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हाशिम थाची को युद्ध अपराधों में 25 साल की सजा, हेग अदालत के फैसले से कोसोवो में सियासी भूचाल

Harish Qureshi 2026-09-16 16:56:51
हाशिम थाची को युद्ध अपराधों में 25 साल की सजा, हेग अदालत के फैसले से कोसोवो में सियासी भूचाल

हेग स्थित कोसोवो स्पेशलिस्ट चैंबर्स ने पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची को 1998-99 के कोसोवो संघर्ष के दौरान हुए हत्या, यातना, क्रूर व्यवहार और मनमानी हिरासत से जुड़े युद्ध अपराधों में दोषी ठहराकर 25 साल की सजा सुनाई है।


The Hague | 16 September 2026

By Mohd Haris


हेग अदालत का बड़ा फैसला


कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची को 1998-99 के कोसोवो युद्ध के दौरान हुए युद्ध अपराधों के मामले में 25 साल जेल की सजा सुनाई गई है। हेग स्थित कोसोवो स्पेशलिस्ट चैंबर्स ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए थाची को चार युद्ध अपराधों में दोषी करार दिया।


अदालत के मुताबिक इन अपराधों में हत्या, यातना, क्रूर व्यवहार और मनमानी या अवैध हिरासत शामिल हैं। फैसला उस लंबे मुकदमे के बाद आया है, जिसकी सुनवाई अप्रैल 2023 में शुरू हुई थी और जिसमें 134 गवाहों ने अदालत के सामने गवाही दी।


अदालत ने किन अपराधों में दोषी माना


अदालत के निष्कर्ष के मुताबिक थाची और उनके तीन सह-आरोपियों को 385 लोगों की मनमानी हिरासत, 303 लोगों पर यातना, 49 लोगों के साथ क्रूर व्यवहार और 96 लोगों की हत्या से जुड़े युद्ध अपराधों के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार माना गया।


अदालत ने कहा कि जिन लोगों को निशाना बनाया गया, उनमें कोसोवो लिबरेशन आर्मी यानी केएलए के कथित राजनीतिक विरोधी, सर्बियाई पक्ष से सहयोग के संदिग्ध लोग और कुछ अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्य शामिल थे।


अदालत के मुताबिक कई पीड़ितों के खिलाफ अपराध में शामिल होने या सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा होने का पर्याप्त आधार नहीं था। फैसले में थाची की नेतृत्व भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया।


मानवता के खिलाफ आरोपों पर राहत


फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अदालत ने थाची और अन्य आरोपियों को मानवता के खिलाफ लगाए गए 6 आरोपों में दोषी नहीं ठहराया।


इन आरोपों में उत्पीड़न, कैद, अन्य अमानवीय कृत्य, यातना, हत्या और जबरन गायब किए जाने जैसे आरोप शामिल थे। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पर्याप्त रूप से सफल नहीं हुआ कि नागरिक आबादी के खिलाफ व्यापक या व्यवस्थित हमला हुआ था।


इसका अर्थ यह है कि फैसला अभियोजन पक्ष के सभी आरोपों को स्वीकार करने वाला फैसला नहीं था। अदालत ने कुछ विशिष्ट युद्ध अपराधों में दोषसिद्धि की, जबकि अन्य गंभीर आरोपों में पर्याप्त प्रमाण न होने के आधार पर दोषमुक्त किया।


हाशिम थाची कौन हैं


हाशिम थाची कोसोवो की आधुनिक राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में रहे हैं। 1990 के दशक में वह कोसोवो लिबरेशन आर्मी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और कोसोवो के राष्ट्रपति पद तक पहुंचे।


कोसोवो में उन्हें कई लोग सर्बियाई शासन के खिलाफ संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख चेहरों में देखते रहे हैं। दूसरी ओर, युद्ध के दौरान केएलए से जुड़े कथित अपराधों की अंतरराष्ट्रीय जांच लंबे समय से चलती रही है।


थाची ने अदालत के सामने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया था और खुद को निर्दोष बताया था।


