दिल्ली-एनसीआर में महंगे प्याज से राहत के लिए केंद्र ने बफर स्टॉक से ₹35 किलो बिक्री शुरू की। नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ दिल्ली पहुंची, बिक्री केंद्रों और मोबाइल वैन की संख्या बढ़ाई गई।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 28 अगस्त 2026
✍️ Mohd Naved
दिल्ली में महंगे प्याज के बीच सरकारी राहत
दिल्ली-एनसीआर में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की रियायती बिक्री शुरू कर दी है। सरकारी बिक्री केंद्रों और मोबाइल वैन के जरिए प्याज ₹35 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है।
महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से प्याज लेकर चली ‘कांदा एक्सप्रेस’ भी दिल्ली पहुंच गई है। सरकारी हस्तक्षेप का मकसद बाजार में सप्लाई बढ़ाना और कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव पर काबू पाना है।
खुले बाजार में कीमत काफी ज्यादा
दिल्ली के कई बाजारों में प्याज की खुदरा कीमत ₹60 से ₹70 प्रति किलो तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है। इसके मुकाबले सरकारी बिक्री में ₹35 प्रति किलो का भाव रखा गया है। इससे उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर कम कीमत पर प्याज खरीदने का विकल्प मिल रहा है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने 27 अगस्त को दिल्ली में NCCF और NAFED की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर इस पहल की शुरुआत की थी। पहले चरण में सीमित स्थानों से बिक्री शुरू हुई और इसके बाद वितरण नेटवर्क को विस्तारित किया गया।
‘कांदा एक्सप्रेस’ से दिल्ली पहुंची खेप
प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार रेल नेटवर्क का भी इस्तेमाल कर रही है। नासिक के लासलगांव से दिल्ली के लिए भेजी गई ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुक्रवार को आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पहुंची।
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक इस खेप में करीब 450 मीट्रिक टन प्याज लोड किया गया था। शुरुआती योजना इससे बड़ी खेप भेजने की थी, लेकिन वास्तविक लोडिंग में बदलाव हुआ और ट्रेन को रवाना होने में भी देरी हुई।
सरकार का मकसद उत्पादन वाले इलाकों से बड़े उपभोक्ता केंद्रों तक प्याज को तेजी से पहुंचाना है। इससे स्थानीय बाजारों में सप्लाई की कमी की स्थिति बनने से पहले सरकारी स्टॉक को इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कहां मिलेगा ₹35 किलो प्याज
दिल्ली में सरकारी प्याज की बिक्री के लिए मोबाइल वैन और निर्धारित आउटलेट इस्तेमाल किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बिक्री नेटवर्क को 40 से ज्यादा स्थानों तक विस्तारित किया जा रहा है।
प्रमुख स्थानों में CGO कॉम्प्लेक्स, कृषि भवन, NCUI कॉम्प्लेक्स, CR पार्क, पुष्पा भवन, INA मार्केट, लाजपत नगर, जंगपुरा, विश्वविद्यालय मेट्रो, नरेला, रोहिणी, शालीमार बाग, कीर्ति नगर, बवाना JJ कॉलोनी, प्रेमनगर, दिल्ली कैंट, अलीपुर, शाहबाद और भजनपुरा जैसे इलाके शामिल हैं।
मोबाइल वैन की लोकेशन और रोजाना उपलब्ध स्टॉक बदल सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले संबंधित दिन की आधिकारिक NCCF या NAFED लोकेशन सूचना देखना बेहतर रहेगा।
कितने केंद्रों से हो रही बिक्री
केंद्र सरकार की व्यवस्था में NCCF और NAFED दोनों को वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार 27 अगस्त से दिल्ली में 9 NCCF स्टोर, 13 NAFED स्टोर, करीब 100 केंद्रीय भंडार आउटलेट और मोबाइल वैन के जरिए बिक्री शुरू की गई।
इसके अलावा SAFAL के माध्यम से भी प्याज की बिक्री की जा रही है। NCCF और NAFED की मोबाइल वैन को अलग-अलग इलाकों में भेजा जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को स्थायी दुकानों तक जाने की जरूरत कम पड़े।
कीमतों में तेजी क्यों आई
प्याज की कीमतों में अगस्त के दौरान तेजी देखी गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 26 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत करीब ₹37.87 प्रति किलो थी। दिल्ली-एनसीआर के कई बाजारों में कीमत इससे काफी ऊपर थी।
