पैरों में रात के समय ऐंठन क्यों होती है? जानिए संभावित कारण
रात में सोते समय अचानक पैर की मांसपेशियों में तेज खिंचाव और दर्द होना एक आम समस्या है। इसे रात में होने वाली मांसपेशियों की ऐंठन या नाइट लेग क्रैम्प्स कहा जाता है। यह समस्या अक्सर पिंडली की मांसपेशियों में होती है, हालांकि पैर के पंजे या जांघ में भी ऐंठन हो सकती है। आमतौर पर यह कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक रह सकती है।
रात में पैरों में ऐंठन क्यों होती है?
रात में पैर की ऐंठन का कोई एक निश्चित कारण हर व्यक्ति में नहीं होता। कई मामलों में इसका कारण स्पष्ट नहीं हो पाता। हालांकि, मांसपेशियों की थकान, कम शारीरिक गतिविधि और नसों से जुड़ी समस्याएं इसके पीछे भूमिका निभा सकती हैं।
1. शरीर में पानी की कमी
पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ न लेने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जो कुछ लोगों में मांसपेशियों की ऐंठन से जुड़ा हो सकता है।
2. मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव
दिनभर ज्यादा चलने, व्यायाम करने या मांसपेशियों पर अधिक मेहनत पड़ने के बाद रात में ऐंठन हो सकती है।
3. लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना
कम शारीरिक गतिविधि या लंबे समय तक बैठे रहने को भी पैरों में ऐंठन से जोड़ा जाता है।
4. उम्र बढ़ना
उम्र बढ़ने के साथ रात में पैरों में ऐंठन होने का जोखिम बढ़ सकता है। गर्भावस्था के दौरान भी यह समस्या अधिक देखने को मिल सकती है।
5. कुछ दवाओं का असर
कुछ दवाएं, खासकर पेशाब की मात्रा बढ़ाने वाली दवाएं और कुछ रक्तचाप या कोलेस्ट्रॉल से संबंधित दवाएं, कुछ लोगों में ऐंठन से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, किसी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना बंद नहीं करना चाहिए।
ऐंठन होने पर तुरंत क्या करें?
अगर रात में अचानक पैर में ऐंठन हो जाए तो प्रभावित मांसपेशी को धीरे-धीरे खींचना और पैर को अपनी ओर मोड़ना मददगार हो सकता है। हल्की मालिश करना, कुछ देर चलना या पैर को हिलाना भी राहत दे सकता है। गर्म पानी से स्नान या गर्म पानी की सिकाई भी कुछ लोगों को आराम दे सकती है। नियमित रूप से पिंडली की हल्की स्ट्रेचिंग करना और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना भी ऐंठन की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
कभी-कभार होने वाली पैर की ऐंठन आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं होती। लेकिन यदि ऐंठन बार-बार हो रही है, नींद प्रभावित कर रही है, 10 मिनट से ज्यादा रहती है या पैरों में सुन्नपन, सूजन अथवा कमजोरी के साथ होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। कुछ मामलों में रात की ऐंठन का संबंध मधुमेह से होने वाली नसों की समस्या, किडनी की बीमारी या रक्त प्रवाह से जुड़ी समस्याओं जैसी स्थितियों से भी हो सकता है। इसलिए लगातार या असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
निष्कर्ष
रात में पैर की ऐंठन कई बार सामान्य और अस्थायी समस्या होती है, लेकिन बार-बार होने वाली ऐंठन के पीछे कोई स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकता है। लगातार समस्या रहने पर चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।