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हेग अदालत के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, 17 लोग घायल

Harish Qureshi • 2026-10-06 12:17:06
हेग अदालत के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, 17 लोग घायल
  • कोसोवो में युद्ध अपराध अदालत पर बवाल, प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प
  • कोसोवो में युद्ध अपराध अदालत को लेकर हिंसक प्रदर्शन, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी

  • थाची की सजा के बाद कोसोवो में बढ़ा गुस्सा, संसद के बाहर पुलिस से टकराव


  • कोसोवो की राजधानी प्रिस्टिना में हेग स्थित युद्ध अपराध अदालत के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार की, 17 लोग घायल हुए और 3 गिरफ्तारियां हुईं।


    प्रिस्टिना, कोसोवो | 6 October 2026

    By Mohd Haris


    युद्ध अपराध अदालत को लेकर कोसोवो में हिंसा

    कोसोवो की राजधानी प्रिस्टिना में हेग स्थित युद्ध अपराध अदालत के अधिकारों को सीमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संसद तथा सरकारी इमारतों के बाहर झड़प हुई।

    पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थर और पटाखे फेंके गए। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल करके भीड़ को पीछे हटाया। पुलिस के अनुसार कम से कम 17 लोग घायल हुए, जिनमें 6 पुलिसकर्मी शामिल हैं। 3 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। 


    विवाद की जड़ में क्या है?

    विवाद Kosovo Specialist Chambers को लेकर है। यह अदालत नीदरलैंड्स के हेग में स्थित है और 1998 से 2000 के बीच कोसोवो संघर्ष के दौरान तथा उसके बाद कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई करती है। अदालत की स्थापना कोसोवो के कानून और अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत हुई थी। 

    कोसोवो में अदालत को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक विवाद रहा है। इसका बड़ा कारण यह है कि अदालत ने Kosovo Liberation Army यानी KLA के पूर्व नेताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की है।

    कई कोसोवो अल्बानियाई KLA को सर्बियाई दमन के खिलाफ स्वतंत्रता संघर्ष का प्रतीक मानते हैं। इसलिए पूर्व KLA कमांडरों को युद्ध अपराधों में दोषी ठहराए जाने के बाद देश में आक्रोश बढ़ा है। 


    हाशिम थाची को 25 साल की सजा

    हेग स्थित कोसोवो विशेषज्ञ चैंबर्स ने पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची को युद्ध अपराधों के मामले में दोषी ठहराया और 25 साल की जेल की सजा सुनाई।

    अदालत ने थाची, कदरी वेसेली, रेक्सहेप सेलिमी और याकुप क्रास्नीकी को मनमानी हिरासत, क्रूर व्यवहार, यातना और हत्या से जुड़े युद्ध अपराधों के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार माना। चारों को क्रमशः 25, 18, 13 और 25 साल की सजा सुनाई गई। 

    अदालत ने मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में चारों को दोषी नहीं ठहराया, क्योंकि अभियोजन पक्ष व्यापक या व्यवस्थित हमले को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। चारों आरोपियों ने फैसले के खिलाफ अपील की है। 


    प्रदर्शन क्यों भड़का?

    फैसले के बाद कोसोवो में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा वर्ग अदालत के फैसले को अन्यायपूर्ण मानता है और उनका कहना है कि इससे KLA के स्वतंत्रता संघर्ष की छवि प्रभावित होती है।

    सोमवार को विरोध का केंद्र संसद और सरकारी इमारतों के आसपास रहा। प्रदर्शनकारी चाहते थे कि संसद ऐसा कानून पारित करे जिससे हेग स्थित अदालत की शक्तियों और फैसलों पर सीमाएं लगाई जा सकें। 

    पुलिस के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारियों ने संसद की सुरक्षा घेराबंदी के भीतर जाने की कोशिश की और सरकारी इमारतों की ओर पायरोटेक्निक सामग्री फेंकी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की थी। 


    संसद में कानून पर क्या हुआ?

