदान पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसके बाद उन्होंने रिएक्टर के क्लीनिंग हॉल, असेंबली हॉल और टोकामाक पिट सहित विभिन्न अत्याधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की जानकारी ली।
भारतीय वैज्ञानिकों और उद्योगों की सराहना
निर्मला सीतारमण ने पिछले दो दशकों से परियोजना में योगदान दे रहे भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और विशेषज्ञों के समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने एलएंडटी, इनॉक्स इंडिया, टीसीएस, टीसीई और एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ सहित भारतीय कंपनियों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।
स्वच्छ और असीमित ऊर्जा की दिशा में प्रयास
वित्त मंत्री ने कहा कि ITER परियोजना भविष्य में स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल और लगभग असीमित ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास के लिए मील का पत्थर बताया।
क्या है ITER परियोजना?
ITER एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग परियोजना है, जिसका उद्देश्य दुनिया का सबसे बड़ा प्रायोगिक न्यूक्लियर फ्यूज़न रिएक्टर विकसित करना है। इस परियोजना में भारत सहित सात प्रमुख सदस्य देश शामिल हैं और इसका लक्ष्य भविष्य में सुरक्षित एवं स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की नई तकनीक विकसित करना है।