मुकदमे की शुरुआत कैसे हुई


हाशिम थाची, कादरी वेसली, रेक्सहेप सेलिमी और जाकुप क्रास्नीकी के खिलाफ अभियोग अक्टूबर 2020 में पुष्टि हुआ था। बाद में इसमें कई संशोधन किए गए और फरवरी 2023 में मौजूदा अभियोग का संशोधित संस्करण दाखिल किया गया।


चारों आरोपियों को नवंबर 2020 में हेग स्थित कोसोवो स्पेशलिस्ट चैंबर्स की हिरासत में स्थानांतरित किया गया था।


मुकदमे की औपचारिक शुरुआत 3 अप्रैल 2023 को हुई। अभियोजन पक्ष ने अप्रैल 2025 में अपना मामला पूरा किया। इसके बाद पीड़ितों के प्रतिनिधि और बचाव पक्ष ने अपने साक्ष्य पेश किए। दिसंबर 2025 में साक्ष्य संबंधी कार्यवाही पूरी हुई और फरवरी 2026 में अंतिम दलीलें हुईं।


134 गवाहों की गवाही


यह मुकदमा केवल राजनीतिक रूप से संवेदनशील नहीं था, बल्कि कानूनी दृष्टि से भी बेहद जटिल रहा। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार कुल 134 गवाहों ने अदालत में गवाही दी।


इनमें 125 गवाह अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए थे। पीड़ितों की ओर से 2 गवाह और बचाव पक्ष की ओर से 7 गवाह पेश हुए। इसके अलावा लिखित रूप में भी बड़ी संख्या में गवाहों के बयान रिकॉर्ड का हिस्सा बने।


अदालत ने फैसले की तारीख तय करने से पहले साक्ष्यों की विशाल मात्रा और मामले की जटिलता को देखते हुए विचार-विमर्श के लिए अतिरिक्त समय लिया था।


थाची के साथ तीन अन्य पूर्व केएलए नेता


यह मुकदमा केवल हाशिम थाची के खिलाफ नहीं था। कादरी वेसली, रेक्सहेप सेलिमी और जाकुप क्रास्नीकी भी इसी मामले में आरोपी थे।


चारों पर अभियोजन पक्ष ने अलग-अलग रूपों में व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी का आरोप लगाया था। आरोपों का संबंध उन अपराधों से था जिन्हें अभियोजन पक्ष के अनुसार केएलए के सदस्यों ने मार्च 1998 से सितंबर 1999 के बीच कोसोवो और उत्तरी अल्बानिया के कुछ इलाकों में अंजाम दिया था।


इस मामले की खास बात यह है कि अदालत ने किसी पूरे संगठन को सामूहिक रूप से दोषी घोषित करने के बजाय प्रत्येक आरोपी की व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी का परीक्षण किया।


1998-99 का कोसोवो संघर्ष


कोसोवो युद्ध 1998-99 के दौरान सर्बियाई और यूगोस्लाव सुरक्षा बलों तथा कोसोवो लिबरेशन आर्मी के बीच संघर्ष का केंद्र बना था।


इस संघर्ष में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ और नागरिक आबादी प्रभावित हुई। नाटो के सैन्य हस्तक्षेप के बाद जून 1999 में संघर्ष का एक प्रमुख चरण समाप्त हुआ और कोसोवो अंतरराष्ट्रीय प्रशासन के अधीन चला गया।


बाद में कोसोवो ने 2008 में स्वतंत्रता की घोषणा की। हालांकि सर्बिया आज भी कोसोवो की स्वतंत्रता को मान्यता नहीं देता।

इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में थाची का राजनीतिक कद बढ़ा और वह कोसोवो के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचे।


अदालत के फैसले का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी पहलू


इस फैसले को केवल एक पूर्व राष्ट्रपति की सजा के रूप में देखना अधूरा होगा। मामला इस सवाल से भी जुड़ा है कि युद्ध के दौरान राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की आपराधिक जिम्मेदारी किस तरह तय की जाती है।


