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किडनी में पथरी होने पर किन चीजों से करना चाहिए परहेज? जानिए क्या खाएं और क्या नहीं

Neelam Saini 2026-08-29 18:28:17
किडनी में पथरी होने पर किन चीजों से करना चाहिए परहेज? जानिए क्या खाएं और क्या नहीं

किडनी की पथरी में ज्यादा नमक, अत्यधिक पशु प्रोटीन और कुछ ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थों से सावधानी जरूरी हो सकती है। पर्याप्त पानी और उचित मात्रा में कैल्शियम भी अहम है।

किडनी में पथरी होने पर खान-पान क्यों है महत्वपूर्ण?

किडनी में पथरी तब बनती है जब पेशाब में मौजूद कुछ खनिज और दूसरे पदार्थ अधिक मात्रा में जमा होकर क्रिस्टल बनाने लगते हैं। समय के साथ यही क्रिस्टल बढ़कर पथरी का रूप ले सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना पथरी की रोकथाम के सबसे महत्वपूर्ण उपायों में माना जाता है, क्योंकि इससे पेशाब अधिक पतला रहता है। लेकिन सिर्फ पानी पीना ही पर्याप्त नहीं है। पथरी के प्रकार, पेशाब की जांच, शरीर में मौजूद खनिजों और व्यक्ति की दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर खान-पान में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। राष्ट्रीय किडनी फाउंडेशन के अनुसार सभी मरीजों के लिए एक जैसी पथरी-रोधी डाइट नहीं होती। 
 ज्यादा नमक वाली चीजों से करें परहेज? किडनी की पथरी के मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सावधानियों में अधिक नमक और सोडियम से बचना शामिल है। ज्यादा सोडियम लेने से पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे खासकर कैल्शियम आधारित पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है। 

इसलिए इन चीजों का सेवन सीमित करना बेहतर हो सकता है:

* नमकीन और चिप्स
* अचार
* पैकेट वाले स्नैक्स
* अत्यधिक नमक वाली सॉस और चटनी
* डिब्बाबंद सूप
* प्रसंस्कृत मांस
* फास्ट फूड
* बहुत ज्यादा नमक वाला तैयार भोजन

घर का ताजा और कम नमक वाला भोजन बेहतर विकल्प हो सकता है।

२. पालक और कुछ ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थों में सावधानी

यदि किसी व्यक्ति को कैल्शियम ऑक्सलेट वाली पथरी होती है, तो डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ कुछ अधिक ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करने की सलाह दे सकते हैं। इनमें पालक, चुकंदर, रूबर्ब, मूंगफली, कुछ मेवे, चॉकलेट और चाय जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है—हर व्यक्ति को सभी ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। राष्ट्रीय किडनी फाउंडेशन के अनुसार ऑक्सलेट की मात्रा को लेकर निर्णय व्यक्ति की पथरी के प्रकार और पेशाब की जांच के आधार पर किया जाना चाहिए। इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के सब्जियों और फलों की लंबी सूची को डाइट से हटाना उचित नहीं है।

बहुत ज्यादा मांसाहारी भोजन से बचें

बहुत अधिक पशु प्रोटीन का सेवन कुछ प्रकार की किडनी पथरी के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसमें लाल मांस, अंगों का मांस, मुर्गी, मछली और समुद्री खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं। विशेष रूप से यूरिक एसिड वाली पथरी में अधिक मात्रा में पशु प्रोटीन और अधिक प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करने की जरूरत पड़ सकती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर मरीज को मांस, अंडा या मछली पूरी तरह छोड़ दे। मात्रा और पथरी के प्रकार के अनुसार आहार तय करना ज्यादा उचित है।

 मीठे पेय और अधिक चीनी से भी रहें सावधान

किडनी की पथरी से बचाव के लिए पानी को प्राथमिक पेय बनाना बेहतर माना जाता है। राष्ट्रीय किडनी फाउंडेशन अधिक मात्रा में अतिरिक्त चीनी वाले पेय, जैसे मीठे शीतल पेय और मीठी चाय, को सीमित करने की सलाह देता है। खासकर गर्मी, व्यायाम या अधिक पसीना आने की स्थिति में शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे पेशाब अधिक गाढ़ा हो सकता है और पथरी बनने की संभावना बढ़ सकती है। 

 कैल्शियम पूरी तरह बंद करना गलती हो सकती है

किडनी में कैल्शियम वाली पथरी होने पर कई लोगों को लगता है कि उन्हें दूध और दूसरी कैल्शियम युक्त चीजें बंद कर देनी चाहिए। लेकिन यह धारणा सही नहीं है। उचित मात्रा में भोजन से मिलने वाला कैल्शियम वास्तव में कैल्शियम ऑक्सलेट पथरी की रोकथाम में मदद कर सकता है। भोजन में मौजूद कैल्शियम आंतों में ऑक्सलेट के साथ जुड़ सकता है और शरीर में ऑक्सलेट के अवशोषण को कम कर सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना दूध, दही या अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए।


