श्रीनगर, जम्मू-कश्मी
Date 4/9/2026
By Mohd Naved
श्रीनगर एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह इंडिगो के एक यात्री विमान के साथ पार्किंग के दौरान घटना सामने आई। नवी मुंबई से श्रीनगर पहुंची उड़ान को बे नंबर छह पर ले जाते समय विमान विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम के खंभे से टकरा गया।
घटना के वक्त विमान में यात्री और क्रू सदस्य मौजूद थे। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। एयरपोर्ट पर हवाई यातायात भी प्रभावित नहीं हुआ और उड़ानों का संचालन जारी रहा।
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित उड़ान छह ई दो सौ पच्चीस थी और विमान का पंजीकरण वीटी-एनओजी बताया गया है। विमान को श्रीनगर एयरपोर्ट के बे नंबर छह पर पार्किंग के लिए ले जाया जा रहा था।
इसी दौरान विमान विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम के खंभे से टकरा गया। रिपोर्ट के अनुसार घटना सुबह करीब नौ बजकर दो मिनट पर हुई।
विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम एयरपोर्ट पर विमान को निर्धारित पार्किंग स्थान तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाने में मदद करता है। पार्किंग के दौरान विमान और आसपास मौजूद ढांचे के बीच उचित दूरी बनाए रखना विमानन सुरक्षा का अहम हिस्सा है।
घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यात्रियों और क्रू की सुरक्षा से जुड़ी रही। अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं तथा किसी को चोट नहीं आई।
इस घटना को लेकर अभी तक किसी यात्री के घायल होने या विमान में सवार लोगों को चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ने की जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना का मुख्य असर विमान और एयरपोर्ट के पार्किंग क्षेत्र तक सीमित रहा।
घटना के बाद श्रीनगर एयरपोर्ट पर हवाई यातायात सामान्य रूप से जारी रहा। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि इस घटना का एयरपोर्ट के यातायात पर असर नहीं पड़ा।
इसका मतलब है कि अन्य विमानों की आवाजाही और उड़ानों का संचालन जारी रहा। हालांकि, विमानन सुरक्षा की दृष्टि से पार्किंग क्षेत्र में हुई ऐसी घटना की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यहां विमान कम गति से चलते हुए भी एयरपोर्ट के ढांचे के बेहद करीब होता है।
सबसे अहम सवाल यह है कि विमान खंभे से कैसे टकराया। फिलहाल इसका कोई अंतिम कारण सामने नहीं आया है।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। इसलिए इस चरण में पायलट की गलती, तकनीकी खराबी, पार्किंग प्रक्रिया में चूक या किसी अन्य कारण को जिम्मेदार बताना जल्दबाजी होगी।
विमानन घटनाओं में प्रारंभिक जानकारी और अंतिम जांच निष्कर्ष के बीच अंतर रखना जरूरी होता है। किसी एक संभावित वजह को जांच पूरी होने से पहले तथ्य के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
विमान को पार्किंग बे तक पहुंचाने की प्रक्रिया में चालक दल को कई संकेतों और प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम विमान की स्थिति और पार्किंग स्थान के संबंध में मार्गदर्शन देता है।
इसके बावजूद पार्किंग प्रक्रिया में पायलट और ग्राउंड ऑपरेशन के बीच समन्वय अहम रहता है। एयरपोर्ट के आसपास मौजूद पोल, उपकरण, टर्मिनल ढांचे और अन्य संरचनाओं से विमान की सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।
श्रीनगर की घटना में जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह निर्धारित करना होगा कि विमान की पार्किंग के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किस तरह हुआ और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई।
श्रीनगर की घटना से एक दिन पहले इंडिगो की एक दूसरी उड़ान को लेकर भी खबर सामने आई थी। दोहा से बेंगलुरु जा रही उड़ान को चालक दल के एक सदस्य की तबीयत खराब होने के बाद मस्कट की ओर मोड़ दिया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार यह उड़ान ए तीन सौ इक्कीस विमान से संचालित हो रही थी। एयरलाइन ने बताया कि चालक दल के एक सदस्य को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, जिसके बाद विमान को मस्कट डायवर्ट किया गया।
मस्कट में संबंधित सदस्य को चिकित्सा दल ने उपचार दिया। एयरलाइन के अनुसार उनकी हालत बाद में बेहतर थी और यात्रियों को बेंगलुरु पहुंचाने के लिए वैकल्पिक विमान तथा नए क्रू की व्यवस्था की गई।
इन दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर किसी व्यापक सुरक्षा निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग बताई गई हैं।
श्रीनगर एयरपोर्ट की घटना में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही हैं कि विमान पार्किंग के दौरान एक खंभे से टकराया, विमान में यात्री और क्रू सवार थे, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और एयरपोर्ट का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।
अब जांच में घटना की परिस्थितियों, पार्किंग प्रक्रिया और विमान तथा एयरपोर्ट ढांचे के बीच टक्कर के कारणों की पड़ताल होगी।
जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद होगी कि टक्कर किस स्तर की थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किसी परिचालन या सुरक्षा प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत है या नहीं।
यात्रियों के लिहाज से इस घटना का सबसे अहम पहलू सुरक्षा है। विमान के एयरपोर्ट पर उतरने के बाद भी सुरक्षा प्रक्रिया खत्म नहीं होती। टैक्सींग और पार्किंग के दौरान भी विमान को निर्धारित मार्ग और पार्किंग व्यवस्था के अनुसार नियंत्रित किया जाता है।
श्रीनगर में हुई घटना यह भी दिखाती है कि एयरपोर्ट संचालन में छोटे से छोटे परिचालन क्षेत्र की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है। विमान, ग्राउंड इक्विपमेंट और एयरपोर्ट ढांचे के बीच समन्वय में किसी भी स्तर पर हुई चूक घटना का कारण बन सकती है।
हालांकि, इस मामले में अभी यह स्थापित नहीं हुआ है कि चूक किस स्तर पर हुई। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की खंभे से टक्कर एक गंभीर विमानन सुरक्षा घटना के तौर पर जांच के दायरे में है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें किसी यात्री या क्रू सदस्य को चोट नहीं आई।
एयरपोर्ट का संचालन भी जारी रहा। अब निगाह जांच के निष्कर्ष पर है। वही बताएगा कि विमान पार्किंग के दौरान टक्कर की असल वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए किन सुरक्षा उपायों की जरूरत पड़ सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।