अदालत ने थाची की नेतृत्व भूमिका और अपराधों से जुड़े उनके योगदान का परीक्षण किया। अदालत के निष्कर्ष के मुताबिक उन्होंने कथित साझा आपराधिक उद्देश्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


साथ ही अदालत ने मानवता के खिलाफ सभी आरोपों को स्वीकार नहीं किया। यह अंतर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय की प्रक्रिया को समझने के लिए अहम है।


अभियोजन पक्ष ने 45 साल की सजा मांगी थी


मुकदमे के अंतिम चरण में अभियोजन पक्ष ने थाची और तीनों अन्य आरोपियों के लिए 45 साल की जेल की सजा की मांग की थी।


अंतिम फैसला इससे कम रहा। अदालत ने थाची को 25 साल की सजा सुनाई। थाची के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है।

इसलिए मौजूदा फैसला महत्वपूर्ण है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का अंतिम चरण अभी बाकी हो सकता है।


कोसोवो में तीखी प्रतिक्रिया


हेग के फैसले का कोसोवो में भावनात्मक असर देखने को मिला। थाची और दूसरे पूर्व केएलए नेताओं के समर्थकों ने फैसले का विरोध किया।


प्रिस्टिना में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और पूर्व केएलए नेताओं के समर्थन में नारे लगाए। कई समर्थक इन नेताओं को कोसोवो की स्वतंत्रता की लड़ाई से जोड़कर देखते हैं।


यही वजह है कि हेग का यह फैसला केवल कानूनी घटना नहीं है। इसका असर कोसोवो की राजनीतिक स्मृति, युद्ध की व्याख्या और सर्बिया-कोसोवो संबंधों पर भी पड़ सकता है।


युद्ध की विरासत और न्याय का सवाल


कोसोवो का मामला बाल्कन क्षेत्र में युद्ध और न्याय के बीच लंबे संघर्ष की याद दिलाता है।


युद्ध समाप्त होने के लगभग 3 दशक बाद भी उस दौर के अपराधों की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पीड़ित परिवारों के लिए अदालत के फैसले जवाबदेही का एक माध्यम हो सकते हैं, जबकि युद्ध के पूर्व नेताओं के समर्थक अक्सर ऐसे मुकदमों को अपने ऐतिहासिक संघर्ष की एकतरफा व्याख्या के रूप में देखते हैं।


अदालत का काम इन राजनीतिक और ऐतिहासिक दावों के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानून के आधार पर व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी तय करना था।


आगे क्या होगा


25 साल की सजा के बावजूद मामला तत्काल समाप्त नहीं माना जा सकता। थाची और अन्य दोषियों को फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया में अपीलीय स्तर पर दोषसिद्धि और सजा की समीक्षा हो सकती है। इसलिए मौजूदा फैसला महत्वपूर्ण ट्रायल जजमेंट है, लेकिन इसके अंतिम कानूनी परिणाम के लिए आगे की कार्यवाही पर नजर रखनी होगी।


निष्कर्ष


हाशिम थाची को 25 साल की सजा कोसोवो युद्ध से जुड़े अंतरराष्ट्रीय न्याय की प्रक्रिया में एक अहम पड़ाव है। अदालत ने उन्हें हत्या, यातना, क्रूर व्यवहार और मनमानी हिरासत से जुड़े युद्ध अपराधों में दोषी ठहराया, लेकिन मानवता के खिलाफ सभी आरोपों में दोषी नहीं माना।


यह फैसला कोसोवो के उस जटिल इतिहास को फिर सामने लाता है जिसमें स्वतंत्रता संघर्ष, युद्ध अपराध, राजनीतिक नेतृत्व और न्याय की मांग एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।


हेग की अदालत का फैसला अब कानूनी अपील के साथ-साथ कोसोवो की राजनीतिक और सामाजिक बहस का भी हिस्सा बनेगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अपीलीय प्रक्रिया क्या रुख लेती है और यह फैसला कोसोवो में युद्ध की विरासत तथा क्षेत्रीय संबंधों को किस तरह प्रभावित करता है।


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Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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