६. पानी की कमी बिल्कुल न होने दें

किडनी की पथरी के मरीजों के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ लेना बेहद अहम है। पानी पेशाब को पतला रखने में मदद करता है, जिससे पथरी बनाने वाले खनिजों के क्रिस्टल बनने की संभावना कम हो सकती है। कई मरीजों को प्रतिदिन इतना तरल लेने की सलाह दी जाती है कि पर्याप्त मात्रा में पेशाब बने। हालांकि, पानी की सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि, किडनी की स्थिति और अन्य बीमारियों पर निर्भर करती है। यदि किसी व्यक्ति को किडनी, हृदय या अन्य बीमारी के कारण तरल पदार्थ सीमित करने को कहा गया है, तो वह खुद से अधिक पानी पीना शुरू न करे।


७. चाय, चॉकलेट और मेवों पर पूरी तरह रोक जरूरी नहीं

ऑक्सलेट को लेकर अक्सर लोगों में भ्रम रहता है कि पथरी होने पर चाय, चॉकलेट, मेवे, बीज और कई सब्जियां पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए। वास्तव में ऐसा हर मरीज के लिए जरूरी नहीं है। कुछ खाद्य पदार्थों में ऑक्सलेट अधिक होता है, लेकिन ऑक्सलेट की रोकथाम व्यक्ति की पथरी के प्रकार और पेशाब की जांच के अनुसार की जानी चाहिए। राष्ट्रीय किडनी फाउंडेशन के अनुसार केवल बहुत सख्त कम-ऑक्सलेट डाइट अपनाने के बजाय उचित मात्रा में कैल्शियम लेना और संतुलित आहार रखना कई लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है। 


८. विटामिन और हर्बल सप्लीमेंट खुद से न लें

पथरी होने के बाद कई लोग इंटरनेट या घरेलू सलाह के आधार पर अलग-अलग विटामिन, खनिज या हर्बल सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन कुछ सप्लीमेंट कुछ मरीजों में पथरी के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। राष्ट्रीय किडनी फाउंडेशन भी किडनी स्टोन के मरीजों को विटामिन, खनिज या हर्बल सप्लीमेंट लेने से पहले चिकित्सक से सलाह लेने की सलाह देता है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को नियमित रूप से शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।


पथरी के प्रकार के अनुसार बदलती है डाइट

किडनी की सभी पथरियां एक जैसी नहीं होतीं। कैल्शियम ऑक्सलेट, कैल्शियम फॉस्फेट, यूरिक एसिड और सिस्टीन जैसी अलग-अलग प्रकार की पथरियों में खान-पान की सलाह अलग हो सकती है। 

उदाहरण के लिए:

कैल्शियम ऑक्सलेट पथरी: नमक कम करना, उचित कैल्शियम लेना और जरूरत पड़ने पर कुछ अधिक ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थ सीमित करना उपयोगी हो सकता है।

यूरिक एसिड पथरी: अधिक पशु प्रोटीन और प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा कम करने की सलाह दी जा सकती है। 

यही कारण है कि बिना पथरी के प्रकार की जानकारी के किसी व्यक्ति को पूरी तरह व्यक्तिगत डाइट देना उचित नहीं है।

क्या खाएं?

किडनी की पथरी में सामान्य तौर पर ताजा और संतुलित भोजन को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसमें पर्याप्त पानी, फल-सब्जियां और भोजन से मिलने वाला उचित कैल्शियम शामिल हो सकता है। नमक कम करने और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की जगह ताजा भोजन चुनने से भी मदद मिल सकती है। संतुलित आहार के लिए सब्जियां, फल, साबुत अनाज और उपयुक्त मात्रा में पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शामिल किया जा सकता है। 

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

किडनी की पथरी कभी-कभी तेज दर्द का कारण बन सकती है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है। तेज या लगातार दर्द, बुखार, पेशाब में खून, पेशाब करने में परेशानी, उल्टी या संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बड़ी पथरी या मूत्र मार्ग में रुकावट होने पर केवल खान-पान में बदलाव पर्याप्त नहीं हो सकता और चिकित्सकीय उपचार या प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है। 

निष्कर्ष

किडनी की पथरी होने पर खान-पान में सावधानी रखना महत्वपूर्ण है, लेकिन हर मरीज के लिए एक जैसी परहेज वाली सूची सही नहीं होती। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि पथरी किस प्रकार की है और पेशाब की जांच में किन पदार्थों की मात्रा अधिक है।आमतौर पर पर्याप्त पानी, कम नमक, संतुलित आहार और जरूरत से ज्यादा पशु प्रोटीन से बचाव पथरी की दोबारा बनने की संभावना कम करने में मदद कर सकता है। वहीं कैल्शियम को बिना चिकित्सकीय सलाह के पूरी तरह बंद करना सही नहीं है। 

सबसे जरूरी बात

पथरी के मरीज को इंटरनेट पर मिलने वाली किसी भी सख्त डाइट को खुद से शुरू करने के बजाय डॉक्टर या किडनी रोग विशेषज्ञ से अपनी पथरी के प्रकार के अनुसार आहार संबंधी सलाह लेनी चाहिए।

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Neelam Saini

Neelam Saini

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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