पीरियड्स में खान-पान क्यों हो जाता है महत्वपूर्ण?
माहवारी महिलाओं के मासिक चक्र का सामान्य हिस्सा है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं और कई महिलाओं को पेट में ऐंठन, कमर दर्द, सिरदर्द, थकान, पेट फूलना, कब्ज या दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं। हालांकि हर महिला में लक्षणों की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में खान-पान को संतुलित रखना शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देने के साथ कुछ असहज लक्षणों को संभालने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञ सलाह में खास तौर पर बहुत अधिक नमक, चीनी, कैफीन और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को सीमित करने की बात कही जाती है।
१. बहुत ज्यादा नमक वाली चीजें करें कम
पीरियड्स के आसपास चिप्स, नमकीन, पैकेज्ड स्नैक्स, अचार और अत्यधिक नमक वाले तैयार खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा बढ़ सकती है। लेकिन अधिक सोडियम शरीर में पानी रुकने की समस्या को बढ़ा सकता है, जिससे पेट फूलने या भारीपन की शिकायत अधिक महसूस हो सकती है। इसलिए इन दिनों बहुत अधिक नमकीन खाद्य पदार्थों के बजाय घर का संतुलित भोजन लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
२. ज्यादा चीनी और मिठाइयों से बचें
पीरियड्स के दौरान मीठा खाने की इच्छा होना आम अनुभव है। चॉकलेट, मिठाई, केक, बिस्कुट और मीठे पेय पदार्थ तुरंत ऊर्जा देने वाले लग सकते हैं, लेकिन बहुत अधिक अतिरिक्त चीनी का सेवन संतुलित आहार की जगह कम पौष्टिक विकल्प ले सकता है। विशेषज्ञ सलाह में पीरियड्स से जुड़े लक्षणों को संभालने के लिए परिष्कृत चीनी और बहुत मीठे खाद्य पदार्थों को कम रखने की सलाह दी जाती है।
३. चाय-कॉफी और कैफीन का सेवन सीमित करें
चाय और कॉफी भारतीय घरों में रोजमर्रा का हिस्सा हैं। लेकिन पीरियड्स के दौरान बहुत अधिक कैफीन कुछ महिलाओं में असहजता बढ़ा सकता है। दर्दनाक माहवारी के संदर्भ में कैफीन कम करने की सलाह भी दी जाती है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर महिला को चाय या कॉफी पूरी तरह बंद करनी होगी। यदि किसी महिला को इनसे परेशानी महसूस होती है, तो मात्रा कम करना उपयोगी हो सकता है।
४. बहुत ज्यादा तला-भुना और वसायुक्त खाना कम लें
समोसा, पकौड़े, फ्रेंच फ्राइज, बहुत तैलीय फास्ट फूड और अत्यधिक वसा वाले प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ स्वादिष्ट जरूर लग सकते हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन संतुलित आहार को प्रभावित कर सकता है। पीरियड्स के दौरान विशेषज्ञ प्राकृतिक और कम प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, साबुत अनाज, सब्जियों, फलों, मेवों और संतुलित प्रोटीन को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
५. मैदा और अत्यधिक परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट कम करें
बहुत ज्यादा मैदा, मीठे बेकरी उत्पाद और अन्य परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट रक्त शर्करा में उतार-चढ़ाव से जुड़े हो सकते हैं। कुछ विशेषज्ञ पीरियड्स से जुड़े लक्षणों के दौरान परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट कम करके साबुत अनाज जैसे विकल्प अपनाने की सलाह देते हैं। दलिया, साबुत अनाज, दालें और सब्जियां भोजन में शामिल करना बेहतर संतुलन बनाने में मदद कर सकता है।
६. शराब से दूरी रखना बेहतर
शराब शरीर में पानी की कमी से जुड़ी हो सकती है और कुछ महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता को बढ़ा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ माहवारी और पीएमएस के लक्षणों को संभालने के लिए शराब का सेवन सीमित रखने की सलाह देते हैं।
तो पीरियड्स में क्या खाना चाहिए?
सिर्फ कुछ चीजों को कम करना ही पर्याप्त नहीं है। शरीर को पर्याप्त पोषण देना भी जरूरी है। आयरन युक्त खाद्य पदार्थ, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बीन्स, साबुत अनाज, फल, सब्जियां, मेवे और पर्याप्त पानी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। माहवारी के दौरान रक्तस्राव होने के कारण आयरन युक्त भोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि जरूरत पड़ने पर आयरन की दवा या सप्लीमेंट चिकित्सकीय सलाह के बाद ही लेना चाहिए।
पानी पीना न भूलें
पीरियड्स के दिनों में पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने से सामान्य हाइड्रेशन में मदद मिलती है। पानी के अलावा पानी से भरपूर फल और सब्जियां भी आहार का हिस्सा बनाई जा सकती हैं।
हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है
यह समझना जरूरी है कि पीरियड्स के दौरान किसी एक खाद्य पदार्थ का असर हर महिला पर समान नहीं होता। किसी महिला को चाय या कॉफी से परेशानी हो सकती है, जबकि दूसरी महिला को कोई खास समस्या महसूस न हो। इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।अगर हर माह बहुत ज्यादा दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, लगातार कमजोरी या ऐसे लक्षण हों जो रोजमर्रा के काम प्रभावित करें, तो इसे केवल खान-पान की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
निष्कर्ष
पीरियड्स के दौरान किसी विशेष भोजन पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के बजाय संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। बहुत अधिक नमक, अतिरिक्त चीनी, कैफीन, शराब, तला-भुना और अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन सीमित रखना, पर्याप्त पानी पीना और पोषक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना शरीर को बेहतर पोषण देने में मदद कर सकता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।