एयर इंडिया की एक उड़ान मंगलवार रात परिचालन के दौरान कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में पहुंच गई। हालांकि चालक दल को स्थिति का एहसास होते ही विमान को तत्काल भारतीय सीमा की ओर मोड़ दिया गया और उड़ान सुरक्षित रूप से संचालित होती रही।
जानकारी के अनुसार, उड़ान संख्या AI-479 दिल्ली से अमृतसर पहुंची थी। उस समय अमृतसर हवाई अड्डे पर विमान यातायात अधिक होने के कारण कुछ उड़ानों को होल्डिंग पैटर्न में रहने के निर्देश दिए गए थे। इस प्रक्रिया के दौरान विमान निर्धारित क्षेत्र में चक्कर लगाते हैं और लैंडिंग अनुमति का इंतजार करते हैं।
एयर ट्रैफिक दबाव के बीच हुई घटना
सूत्रों के मुताबिक, इसी होल्डिंग प्रक्रिया के दौरान विमान कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में चला गया। स्थिति की जानकारी मिलते ही चालक दल ने तुरंत दिशा बदलकर विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र में वापस ले आया।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमृतसर हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय सीमा के काफी निकट स्थित है, इसलिए एयर ट्रैफिक प्रबंधन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है।
दोनों देशों के बीच हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध
भारत और पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों से एक-दूसरे की एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा रखा है। हालांकि खराब मौसम, तकनीकी कारणों या अन्य विशेष परिस्थितियों में आवश्यक अनुमति प्रदान की जा सकती है।
हाल के महीनों में भी कुछ विदेशी और पाकिस्तानी विमानों को विशेष परिस्थितियों में भारतीय हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति दी गई थी।
विमानन सुरक्षा पर लगातार निगरानी
विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार ऐसी घटनाओं की समीक्षा की जाती है ताकि भविष्य में संचालन और अधिक सुरक्षित एवं सटीक बनाया जा सके। फिलहाल विमान और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी सामने नहीं आई है।
मुख्यबिंदु
एयर इंडिया की उड़ान AI-479 कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में पहुंची।
घटना अमृतसर हवाई अड्डे के पास होल्डिंग पैटर्न के दौरान हुई।
चालक दल ने स्थिति का पता चलते ही विमान को भारतीय सीमा में वापस मोड़ा।
विमान संचालन सुरक्षित रूप से जारी रहा।
किसी यात्री या विमान को नुकसान की सूचना नहीं।
निष्कर्ष
यह घटना एयर ट्रैफिक प्रबंधन के दौरान हुई एक परिचालन स्थिति के रूप में देखी जा रही है। चालक दल की तत्परता के कारण विमान तुरंत भारतीय हवाई क्षेत्र में वापस लौट आया और उड़ान सुरक्षित बनी रही।