इससे पहले 25 अगस्त को अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत ₹44.72 प्रति किलो बताई गई थी, जो एक महीने पहले के ₹34.80 के मुकाबले करीब 28% अधिक थी। एक साल पहले यह औसत ₹28.67 प्रति किलो था।
सरकारी और उद्योग स्तर पर कीमतों में मौसमी मांग, सप्लाई-चेन में बदलाव, मौसम से जुड़ी दिक्कतों और त्योहारों से पहले बढ़ती मांग जैसे कारकों को प्रमुख वजहों में गिना गया है।
सरकार के पास कितना बफर स्टॉक
केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों में तेजी की स्थिति से निपटने के लिए बफर स्टॉक बनाया है। 2026 के लिए विभिन्न उत्पादन क्षेत्रों में करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा गया था। इसी स्टॉक का एक हिस्सा बाजार में उतारा जा रहा है।
सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है। 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन करीब 307.37 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष के करीब 307.67 लाख टन उत्पादन के लगभग बराबर है।
इस आधार पर सरकार ने फिलहाल निर्यात पर नया प्रतिबंध लगाने के बजाय घरेलू बाजार में बफर स्टॉक जारी करने और लॉजिस्टिक्स मजबूत करने का रास्ता अपनाया है।
दिल्ली से आगे भी बढ़ेगी सप्लाई
केंद्र की रणनीति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। बफर स्टॉक से प्याज को रेल और सड़क मार्ग के जरिए दूसरे बड़े उपभोक्ता केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै, गुवाहाटी और अन्य शहरों के लिए भी रेल आधारित आपूर्ति की योजना बनाई गई है। दिल्ली के अलावा उत्तर भारत के कई बाजारों में भी सप्लाई बढ़ाने पर जोर है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में 86 रेलवे रेक के जरिए करीब 88,000 मीट्रिक टन प्याज 16 शहरों तक पहुंचाया गया था।
त्योहारी सीजन से पहले चुनौती
अगस्त से सितंबर के बीच प्याज की कीमतों में मौसमी दबाव देखने को मिलता है। आने वाले त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से सप्लाई और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। उपभोक्ता मामले विभाग ने कहा है कि वह कीमतों, आवक और उपलब्धता पर लगातार निगरानी रख रहा है।
सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ उपभोक्ताओं को सस्ता प्याज उपलब्ध कराना है, दूसरी तरफ खुले बाजार में सामान्य सप्लाई को बनाए रखना है। केवल सरकारी बिक्री से बाजार की कीमत कितनी देर और कितनी मात्रा में प्रभावित होगी, यह आने वाले हफ्तों की आवक और मांग पर निर्भर करेगा।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखता है
दिल्ली में ₹35 प्रति किलो की सरकारी बिक्री और खुले बाजार में इससे काफी अधिक कीमत के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में कम आय वाले और नियमित रूप से प्याज खरीदने वाले परिवारों के लिए सरकारी केंद्र राहत का अहम माध्यम बन सकते हैं।
हालांकि मोबाइल वैन पर उपलब्धता सीमित हो सकती है और स्थान रोज बदल सकते हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले संबंधित दिन की बिक्री सूचना और उपलब्धता की पुष्टि करनी चाहिए।
आगे क्या होगा
केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली और दूसरे शहरों में बफर स्टॉक से और प्याज भेजा जाएगा। रेल और सड़क नेटवर्क के जरिए सप्लाई बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद है।
आने वाले दिनों में सबसे महत्वपूर्ण संकेत मंडियों में प्याज की आवक, खुदरा कीमतों और सरकारी स्टॉक की उपलब्धता से मिलेंगे। यदि सप्लाई पर्याप्त बनी रहती है, तो सरकारी हस्तक्षेप कीमतों पर दबाव कम करने में मदद कर सकता है। वहीं त्योहारी मांग और नई फसल की आवक में देरी जैसी स्थिति बनी रही तो कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।
फिलहाल दिल्ली के उपभोक्ताओं के लिए सबसे सीधा विकल्प सरकारी बिक्री केंद्र और मोबाइल वैन हैं, जहां बफर स्टॉक का प्याज ₹35 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है।