ज़ेलेंस्की ने ऊर्जा युद्धविराम पर जताई सहमति, रूस की प्रतिक्रिया का इंतजार
Harish Qureshi
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2026-09-23 15:28:45
ट्रंप से न्यूयॉर्क में मुलाकात के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को तैयार है, लेकिन रूस को भी यूक्रेनी ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने होंगे।
न्यूयॉर्क, अमेरिका | 23 सितंबर 2026
By Mohd Haris
ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने की पहल
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ऊर्जा ढांचे पर हमलों को लेकर एक नए युद्धविराम की संभावना सामने आई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद कहा कि कीव ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम के लिए तैयार है।
ज़ेलेंस्की के मुताबिक, प्रस्ताव का आधार दोनों पक्षों की ओर से ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकना है। यूक्रेन रूस की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने के लिए तैयार है, लेकिन वह चाहता है कि रूस भी यूक्रेन के बिजली और अन्य महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे पर हमले बंद करे।
ट्रंप से मुलाकात में क्या चर्चा हुई
ज़ेलेंस्की और ट्रंप की मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में हुई। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की संभावना, यूक्रेन के लिए सर्दियों की तैयारी, वायु रक्षा और रूस के साथ आगे की बातचीत जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि उनका देश ऊर्जा युद्धविराम के किसी भी प्रारूप पर विचार के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन की ओर से एकतरफा हमले रोकने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
यूक्रेन की शर्त, रूस भी हमले रोके
कीव की स्थिति का मुख्य बिंदु पारस्परिकता है। यूक्रेन का कहना है कि वह रूस की तेल, गैस और दूसरी ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोक सकता है, लेकिन इसके बदले रूस को भी यूक्रेन के बिजली और गैस ढांचे को निशाना बनाना बंद करना होगा।
इससे पहले भी ज़ेलेंस्की ने ऊर्जा युद्धविराम की संभावना पर सहमति जताई थी। सितंबर के मध्य में उन्होंने कहा था कि किसी भी ऊर्जा युद्धविराम में दोनों देशों की ऊर्जा अवसंरचना शामिल होनी चाहिए।
रूस की स्थिति अभी निर्णायक है
सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब रूस की प्रतिक्रिया को लेकर है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ऊर्जा युद्धविराम को लेकर अभी रूस और यूक्रेन के बीच अंतिम औपचारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।
रूस की ओर से पहले इस तरह के प्रस्ताव को सकारात्मक विचार बताया गया था, लेकिन मॉस्को ने ऊर्जा मुद्दे को व्यापक सुरक्षा और आर्थिक सवालों से भी जोड़ा है। इसलिए ज़ेलेंस्की की घोषणा को तत्काल लागू हो चुका युद्धविराम नहीं माना जा सकता।
ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले क्यों अहम हैं
रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ढांचा लंबे समय से सैन्य रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। रूस ने यूक्रेन के बिजली और गैस ढांचे को निशाना बनाया है, जबकि यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमले किए हैं।
कीव का तर्क है कि रूस की ऊर्जा आय उसके युद्ध प्रयासों को आर्थिक आधार देती है। दूसरी ओर, रूस के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमले रूस की ईंधन आपूर्ति और औद्योगिक क्षमता पर असर डालने का प्रयास हैं।
ऐसे हमलों का प्रभाव दोनों देशों की सीमा से बाहर भी पहुंचता है। तेल, गैस और ईंधन बाजार में आपूर्ति संबंधी जोखिम बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय कीमतों और व्यापार पर असर पड़ सकता है। हालिया अमेरिकी चिंताओं में डीजल आपूर्ति और कीमतों का मुद्दा भी सामने आया है।
सर्दियों से पहले बढ़ी चिंता
ऊर्जा युद्धविराम की चर्चा का समय भी महत्वपूर्ण है। यूक्रेन सर्दियों से पहले अपने ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। युद्ध के दौरान ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों ने नागरिकों की बिजली और गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है।
ज़ेलेंस्की ने ट्रंप के साथ बातचीत में सर्दियों के दौरान यूक्रेन की सुरक्षा जरूरतों पर भी चर्चा की। उन्होंने वायु रक्षा प्रणालियों और विशेष रूप से पैट्रियट मिसाइलों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण बताया।
ट्रंप की भूमिका
ट्रंप प्रशासन रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने पहले भी यूक्रेन से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने का आग्रह किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबंधों से जुड़े अधिकारों का इस्तेमाल करने की बात भी कही है। ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूस को ऊर्जा हमले रोकने के लिए अमेरिकी दबाव उपयोगी हो सकता है।
पहले भी ऊर्जा युद्धविराम की चर्चा हुई
ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की कोशिश नई नहीं है। इससे पहले भी रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ढांचे को लेकर सीमित युद्धविराम की चर्चा हुई, लेकिन
हमले पूरी तरह रुक नहीं सके।
सितंबर की शुरुआत में भी ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी दूतों के साथ बातचीत के दौरान कुछ शहरों पर हवाई हमले रोकने की यूक्रेन की तत्परता जताई थी। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, उस समय कीव ने रूस से भी समान कदम की अपेक्षा की थी।
आगे क्या होगा
अब इस पहल की सफलता काफी हद तक मॉस्को की प्रतिक्रिया पर निर्भर रहेगी। यदि रूस और यूक्रेन ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की पारस्परिक व्यवस्था पर सहमत होते हैं, तो इससे सर्दियों से पहले नागरिक बुनियादी ढांचे पर दबाव कम करने की कोशिश को आधार मिल सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं करती। ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन की स्थिति स्पष्ट कर दी है कि कीव ऊर्जा युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन वह इसे एकतरफा कदम के रूप में स्वीकार नहीं करेगा।
निष्कर्ष
ट्रंप और ज़ेलेंस्की की न्यूयॉर्क मुलाकात के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा मोर्चे पर सीमित युद्धविराम की संभावना फिर चर्चा में आई है। यूक्रेन ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की तैयारी जताई है, लेकिन इसके लिए रूस की समान प्रतिबद्धता जरूरी बताई गई है।
इस समय सबसे अहम घटनाक्रम रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित शर्तों पर सहमति होगी। जब तक ऐसी सहमति की औपचारिक पुष्टि नहीं होती, इसे प्रस्तावित ऊर्जा युद्धविराम की पहल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।