बीजिंग के विश्व रोबोट सम्मेलन में डैक्सएआई का क़िजी एक्स1 रोबोटिक घोड़ा प्रदर्शित हुआ। चार पैरों वाली मशीन पर लोग सवार हुए। प्रदर्शन ने रोबोटिक्स की नई दिशा दिखाई। इसका इस्तेमाल कठिन इलाकों में परिवहन, भारी सामान ढोने और आपातकालीन सहायता जैसे कामों में संभावित रूप से किया जा सकता है।
बीजिंग, चीन | 22 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स
बीजिंग में चल रहे विश्व रोबोट सम्मेलन में रोबोटिक्स का एक ऐसा प्रदर्शन सामने आया, जिसने दर्शकों की ख़ास तवज्जो हासिल की। डैक्सएआई का क़िजी एक्स1 ऑल-टेरेन इंटेलिजेंट माउंट नाम का चार पैरों वाला रोबोटिक वाहन लोगों को अपने ऊपर बैठाकर चलता दिखाई दिया। रॉयटर्स की तस्वीर में एक व्यक्ति को इस मशीन की सवारी करते हुए देखा गया। यह प्रदर्शन इसलिए अहम है क्योंकि मशीन को केवल एक शोकेस रोबोट के तौर पर नहीं दिखाया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक़ इसका डिज़ाइन इंसान को लेकर अलग-अलग सतहों पर चलने और भारी भार उठाने जैसे इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विश्व रोबोट सम्मेलन 19 से 23 अगस्त तक बीजिंग में आयोजित हो रहा है। आईईईई रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन सोसाइटी के मुताबिक़ आयोजन का वेन्यू बीजिंग का बेइरेन एट्रॉन्ग इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर है।
क़िजी एक्स1 एक क्वाड्रुपेड यानी चार पैरों वाला रोबोटिक प्लेटफॉर्म है। इसे डैक्सएआई ने विकसित किया है और इसका मक़सद पारंपरिक पहिए वाले वाहनों के बजाय पैरों की मदद से ऐसे इलाकों में चलना है, जहां ज़मीन असमतल हो। रिपोर्ट में दिखाए गए प्रदर्शन में मशीन के ऊपर सवार व्यक्ति को रोबोट के साथ आगे बढ़ते देखा गया। रिपोर्ट ने भी 19 अगस्त को विश्व रोबोट सम्मेलन में एक व्यक्ति को डैक्सएआई के क़िजी एक्स1 पर सवारी करते हुए दर्ज किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ इस मशीन में मोटरसाइकिल और क्वाड्रुपेड रोबोट तकनीक से जुड़े सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, इसकी वास्तविक क्षमता और लंबे समय तक उपयोगिता का आकलन केवल प्रदर्शनी प्रदर्शन के आधार पर करना जल्दबाज़ी होगी।
इस साल का विश्व रोबोट सम्मेलन केवल डांस करते या करतब दिखाते रोबोटों तक सीमित नहीं है। सम्मेलन में उद्योग का फोकस रोबोटों को वास्तविक दुनिया के कामों में इस्तेमाल करने पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक़ सम्मेलन में 300 से अधिक कंपनियां और 2,000 से ज्यादा रोबोटिक्स प्रदर्शित किए जा रहे हैं। 150 से अधिक नए प्रोडक्ट लॉन्च भी इस आयोजन का हिस्सा हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ सम्मेलन में ह्यूमनॉइड रोबोट, सर्विस रोबोट, औद्योगिक मशीनें और दूसरे रोबोटिक सिस्टम पेश किए गए हैं। कई कंपनियां रोबोटिक्स को मनोरंजन से आगे ले जाकर मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और रोज़मर्रा के कामों में इस्तेमाल करने पर ज़ोर दे रही हैं। यही बदलाव क़िजी एक्स1 को भी दिलचस्प बनाता है। यह मशीन इंसान और रोबोट के बीच सीधे फिजिकल इंटरैक्शन का उदाहरण पेश करती है।
