ओमान में छात्रों ने करीब से देखा INS Imphal
200 से ज्यादा भारतीय छात्रों की युद्धपोत पर विजिट
मस्कट में भारतीय नौसेना से जुड़े छात्रों का खास अनुभव
ओमान के मस्कट में 200 से ज्यादा भारतीय स्कूल छात्रों ने भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत INS Imphal का दौरा किया। यह कार्यक्रम भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा था। छात्रों को युद्धपोत पर समुद्री जीवन और भारतीय नौसेना की क्षमताओं की प्रत्यक्ष जानकारी मिली। भारतीय दूतावास ने इसे भारत-ओमान समुद्री संबंधों और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता से जोड़ा है।
मस्कट, ओमान|17 अगस्त 2026
By Mohd Haris
ओमान की राजधानी मस्कट में 200 से ज्यादा भारतीय स्कूल छात्रों ने भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Imphal का दौरा किया। यह विजिट सुल्तान क़ाबूस पोर्ट पर हुई और भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी थी। भारतीय दूतावास, मस्कट ने इसकी जानकारी दी। छात्रों को युद्धपोत पर समुद्री जीवन की प्रत्यक्ष झलक मिली। उन्हें भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमताओं और हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने में नौसेना की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई।
मस्कट के सुल्तान क़ाबूस पोर्ट पर मौजूद INS Imphal में 200 से ज्यादा भारतीय स्कूल छात्रों ने विजिट की। यह कार्यक्रम ओमान में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत आयोजित गतिविधियों का हिस्सा था। भारतीय दूतावास ने इसे “यंग माइंड्स, मैरीटाइम बॉन्ड्स” की थीम से जोड़ा। छात्रों को युद्धपोत पर जीवन और नौसैनिक संचालन की बुनियादी जानकारी हासिल करने का अवसर मिला। इस विजिट का मकसद केवल युद्धपोत दिखाना नहीं था। छात्रों को भारत की समुद्री क्षमता और हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की भूमिका समझाने पर भी जोर दिया गया।
INS Imphal भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से निर्मित Visakhapatnam-class guided-missile destroyer है। यह Project 15B का हिस्सा है। आईएएनएस और अन्य रिपोर्टों ने इसे स्वदेशी युद्धपोत के तौर पर दर्ज किया है। युद्धपोत का नाम मणिपुर की राजधानी इम्फाल के नाम पर रखा गया है। यह भारतीय नौसेना के आधुनिक विध्वंसक बेड़े का हिस्सा है और समुद्री सुरक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मस्कट में इसकी मौजूदगी भारत की समुद्री कूटनीति का भी हिस्सा है। पोर्ट कॉल के दौरान सैन्य संपर्क के साथ दोनों देशों के बीच मैत्री और पेशेवर सहयोग का संदेश भी जाता है।
भारत ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मनाई। इसी अवसर पर भारतीय नौसेना के जहाजों ने विदेशों के विभिन्न बंदरगाहों पर तिरंगा फहराया।
भारतीय नौसेना ने बताया कि उसके जहाजों ने मस्कट, जिबूती और पुंटा डेलगाडा समेत विदेशी बंदरगाहों पर भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।
मस्कट में INS Imphal पर भी तिरंगा फहराया गया। भारतीय दूतावास ने इसे भारत और ओमान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्री संबंधों और समुद्री सहयोग से जोड़ा।
भारतीय दूतावास के मुताबिक छात्रों को समुद्र में जीवन की प्रत्यक्ष झलक मिली। इसके साथ उन्हें भारतीय नौसेना की क्षमताओं को समझने का अवसर भी मिला। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को समुद्री सुरक्षा, जहाज निर्माण और रक्षा क्षेत्र की कार्यप्रणाली से परिचित कराने में मदद करते हैं। ओमान में भारतीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह भारत की नौसैनिक क्षमता से प्रत्यक्ष जुड़ने का भी अवसर है।
भारत और ओमान के बीच समुद्री सहयोग लंबे समय से जारी है। दोनों देशों के बीच नौसैनिक संपर्क, प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान होते रहे हैं। मस्कट हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समुद्री केंद्र है। इसलिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत का वहां पोर्ट कॉल केवल औपचारिक यात्रा नहीं माना जाता। यह समुद्री कूटनीति और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों का भी हिस्सा है। INS Imphal की मौजूदा यात्रा में स्वतंत्रता दिवस समारोह और भारत-ओमान मैत्री का पहलू प्रमुख रहा।
ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने INS Imphal का दौरा किया और युद्धपोत के चालक दल को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। जहाज के चालक दल ने मस्कट स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित ध्वजारोहण समारोह में भी हिस्सा लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि युद्धपोत की मस्कट मौजूदगी को केवल सैन्य गतिविधि के तौर पर नहीं देखा गया। इसमें राजनयिक और सामुदायिक संपर्क भी शामिल रहा।
राजनीतिक और नीतिगत असर
इस घटना का प्रत्यक्ष राजनीतिक विवाद नहीं है। इसका मुख्य महत्व समुद्री कूटनीति और भारत-ओमान रक्षा संबंधों में है। भारत हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता को अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में रखता है। ओमान की भौगोलिक स्थिति भारत के लिए अरब सागर और पश्चिमी हिंद महासागर के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। INS Imphal की मस्कट मौजूदगी इसी व्यापक समुद्री संपर्क का एक हिस्सा है।
200 से ज्यादा छात्रों की विजिट का सबसे प्रत्यक्ष असर शैक्षणिक है। छात्रों को भारतीय नौसेना के आधुनिक युद्धपोत को करीब से देखने का अवसर मिला। ऐसी विजिट युवाओं को रक्षा सेवाओं और समुद्री क्षेत्र के बारे में व्यावहारिक जानकारी देती है। इससे भारत की नौसैनिक विरासत और आधुनिक समुद्री क्षमता के बारे में जागरूकता बढ़ती है। ओमान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह कार्यक्रम भारत से जुड़ाव का एक सार्वजनिक और सामुदायिक अवसर रहा।
हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और नौवहन सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। भारत और ओमान दोनों इस समुद्री क्षेत्र से सीधे जुड़े हैं। ऐसे में दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच संपर्क व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है। INS Imphal की मस्कट पोर्ट कॉल ने इसी समुद्री साझेदारी को स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ जोड़ा।
भारत और ओमान के बीच समुद्री सहयोग आगे भी जारी रहने की संभावना है। नौसैनिक पोर्ट कॉल, पेशेवर संपर्क और समुद्री सहयोग दोनों देशों के रक्षा संबंधों का हिस्सा हैं।
छात्रों की ऐसी विजिट भविष्य में भी रक्षा और समुद्री जागरूकता से जुड़े सामुदायिक कार्यक्रमों का हिस्सा बन सकती हैं। फिलहाल इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि भारतीय छात्रों को INS Imphal के जरिए भारत की आधुनिक समुद्री क्षमता को करीब से समझने का अवसर मिला।
ओमान में 200 से ज्यादा भारतीय स्कूल छात्रों ने INS Imphal का दौरा किया। यह विजिट मस्कट के सुल्तान क़ाबूस पोर्ट पर हुई और भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी थी। छात्रों को समुद्री जीवन, भारतीय नौसेना की क्षमताओं और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की भूमिका के बारे में जानकारी मिली।
INS Imphal की मस्कट मौजूदगी ने भारत-ओमान मैत्री और समुद्री सहयोग को भी रेखांकित किया।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।