केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर छात्रों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में NEET सहित छात्रों के सभी मुद्दों पर चर्चा और समाधान के लिए तैयार है, जबकि कांग्रेस राजनीतिक टकराव को बढ़ावा दे रही है।
📍 नई दिल्ली
📰 21 जुलाई 2026
✍️ अपूर्वा चौधरी
धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस पर बड़ा हमला
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि संसद के मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि राजनीतिक सुर्खियां हासिल करना है।
PM आवास के बाहर प्रदर्शन पर उठाए सवाल
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन का फैसला लेकर आम जनता को असुविधा पहुंचाई और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तय नियमों की भी अनदेखी की। उनके अनुसार, सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि वह छात्रों से जुड़े
मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस ने संवाद की बजाय विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना
सरकार ने चर्चा के लिए जताई प्रतिबद्धता
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार NEET सहित युवाओं और छात्रों से जुड़े हर वैध मुद्दे पर संसद में चर्चा करने और समाधान निकालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों की चिंताओं का जवाब देना, आवश्यक सुधार करना और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा चर्चा की पेशकश किए जाने के बावजूद कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतिक टकराव का रास्ता चुना। उनके अनुसार, यह छात्रों के हित में नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए किया गया कदम है।
'छात्र मोहरे नहीं, समाधान के हकदार'
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश के छात्र किसी भी राजनीतिक अभियान में मोहरे की तरह इस्तेमाल किए जाने के बजाय बेहतर व्यवहार के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अराजकता नहीं, निश्चितता, नारे नहीं, समाधान और हंगामा नहीं, जिम्मेदार नेतृत्व चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि केवल नाराजगी व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को ठोस जवाब, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
सियासत हुई तेज
शिक्षा और NEET से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं। जहां कांग्रेस छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं सरकार का कहना है कि वह संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष अनावश्यक राजनीतिक विवाद खड़ा कर रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान के बाद छात्रों के मुद्दे पर सरकार और कांग्रेस बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। एक ओर सरकार का कहना है कि वह संसद में NEET और शिक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा और समाधान के लिए तैयार है, वहीं कांग्रेस सरकार पर छात्रों की आवाज़ दबाने का आरोप लगा रही है। मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बहस और तेज होने की संभावना है।