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पश्चिम बंगाल: 9 कैमक स्ट्रीट की इमारत खाली करने का नोटिस, अभिषेक बनर्जी का कार्यालय भी घेरे में

Wasi Siddiqui • 2026-09-04 16:35:26
पश्चिम बंगाल: 9 कैमक स्ट्रीट की इमारत खाली करने का नोटिस, अभिषेक बनर्जी का कार्यालय भी घेरे में

कोलकाता के 9 कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी से जुड़े कार्यालय पर कानूनी और अग्नि-सुरक्षा संबंधी कार्रवाई हुई है। भवन मालिक ने परिसर खाली कराने की मांग की है।

लोकेशन

कोलकाता, पश्चिम बंगाल

Date 4/9/2026

By Wasi Siddiqui


कोलकाता के 9 कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कार्यालय को लेकर विवाद अब संपत्ति, प्रशासनिक अनुमति और अग्नि-सुरक्षा के मोर्चे तक पहुंच गया है। भवन की मालकिन की ओर से दो मंज़िल खाली कराने के लिए कानूनी नोटिस दिए जाने के बाद अब पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने भी परिसर में कथित सुरक्षा खामियों पर जवाब मांगा है।

यह कार्यालय तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ा हुआ है। पिछले दिनों इसी परिसर में कथित तौर पर अनधिकृत पार्टी होर्डिंग हटाने को लेकर कोलकाता नगर निगम, पुलिस और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मामला पुलिस जांच और न्यायिक स्तर तक भी पहुंचा।

भवन मालिक ने क्यों दिया खाली करने का नोटिस

9 कैमक स्ट्रीट की इमारत की मालकिन रमा देवी गोयनका की ओर से उनके वकील ने दो मंज़िल खाली कराने के लिए कानूनी नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी। वकील के अनुसार, वर्ष 2020 में तृणमूल यूथ कांग्रेस और भवन मालिक के बीच दस वर्ष की अवधि के लिए एक समझौता हुआ था।

भवन मालिक का आरोप है कि समझौते में तय शर्तों को पूरा किए बिना परिसर के दो हिस्सों पर कब्ज़ा लिया गया। इसमें कोलकाता नगर निगम से कंप्लीशन सर्टिफिकेट हासिल करने की शर्त भी शामिल होने का दावा किया गया है। इन आरोपों पर अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित दस्तावेज़ों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।

रिपोर्टों के मुताबिक, भवन मालिक की ओर से पहले 24 घंटे के भीतर परिसर खाली करने की मांग की गई थी। नोटिस में कथित तौर पर समझौते की शर्तों और कब्ज़े से जुड़े विवाद को आधार बनाया गया था।

अग्निशमन विभाग की अलग कार्रवाई

मामले में नया पहलू तब जुड़ा जब पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने 9 कैमक स्ट्रीट की इमारत के संबंधित हिस्सों को लेकर शो-कॉज़ नोटिस जारी किया।

विभाग ने निरीक्षण के दौरान कई कथित अग्नि-सुरक्षा कमियों का उल्लेख किया। रिपोर्टों के अनुसार, परिसर का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट 10 अगस्त को समाप्त हो चुका था और उसका नवीनीकरण नहीं हुआ था।

अग्निशमन विभाग ने भवन मालिक और कब्जाधारक पक्ष से लिखित जवाब मांगा है। जवाब के लिए 48 घंटे की समयसीमा दी गई और अनुपालन संतोषजनक नहीं पाए जाने पर परिसर को खाली कराने या सील करने की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।

निरीक्षण में क्या खामियां मिलीं

अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान अग्निशमन व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। इनमें आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और फायर अलार्म सिस्टम से संबंधित सवाल शामिल हैं।

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, सातवीं मंज़िल के रसोई या कैफेटेरिया क्षेत्र में कई एलपीजी सिलेंडर पाए गए, जबकि उनका उल्लेख स्वीकृत योजना में नहीं होने की बात नोटिस में कही गई। विभाग ने इसे फायर लोड और जीवन सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा माना।

यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में पेश करने के बजाय उपलब्ध आधिकारिक नोटिस में दर्ज अग्नि-सुरक्षा अनुपालन के संदर्भ में देखी जानी चाहिए। अंतिम कार्रवाई विभाग की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर तय होगी।

होर्डिंग विवाद से कैसे जुड़ा मामला

9 कैमक स्ट्रीट का विवाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में तब सुर्खियों में आया, जब कोलकाता नगर निगम और पुलिस की टीम कथित तौर पर अनधिकृत होर्डिंग हटाने पहुंची।

नगर निगम अधिकारियों ने होर्डिंग को सुरक्षा जोखिम बताते हुए हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पुलिस और पार्टी समर्थकों के बीच झड़प की स्थिति बनी।