रोबोटिक घोड़े को देखकर इसे भविष्य के परिवहन से जोड़ना आसान है, लेकिन टेक्नोलॉजी की मौजूदा स्थिति को लेकर सावधानी ज़रूरी है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक़ क़िजी एक्स1 करीब 300 किलोग्राम तक का पेलोड संभाल सकता है और इसकी रफ्तार लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। इसे बजरी, कीचड़ और ढलान जैसी कठिन सतहों पर चलने के लिए भी तैयार किया गया है। अगर ये क्षमताएं वास्तविक परिस्थितियों में लगातार साबित होती हैं, तो ऐसी मशीनों का इस्तेमाल ऑफ-रोड ट्रांसपोर्ट, भारी सामान की आवाजाही और आपातकालीन राहत अभियानों में तलाशा जा सकता है। लेकिन प्रयोगशाला या प्रदर्शनी में सफल प्रदर्शन और बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इस्तेमाल के बीच बड़ा अंतर होता है। बैटरी लाइफ, सुरक्षा, रखरखाव, नियंत्रण प्रणाली, लागत और अलग-अलग मौसम व भूभाग में भरोसेमंद प्रदर्शन जैसे सवाल अभी अहम हैं।
विश्व रोबोट सम्मेलन चीन की रोबोटिक्स रणनीति का एक बड़ा सार्वजनिक मंच भी बन चुका है। आधिकारिक सम्मेलन वेबसाइट के मुताबिक़ 2026 आयोजन का केंद्रीय संदेश इंसान और मशीन के सह-अस्तित्व तथा उद्योग और मांग के बेहतर तालमेल पर केंद्रित है। रिपोर्ट बताती है कि चीन की रोबोटिक्स इंडस्ट्री अब ऐसे सिस्टम विकसित करने पर ज़ोर दे रही है, जिन्हें फैक्ट्री, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और दूसरे वास्तविक वातावरण में तैनात किया जा सके। यह बदलाव केवल तकनीकी प्रदर्शन का मामला नहीं है। चीन रोबोटिक्स को अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऑटोमेशन और उभरती इंडस्ट्री के साथ जोड़ रहा है। इसी सम्मेलन में ह्यूमनॉइड रोबोटों की दौड़, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस और दूसरे कामों के प्रदर्शन भी हुए। इससे यह साफ होता है कि कंपनियां रोबोट की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ उसके कमर्शियल इस्तेमाल पर भी बाज़ार का ध्यान खींचना चाहती हैं।
यह दावा फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों से साबित नहीं होता। किसी मशीन का इंसान को लेकर चल पाना और व्यापक स्तर पर पारंपरिक वाहन या कामगार का विकल्प बन जाना दो अलग बातें हैं। रोबोटिक्स इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ा सवाल अब तकनीकी करतब नहीं, बल्कि उपयोगिता और लागत है। रॉयटर्स ने भी रिपोर्ट किया है कि चीन की ह्यूमनॉइड रोबोट इंडस्ट्री को अब यह साबित करना है कि ये मशीनें वास्तविक काम में पर्याप्त उत्पादकता और निवेश पर रिटर्न दे सकती हैं। क़िजी एक्स1 के मामले में भी यही कसौटी लागू होगी। यदि मशीन कठिन भूभाग में सुरक्षित तरीके से लगातार काम कर सके और उसका संचालन पारंपरिक विकल्पों की तुलना में आर्थिक रूप से व्यावहारिक हो, तभी इसकी असली उपयोगिता सामने आएगी।
रोबोटिक घोड़े का सबसे बड़ा असर फिलहाल लोगों की दिलचस्पी के स्तर पर दिखाई दे रहा है। इंसान का चार पैरों वाली मशीन पर बैठकर चलना रोबोटिक्स को रोज़मर्रा के अनुभव के करीब लाता है। लेकिन सम्मेलन में पेश हो रहे दूसरे रोबोट बताते हैं कि इंडस्ट्री का एजेंडा इससे कहीं बड़ा है। चीन की कंपनियां ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिलीवरी, फैक्ट्री ऑटोमेशन, घरेलू काम और आपातकालीन सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रोबोट की भूमिका तलाश रही हैं। यहां एक अहम सवाल भी उठता है। क्या भविष्य का रोबोट वही होगा जो इंसान जैसा दिखे, या वह ऐसी मशीन होगी जो किसी खास काम को इंसान से अधिक सुरक्षित और कुशलता से कर सके? मौजूदा रुझान दूसरे विकल्प की तरफ इशारा करते हैं। उद्योग के लिए आकर्षक प्रदर्शन से अधिक महत्वपूर्ण वास्तविक काम में लगातार प्रदर्शन होता जा रहा है।
