पीएम मोदी का 'थैंक यू फ्रेंड्स' पैग़ाम, क्या बदल रही है सरकार की डिजिटल रणनीति?
Asif Khan
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2026-07-25 06:44:00
पीएम मोदी का 'Thank you Friends', इंस्टाग्राम से युवाओं को नया संदेश
NEET विवाद के बीच पीएम मोदी का डिजिटल दांव, क्यों चुना इंस्टाग्राम?
'मित्रों' नहीं, 'फ्रेंड्स', पीएम मोदी के नए अंदाज़ के क्या मायने?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर दूसरा वीडियो जारी कर लोगों का आभार व्यक्त किया। यह संदेश ऐसे समय आया है जब NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार युवाओं तक सीधे पहुंचने के लिए अपनी डिजिटल रणनीति को नए सिरे से आकार देती दिखाई दे रही है।
📍 नई दिल्ली
📰 25 जुलाई 2026
✍️ आसिफ खान
पीएम मोदी का 'थैंक यू फ्रेंड्स' संदेश, बदलते डिजिटल संवाद की कहानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Instagram पर नया वीडियो साझा करते हुए लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पिछले वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझाव और प्रतिक्रियाओं के लिए वह सभी के आभारी हैं। यह संदेश ऐसे समय सामने आया है जब NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध और राजनीतिक बहस जारी है।
वीडियो में प्रधानमंत्री ने पारंपरिक संबोधन "मित्रों" की जगह "फ्रेंड्स" शब्द का इस्तेमाल किया। यह बदलाव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना। हालांकि सरकार की ओर से इसे लेकर कोई अलग आधिकारिक व्याख्या नहीं दी गई है।
क्यों चर्चा में है यह वीडियो?
इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली मामला नहीं है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद जारी धन्यवाद संदेश को कई विश्लेषक डिजिटल संवाद की निरंतरता के रूप में देख रहे हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल की कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को सोशल मीडिया, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी गई थी ताकि युवाओं तक सीधे पहुंच बनाई जा सके।
बदलती डिजिटल रणनीति या परिस्थितियों की प्रतिक्रिया?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इंस्टाग्राम आज बड़ी संख्या में 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन चुका है। ऐसे में सरकार का संदेश भी उसी मंच पर पहुंचाना एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।
छात्रों तक प्रभावी संवाद स्थापित करने के लिए इंस्टाग्राम का चयन स्वाभाविक दिखाई देता है।
ऐसे समय में प्रधानमंत्री की प्रत्यक्ष मौजूदगी छात्रों तक भरोसे का संदेश देने का प्रयास है। इसे केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार मौजूदा विरोध प्रशासनिक सवालों से जुड़ा है, इसलिए सरकार का संवाद भी उसी संदर्भ में सामने आ रहा है।
जेन-ज़ी और सोशल मीडिया
छात्र आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में वीडियो, रील और प्रत्यक्ष अनुभव इंस्टाग्राम पर साझा किए गए। कई छात्र-छात्राओं का कहना है कि सोशल मीडिया ने उन्हें अपनी बात सीधे रखने का मंच दिया।
सोशल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट वीडियो आधारित कम्युनिकेशन युवाओं तक तेजी से पहुंचता है। यही वजह है कि राजनीतिक दल और सरकारी संस्थान भी अब इस प्रारूप को अधिक महत्व दे रहे हैं।
क्या केवल डिजिटल संवाद पर्याप्त है?
विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। कुछ का मानना है कि संवाद से भरोसा बढ़ सकता है। वहीं दूसरे विश्लेषकों का कहना है कि युवाओं की चिंताओं का समाधान केवल डिजिटल संदेशों से नहीं, बल्कि संस्थागत सुधारों और पारदर्शी कार्रवाई से होगा।
NEET पेपर लीक पर सरकार पहले ही सख्त कानून, फास्ट-ट्रैक अदालतों और परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में कदम उठाने की बात कह चुकी है। इन प्रस्तावों के प्रभाव का आकलन उनके क्रियान्वयन के बाद ही संभव होगा।
आगे क्या?
सरकार की डिजिटल रणनीति आने वाले महीनों में और स्पष्ट हो सकती है। यदि मंत्री और सरकारी विभाग इंस्टाग्राम सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय होते हैं, तो यह राजनीतिक संचार के तरीके में एक उल्लेखनीय बदलाव माना जाएगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि सरकार और युवाओं के बीच संवाद का माध्यम बदल रहा है। लेकिन यह बदलाव कितना प्रभावी साबित होगा, इसका उत्तर आने वाले समय में छात्रों की प्रतिक्रिया, नीतिगत फैसलों और उनके क्रियान्वयन से तय होगा।
वीडियो देखें
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।