    प्रदर्शन के बीच कोसोवो की संसद ने सोमवार को Specialist Chambers से संबंधित कानून में संशोधन के प्रस्ताव को पहली बार मंजूरी दी।

    प्रस्तावित बदलावों में दोषसिद्ध लोगों की अधिकतम जेल सजा 15 साल तक सीमित करने, कोसोवो की सुप्रीम कोर्ट में अपील का रास्ता देने और कुछ मामलों में सजा को कोसोवो में ही काटने की अनुमति देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। प्रस्ताव में राष्ट्रपति को दोषसिद्ध लोगों को माफी देने की व्यवस्था का भी उल्लेख है। 

    हालांकि पहली मंजूरी के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ने पर राजनीतिक मतभेद सामने आ गए। प्रधानमंत्री अल्बिन कुर्ती ने संशोधनों को जल्दबाजी में तैयार और पर्याप्त विश्लेषण के बिना लाया गया प्रस्ताव बताया। उनकी पार्टी ने पहली वोटिंग का समर्थन किया, लेकिन उसी दिन दूसरी वोटिंग के लिए समर्थन नहीं दिया। 


    संसद के बाहर पुलिस से टकराव

    कानूनी बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी संसद के आसपास जमा रहे। कुछ लोगों ने पटाखे और अन्य वस्तुएं पुलिस की ओर फेंकीं।

    कोसोवो पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार सुरक्षा बलों ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की। पुलिस ने यह भी कहा कि नागरिकों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध करने का अधिकार है। 

    घटना के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ने पर आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया गया। उपलब्ध आधिकारिक और स्वतंत्र रिपोर्टों में घायलों की संख्या में अंतर दिखता है, लेकिन पुलिस और अस्पताल से जुड़ी रिपोर्टों में कई लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। 


    कोसोवो की राजनीति पर भी असर

    अदालत को लेकर विवाद ऐसे समय तेज हुआ है जब कोसोवो पहले से राजनीतिक गतिरोध से गुजर रहा है।

    कोसोवो विशेषज्ञ चैंबर्स से जुड़े कानून में बदलाव का मुद्दा राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक बातचीत से भी जुड़ गया है। विपक्षी कोसोवो की डेमोक्रेटिक पार्टी यानी PDK ने अदालत से जुड़े कानून में बदलाव को अपने राजनीतिक समर्थन से जोड़ा है, जबकि कुर्ती की पार्टी पहले राष्ट्रपति चुनाव को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है। 

    इससे अदालत का मुद्दा अब केवल न्यायिक विवाद नहीं रहा। यह संसद, सरकार और विपक्ष के बीच व्यापक राजनीतिक खींचतान का हिस्सा बन गया है।


    अदालत का पक्ष क्या है?

    कोसोवो विशेषज्ञ चैंबर्स खुद को स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक संस्था के रूप में परिभाषित करता है। अदालत के मुताबिक उसका उद्देश्य किसी समुदाय या संगठन को सामूहिक रूप से जिम्मेदार ठहराना नहीं, बल्कि व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी तय करना है। 

    अदालत का अधिकार क्षेत्र 1998 से 2000 के बीच कोसोवो संघर्ष के दौरान और उसके बाद किए गए कुछ अपराधों तक सीमित है। इसमें युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और न्याय व्यवस्था में बाधा डालने से जुड़े अपराध शामिल हैं।

    यही बिंदु मौजूदा राजनीतिक विवाद में अहम है। प्रदर्शनकारी अदालत के फैसलों और अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि अदालत अपने निर्धारित कानूनी जनादेश के तहत मामलों की सुनवाई कर रही है।


    हिंसा का असर कितना बड़ा?

    प्रिस्टिना की ताजा हिंसा कोसोवो में बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक तनाव का संकेत देती है। पिछले कई दिनों से युद्ध अपराधों के फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे, लेकिन ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे थे।

    अब संसद के बाहर पुलिस के साथ टकराव ने स्थिति को ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि विवाद न्यायपालिका, पूर्व KLA नेताओं, कोसोवो की स्वतंत्रता की विरासत और मौजूदा राजनीतिक सत्ता के बीच जुड़ गया है।

    वीडियो देखें

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    Harish Qureshi

    Harish Qureshi

    Shah Times Reporter

    शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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