भारतीय मूल के पूर्व टैक्सी चालक गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता संघीय अदालत ने रद्द कर दी। सिंह 2011 के बलात्कार और अपहरण मामले में 20 साल की सजा काट रहा है।
न्यूयॉर्क | 1 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
अमेरिका में भारतीय मूल के पूर्व टैक्सी चालक गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द कर दी गई है। न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की संघीय अदालत ने 26 अगस्त 2026 के आदेश में उनकी नागरिकता से जुड़ी प्राकृतिककरण प्रक्रिया को रद्द किया। अमेरिकी न्याय विभाग ने 31 अगस्त को इसकी पुष्टि की।
न्याय विभाग के मुताबिक, सिंह ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान 2011 में किए गए बलात्कार और अपहरण की वारदात छिपाई थी। अदालत के आदेश के बाद वह अब अमेरिकी नागरिक नहीं हैं।
मई 2011 में गुरमीत सिंह टैक्सी चालक के तौर पर काम कर रहे थे। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, उन्होंने एक महिला यात्री को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के बजाय ऐसी जगह ले गए जहां कोई गवाह मौजूद नहीं था।
महिला टैक्सी में सो गई थी। जागने पर उसने सिंह को अपने ऊपर पाया। न्याय विभाग के अनुसार, सिंह ने उसके गले पर चाकू रखा और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद महिला को बांधा गया और उसके साथ बलात्कार किया गया। वारदात के बाद पीड़िता टैक्सी से निकलकर सड़क पर मदद के लिए पहुंची।
इस मामले का सबसे अहम पहलू नागरिकता आवेदन से जुड़ा है।
न्याय विभाग के मुताबिक, मई 2011 में अपराध करने के कुछ ही सप्ताह बाद सिंह ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने आवेदन और प्राकृतिककरण की पूरी प्रक्रिया के दौरान इस अपराध को छिपाए रखा। 19 अक्टूबर 2011 को उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल गई।
बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। मई 2014 में न्यूयॉर्क की अदालत ने उन्हें प्रथम श्रेणी के बलात्कार और यौन अपराध के रूप में दूसरे दर्जे के अपहरण का दोषी ठहराया।
उन्हें 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई।
इस मामले में एक अहम कानूनी फर्क समझना जरूरी है। गुरमीत सिंह की नागरिकता केवल इसलिए रद्द नहीं हुई कि वह बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए गए थे।
अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत में दलील दी कि नागरिकता हासिल करने के समय सिंह ने गंभीर आपराधिक गतिविधि को छिपाया था। शिकायत में कहा गया कि उनके अपराध ने नागरिकता के लिए जरूरी अच्छे नैतिक चरित्र से जुड़ी पात्रता को प्रभावित किया था।
अदालत ने बाद में उनकी प्राकृतिककरण प्रक्रिया रद्द कर दी। इसके साथ उनकी अमेरिकी नागरिकता भी खत्म हो गई।
न्याय विभाग के अनुसार, गुरमीत सिंह फरवरी 1992 में भारत से अमेरिका पहुंचे थे। उस समय उन्हें सीमित अवधि के लिए अमेरिका आने की अनुमति मिली थी।
वह तय अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रहे। जून 2000 में पारिवारिक आधार पर मिली आव्रजन याचिका के जरिए उन्हें स्थायी निवासी का दर्जा मिला।
इसके बाद 2011 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया और उसी वर्ष अक्टूबर में नागरिक बन गए।
न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की संघीय अदालत ने 26 अगस्त 2026 को उनकी प्राकृतिककरण प्रक्रिया रद्द करने का आदेश दिया।
अमेरिकी न्याय विभाग ने 31 अगस्त को इस फैसले की घोषणा की। विभाग के मुताबिक, सिंह को अपनी नागरिकता से जुड़े दस्तावेज वापस करने होंगे।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि गुरमीत सिंह अब अमेरिकी नागरिक नहीं हैं और उन्होंने नागरिकता प्रक्रिया के दौरान बलात्कार तथा अपहरण को छिपाया था।
अभी इसका अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
नागरिकता रद्द होने के बाद गुरमीत सिंह का आव्रजन दर्जा अलग कानूनी प्रक्रिया का विषय होगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह फिलहाल न्यूयॉर्क की जेल में 20 साल की सजा काट रहे हैं। सजा पूरी होने के बाद अमेरिकी आव्रजन अधिकारी उनके मामले में आगे की कार्रवाई पर फैसला करेंगे।
इसलिए नागरिकता रद्द होने को सीधे निर्वासन का आदेश समझना सही नहीं होगा।
इस पूरे मामले में अमेरिकी सरकार का फोकस सिंह की नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया पर है।
अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, जिस समय वह नागरिकता के लिए पात्रता साबित कर रहे थे, उसी दौरान उन्होंने एक गंभीर आपराधिक वारदात की थी। न्याय विभाग का आरोप था कि उन्होंने इस जानकारी को अधिकारियों से छिपाया।
बाद में हुई आपराधिक सजा और नागरिकता प्रक्रिया में जानकारी छिपाने के तथ्य ने संघीय सरकार को प्राकृतिककरण रद्द करने की कार्रवाई का आधार दिया।
यह मामला अमेरिकी नागरिकता प्रक्रिया में सही जानकारी देने की कानूनी अहमियत को सामने लाता है।
प्राकृतिककरण के दौरान किसी महत्वपूर्ण आपराधिक तथ्य को छिपाना या गलत जानकारी देना बाद में नागरिकता की वैधता पर सवाल खड़ा कर सकता है। गुरमीत सिंह के मामले में संघीय अदालत ने इसी आधार पर उनकी प्राकृतिककरण प्रक्रिया रद्द की।
हालांकि इस मामले को यह कहकर पेश करना गलत होगा कि अमेरिका में हर गंभीर अपराध के दोषी व्यक्ति की नागरिकता अपने आप रद्द हो जाती है। यहां मामला नागरिकता हासिल करने के समय अपराध छिपाने और उससे जुड़ी कानूनी पात्रता का है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।