इसके बाद इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और कई लोगों को गिरफ्तार किया। अभिषेक बनर्जी तथा तृणमूल के अन्य नेताओं को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किए गए।

अभिषेक बनर्जी से पुलिस ने एक सितंबर को पूछताछ की। रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ में परिसर के कब्ज़े, लीज़ समझौते और कथित अनधिकृत ढांचागत बदलावों से जुड़े सवाल भी शामिल थे।

राजनीतिक विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई

इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक पहलू भी महत्वपूर्ण है। तृणमूल कांग्रेस और राज्य की मौजूदा राजनीतिक सत्ता के बीच पहले से तीखा राजनीतिक संघर्ष रहा है। ऐसे में पार्टी के प्रमुख नेता से जुड़े कार्यालय पर संपत्ति और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई का राजनीतिक असर होना स्वाभाविक है।

लेकिन पत्रकारिता के स्तर पर राजनीतिक आरोप और प्रशासनिक कार्रवाई अलग-अलग रखे जाने जरूरी हैं। भवन मालिक के आरोप अभी कानूनी विवाद का हिस्सा हैं। इसी तरह अग्नि-सुरक्षा संबंधी कमियों पर विभाग की ओर से नोटिस जारी होना अपने आप में अंतिम दोषसिद्धि नहीं है।

अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन सभी आरोपों पर अंतिम कानूनी स्थिति क्या होगी, यह आगे की प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

कानूनी विवाद का केंद्र क्या है

इस मामले में दो अलग सवाल उभर रहे हैं। पहला सवाल संपत्ति के इस्तेमाल और लीज़ समझौते की शर्तों से जुड़ा है। दूसरा सवाल भवन में अग्नि-सुरक्षा मानकों के पालन का है।

संपत्ति विवाद में यह तय होना जरूरी होगा कि वर्ष 2020 के समझौते की वास्तविक शर्तें क्या थीं, क्या संबंधित पक्षों ने उनका पालन किया और परिसर का कब्ज़ा किस कानूनी आधार पर हुआ।

दूसरी ओर, अग्निशमन विभाग यह देख रहा है कि परिसर में वैध फायर सेफ्टी मंजूरी मौजूद थी या नहीं और निरीक्षण में सामने आई कमियों को निर्धारित नियमों के अनुसार दूर किया गया या नहीं।

आगे क्या हो सकता है

अब संबंधित पक्षों को अग्निशमन विभाग के नोटिस का जवाब देना होगा। विभाग दस्तावेज़ों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकता है।

संपत्ति खाली कराने का विवाद अलग कानूनी प्रक्रिया का विषय है। यदि भवन मालिक और कार्यालय संचालक के बीच सहमति नहीं बनती है, तो मामला अदालत या अन्य सक्षम कानूनी मंच तक जा सकता है।

इसी बीच होर्डिंग विवाद से जुड़ी पुलिस जांच भी आगे बढ़ रही है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी और पूछताछ की प्रक्रिया का परिणाम भी आगे की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

पब्लिक इंटरेस्ट में क्यों महत्वपूर्ण है मामला

9 कैमक स्ट्रीट का घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें राजनीतिक कार्यालय, व्यावसायिक भवन, संपत्ति अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े प्रश्न एक साथ सामने आए हैं।

किसी भी व्यावसायिक या सार्वजनिक उपयोग वाले भवन में अग्नि-सुरक्षा नियमों का पालन प्राथमिक आवश्यकता है। दूसरी ओर, संपत्ति पर कब्ज़े या लीज़ अधिकार से जुड़े विवाद का समाधान दस्तावेज़ और कानून के आधार पर होना चाहिए।

इसलिए इस मामले का निष्पक्ष आकलन राजनीतिक बयानबाज़ी से अधिक आधिकारिक नोटिस, लीज़ दस्तावेज़, नगर निगम रिकॉर्ड, अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही के आधार पर किया जाना जरूरी है।

फिलहाल 9 कैमक स्ट्रीट से जुड़ा विवाद तीन समानांतर स्तरों पर आगे बढ़ रहा है। संपत्ति खाली कराने का कानूनी नोटिस, अग्नि-सुरक्षा अनुपालन की सरकारी जांच और हालिया होर्डिंग विवाद से जुड़ी पुलिस कार्रवाई। आने वाले दिनों में इन तीनों प्रक्रियाओं से यह स्पष्ट होगा कि कार्यालय का भविष्य क्या होगा और संबंधित पक्षों की कानूनी स्थिति किस दिशा में जाती है।

वीडियो देखें

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Wasi Siddiqui

Wasi Siddiqui

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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