अमेरिका में भारतीय मूल की महिला निकिता गोडिशाला की हत्या के मामले में करीब 8 महीने से वांछित अर्जुन शर्मा को आगरा से गिरफ्तार किया गया है। 27 वर्षीय निकिता का शव 31 दिसंबर 2025 की रात हुई कथित हत्या के बाद मैरीलैंड के कोलंबिया स्थित एक अपार्टमेंट से बरामद हुआ था। अमेरिकी अधिकारियों ने शर्मा के खिलाफ हत्या के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
आगरा, उत्तर प्रदेश | 28 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
तेलंगाना पुलिस की टीम ने शर्मा को आगरा के एक फ्लैट से पकड़ा। वह वहां छिपकर रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, निकिता के पिता की शिकायत पर दर्ज एक अलग धोखाधड़ी मामले की जांच के दौरान शर्मा का सुराग मिला। इसके बाद अमेरिकी हत्या मामले में उसके खिलाफ लंबित गैर-जमानती वारंट की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को दी गई।
निकिता गोडिशाला अमेरिका के मैरीलैंड स्थित एलिकॉट सिटी में रहती थीं और डेटा एवं स्ट्रेटेजी एनालिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 2 जनवरी 2026 को उनके लापता होने की सूचना दी गई थी। हॉवर्ड काउंटी पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान निकिता का शव कोलंबिया स्थित उस अपार्टमेंट से मिला, जहां अर्जुन शर्मा पहले उनके साथ रह चुका था। पुलिस ने शव पर चाकू से किए गए कई घावों की जानकारी दी थी। अमेरिकी पुलिस ने शर्मा के खिलाफ फर्स्ट-डिग्री और सेकंड-डिग्री मर्डर के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट हासिल किया था। पुलिस का आरोप है कि हत्या के बाद वह अमेरिका से भारत चला आया। यह आरोप फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। शर्मा को दोषी ठहराए जाने का अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि शर्मा और निकिता के रिश्ते को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने शर्मा को निकिता का पूर्व प्रेमी बताया था। दूसरी ओर, निकिता के पिता आनंद गोडिशाला ने मीडिया से कहा कि दोनों रूममेट थे और उन्होंने हत्या के पीछे आर्थिक विवाद होने की आशंका जताई। इसलिए खबर में शर्मा को सीधे “हत्यारा” कहना कानूनी तौर पर उचित नहीं होगा। वह हत्या के मामले में आरोपी और अमेरिकी पुलिस द्वारा वांछित व्यक्ति है।
अर्जुन शर्मा की गिरफ्तारी की अहम कड़ी तेलंगाना में दर्ज धोखाधड़ी का मामला बना। निकिता के पिता ने अप्रैल 2026 में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि शर्मा ने निकिता से पैसे लिए और उन्हें वापस नहीं किया। इसी शिकायत की जांच के दौरान तेलंगाना पुलिस को शर्मा के भारत में होने के बारे में सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम आगरा पहुंची और उसे एक फ्लैट में ट्रैक किया। पुलिस ने उसे धोखाधड़ी मामले में नोटिस दिया। जांच के दौरान सामने आया कि अमेरिकी हत्या मामले में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट पहले से लंबित था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों को सूचना दी गई और शर्मा को दिल्ली लाया गया।
शर्मा को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में पेश किया गया। अदालत ने 25 अगस्त को उसे हिरासत में भेज दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत के समक्ष अमेरिका की ओर से उसके प्रत्यर्पण से जुड़ी कार्रवाई भी आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने माना कि अमेरिकी आरोप भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के दायरे में आते हैं और प्रत्यर्पण अनुरोध तथा संबंधित साक्ष्यों की प्रक्रिया जारी है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी भारतीय अधिकारियों से शर्मा के हिरासत में लिए जाने की पुष्टि प्राप्त होने की बात कही है। हालांकि, उसे अमेरिका कब भेजा जाएगा, इसकी कोई निश्चित समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
निकिता के परिवार ने आर्थिक विवाद को मामले की अहम कड़ी बताया है। परिवार के मुताबिक, शर्मा ने 2025 के अगस्त या सितंबर के आसपास नौकरी गंवाई थी और इसके बाद उसने निकिता तथा उनके परिवार से पैसे उधार लिए थे। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि निकिता की मौत से पहले शर्मा पर उनसे जुड़ी रकम बकाया थी और अमेरिका में दूसरे लोगों के साथ भी उसके वित्तीय लेनदेन थे। इन दावों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए आर्थिक विवाद को हत्या का निश्चित मकसद बताना फिलहाल उचित नहीं होगा।
निकिता करीब 4 साल से अमेरिका में रह रही थीं। वह हेल्थ और डेटा से जुड़े क्षेत्र में काम कर रही थीं और डेटा एवं स्ट्रेटेजी एनालिस्ट के तौर पर कार्यरत थीं। जनवरी में उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार ने उन्हें मेहनती और पेशेवर जीवन में आगे बढ़ रही बेटी के तौर पर याद किया था। उनकी मौत के बाद परिवार ने शव को भारत लाने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद परिवार ने इसे मामले में अहम कानूनी प्रगति बताया है।
यह मामला दो देशों की कानून-व्यवस्था से जुड़ा है। हत्या की मूल जांच हॉवर्ड काउंटी पुलिस कर रही है, जबकि भारत में तेलंगाना पुलिस ने अलग धोखाधड़ी शिकायत की जांच के दौरान शर्मा को ट्रैक किया। अमेरिकी एजेंसियों की ओर से गिरफ्तारी वारंट और प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद भारतीय केंद्रीय एजेंसियां भी प्रक्रिया में शामिल हुईं। यही समन्वय आगरा में गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की अदालत तक मामले को लेकर गया।
अब अगला अहम चरण प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया है।
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि शर्मा को तुरंत अमेरिका भेज दिया जाएगा। प्रत्यर्पण एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित अदालतें अमेरिकी अनुरोध, आरोपों और दस्तावेजों की समीक्षा करती हैं। दिल्ली की अदालत में इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। अमेरिकी अधिकारियों ने शर्मा की हिरासत की पुष्टि की है और उसके प्रत्यर्पण की उम्मीद जताई है, लेकिन वापसी की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस दौरान भारत में भी उसके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी मामले की जांच जारी रह सकती है।
निकिता की मौत के बाद शर्मा के भारत आने और उसके बाद आगरा में छिपे होने ने मामले को अंतरराष्ट्रीय जांच का रूप दे दिया था। करीब 8 महीने बाद हुई गिरफ्तारी से अब अमेरिकी हत्या मामले की न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है। इस मामले की सबसे अहम कड़ी यह है कि अमेरिकी हत्या मामले में वांछित व्यक्ति भारत में एक अलग केस की जांच के दौरान पुलिस की पकड़ में आया। इससे अंतरराष्ट्रीय अपराध मामलों में अलग-अलग जांच एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की अहमियत भी सामने आती है।
अब अमेरिकी अधिकारी प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत भारत से शर्मा की हिरासत और उसके बाद अमेरिका में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। भारत में अदालत यह देखेगी कि प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी शर्तें पूरी होती हैं या नहीं। इस बीच निकिता के परिवार के लिए यह गिरफ्तारी लंबे समय से चल रही तलाश में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मामले में हत्या का आरोप गंभीर है, लेकिन अंतिम दोषसिद्धि अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी। फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इतना स्पष्ट है कि अमेरिकी पुलिस द्वारा वांछित अर्जुन शर्मा भारत में पकड़ा जा चुका है और अब भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण प्रक्रिया इस मामले की अगली बड़ी कड़ी होगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।