रोबोटिक्स में तेजी के बावजूद तकनीकी सीमाएं खत्म नहीं हुई हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने सम्मेलन से जुड़ी रिपोर्ट में बताया कि कुछ रोबोट प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं, लेकिन रोज़मर्रा के जटिल कामों में उनकी क्षमता अभी सीमित है। इसका मतलब है कि रोबोटिक घोड़े जैसी मशीनें तकनीकी प्रगति का संकेत तो देती हैं, लेकिन इन्हें भविष्य के बड़े पैमाने के समाधान के तौर पर पेश करने से पहले और डेटा, परीक्षण और स्वतंत्र मूल्यांकन की ज़रूरत होगी। सुरक्षा भी अहम मुद्दा है। अगर मशीन पर इंसान सवार है, तो सॉफ्टवेयर या सेंसर की छोटी गलती भी सामान्य रोबोटिक प्रदर्शन की तुलना में ज्यादा गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
विश्व रोबोट सम्मेलन 23 अगस्त तक जारी है और इसके समानांतर ह्यूमनॉइड रोबोट से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं। आधिकारिक सम्मेलन कार्यक्रम में रोबोट लर्निंग, मशीन विज़न, इंटेलिजेंट कंट्रोल और ह्यूमन-रोबोट इंटरैक्शन जैसे क्षेत्रों को प्रमुख विषयों में शामिल किया गया है।
क़िजी एक्स1 जैसे रोबोटों की अगली परीक्षा प्रदर्शनी नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियां होंगी। अगर ये मशीनें कठिन इलाकों में सुरक्षित, स्थिर और कम लागत पर काम करने में सफल होती हैं, तो इनका इस्तेमाल औद्योगिक और आपातकालीन क्षेत्रों में बढ़ सकता है।
फिलहाल इतना स्थापित है कि इंसान को लेकर चलने वाला रोबोटिक घोड़ा अब केवल साइंस-फिक्शन की कल्पना नहीं रह गया है। लेकिन इसे बड़े पैमाने पर व्यावहारिक परिवहन या कामकाजी मशीन मानने से पहले इसकी विश्वसनीयता, लागत और सुरक्षा पर और ठोस डेटा की जरूरत है।
विश्व रोबोट सम्मेलन में क़िजी एक्स1 का प्रदर्शन चीन की रोबोटिक्स इंडस्ट्री में एक दिलचस्प तकनीकी दिशा दिखाता है। चार पैरों वाला यह रोबोट इंसान को लेकर चल सकता है और कठिन सतहों पर इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है, लेकिन इसकी असली कामयाबी प्रदर्शन से नहीं, वास्तविक दुनिया में लगातार उपयोगिता से तय होगी। रोबोटिक्स की दौड़ अब केवल यह दिखाने की नहीं है कि मशीन क्या कर सकती है। असली सवाल यह है कि वह किस काम को कितनी सुरक्षित, भरोसेमंद और आर्थिक तरीके से कर सकती है। यही कसौटी क़िजी एक्स1 और आने वाली रोबोटिक मशीनों के भविष्य का फैसला करेगी।
क़िजी एक्स1 डैक्सएआई का चार पैरों वाला रोबोटिक वाहन है, जिसे इंसान को लेकर चलने और कठिन सतहों पर संचालन के लिए प्रदर्शित किया गया है।
इसे अगस्त 2026 में बीजिंग में आयोजित विश्व रोबोट सम्मेलन में प्रदर्शित किया गया। सम्मेलन 19 से 23 अगस्त तक आयोजित हो रहा है।
हां। सम्मेलन के प्रदर्शन में एक व्यक्ति को क़िजी एक्स1 पर सवारी करते हुए दर्ज किया गया है।
उपलब्ध रिपोर्टों में ऑफ-रोड परिवहन, भारी सामान ढोने और आपातकालीन सहायता जैसे संभावित इस्तेमाल बताए गए हैं।
फिलहाल ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगा। मशीन की वास्तविक व्यावसायिक उपयोगिता के लिए सुरक्षा, लागत, बैटरी क्षमता और लंबे समय तक संचालन का स्वतंत्र परीक्षण जरूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।