बिजनौर सीट पर 2019 चुनाव के समीकरण दोहरा सकती है बसपा

बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओ संग तैयार की जीत की रणनीति

हस्तिनापुर,शाहवेज खान(Shah Times)।बिजनौर सीट पर चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह ने अपने कार्यालय पर कार्यकर्ताओं संग बैठक की और जीत के लिए रणनीति तैयार की। उधर, चुनावी समीकरणों पर गौर करें तो बसपा 2019 के चुनाव परिणामों को फिर से दोहरा सकती है। पिछले चुनाव में यहां बसपा के मलूक नागर चुनाव जीतकर सांसद बने थे। इस बार उनका टिकट काट दिया गया है।
बसपा सुप्रीमों मायावती ने इस बार बिजनौर लोकसभा सीट से चौधरी विजेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। मंगलवार को बिजनौर शहर में पार्टी कार्यालय में आयोजित भव्य कार्यक्रम में बसपा नेता शमसुद्दीन राइन ने उनके टिकट की घोषणा की थी।


नीले रंग में रंगी बिजनौर लोकसभा

टिकट घोषणा को लेकर बिजनौर शहर के पार्टी कार्यालय में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में बसपाइयों का जमावड़ा उमड़ पड़ा। कार्यालय के बाहर तक भीड़ जमा थी। टिकट की घोषणा को लेकर चोधरी विजेंद्र सिंह के नाम पर हर कार्यकर्ता उत्साहित था। टिकट की घोषणा होते ही बसपा सुप्रीमों और प्रत्याशी विजेंद्र सिंह के जिंदाबाद के नारों से कार्यालय गूंज उठा। कार्यक्रम की तैयारियां भी पूरे दमखम से की गई थी। पूरे शहर को बसपा के झंडों से पाट दिया गया था। जिससे पूरा बिजनौर नीला नजर आ रहा था।

बसपा सुप्रीमों 1989 में बनीं थी बिजनौर से सांसद

बिजनौर सीट बसपा के लिए इसलिए भी खास मायने रखती है कि बसपा सुप्रीमो मायावती 1989 में इसी सीट से पहली बार सांसद बनी थीं। पिछले चुनाव में बसपा से ही मलूक नागर चुने गए थे और उन्होंने भाजपा के कुंवर भारतेंद्र को हराया था। भाजपा अपनी सीट पिछले चुनाव में ही खो चुकी थी। जिसके चलते ही एनडीए गठबंधन में भाजपा ने अपनी हारी हुई सीट रालोद को दे दी। इस सीट पर कमल का निशान नहीं होगा, जिसके चलते भाजपाइयों के एक बड़े तबके का चुनाव से किनारा कर लेने की चर्चा जोरों पर है और यही तबका दूसरे दल के मजबूत प्रत्याशी की राह तलाशने जुट गया है। जिसका सीधा फायदा बसपा प्रत्याशी को मिल सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो इस बार बसपा अपने पिछले चुनावों का परिणाम फिर से दोहरा सकती है।

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