रामपुरी जलनिकासी समस्या पर कपिल देव का बड़ा एक्शन
रामपुरी जलनिकासी समस्या के स्थायी समाधान की तैयारी तेज
जलभराव पर सख्त मंत्री कपिल देव, अधिकारियों को तलब
मुजफ्फरनगर के रामपुरी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलनिकासी समस्या को लेकर राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों की बैठक कर स्थायी समाधान के निर्देश दिए। सरकार का फोकस बरसात के दौरान जलभराव से राहत दिलाने पर है।
📍 स्थान: मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
📰 दिनांक: 31 जुलाई 2026
✍️ By Wasi Siddiqui
रामपुरी जलनिकासी समस्या पर सरकार का फोकस, स्थायी समाधान की तैयारी
मुजफ्फरनगर के रामपुरी क्षेत्र में वर्षों से बनी जलनिकासी और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या एक बार फिर प्रशासनिक एजेंडा में प्रमुखता से शामिल हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने शुक्रवार को इस मसले पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर त्वरित और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मेरठ रोड स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में जलनिकासी व्यवस्था, उपलब्ध भूमि, तकनीकी विकल्पों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल अस्थायी राहत नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान की दिशा तय करना रहा।
जलनिकासी समस्या पर विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों से वर्तमान जलनिकासी व्यवस्था का पूरा जायज़ा लिया। उन्होंने पूछा कि किन स्थानों पर पानी रुकता है, जल निकासी में सबसे बड़ी बाधाएं क्या हैं और किन विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे संयुक्त रूप से कार्य करते हुए समाधान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न होने दें।
स्थलीय निरीक्षण के निर्देश
राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रामपुरी क्षेत्र का तत्काल स्थलीय निरीक्षण किया जाए। उपलब्ध सरकारी भूमि का परीक्षण कर यह देखा जाए कि जलनिकासी के लिए कौन सा तकनीकी विकल्प सबसे अधिक प्रभावी रहेगा।
उन्होंने कहा कि तकनीकी सर्वे, प्रशासनिक स्वीकृतियां और आवश्यक औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं ताकि कार्य शीघ्र शुरू हो सके। उनका कहना था कि बरसात के मौसम में नागरिकों को जलभराव की समस्या से जूझना स्वीकार्य नहीं है।
क्यों अहम है रामपुरी की समस्या
रामपुरी क्षेत्र में बरसात के दौरान जलभराव की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। जल निकासी बाधित होने पर आवागमन प्रभावित होता है, स्थानीय कारोबार पर असर पड़ता है और लोगों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा लगातार उठता रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल माना जा रहा है।
सरकार का पक्ष
बैठक के दौरान कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि जनहित से जुड़े विकास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरे किए जाएंगे और किसी भी विभाग को जिम्मेदारी से पीछे हटने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासनिक समन्वय पर जोर
बैठक में नगर पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग, जल निगम तथा राजस्व विभाग सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इससे संकेत मिलता है कि समस्या को केवल एक विभाग के बजाय बहु-विभागीय समन्वय से हल करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलनिकासी जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है जब सड़क निर्माण, नालों की क्षमता, भूमि उपलब्धता और ड्रेनेज नेटवर्क को एकीकृत दृष्टिकोण से देखा जाए।
आगे की राह
बैठक के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि स्थलीय निरीक्षण कितनी जल्दी पूरा होता है और प्रस्तावित कार्ययोजना कब जमीन पर उतरती है। यदि प्रशासन तय समयसीमा के भीतर तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर लेता है तो आने वाले वर्षों में रामपुरी क्षेत्र को जलभराव की समस्या से राहत मिल सकती है।
हालांकि फिलहाल किसी निर्माण कार्य की समयसीमा या परियोजना लागत की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए आगे की प्रगति प्रशासनिक कार्रवाई और विभागीय स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
रामपुरी जलनिकासी समस्या पर आयोजित समीक्षा बैठक प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण चरण तकनीकी परीक्षण, विभागीय समन्वय और कार्ययोजना को धरातल पर लागू करना होगा। स्थानीय नागरिकों की अपेक्षा अब इस बात पर टिकी है कि बैठक के निर्देश जल्द वास्तविक कार्यों में बदलें और वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सामने आए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।