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जसोला में खुले नाले में बहा 15 साल का छात्र, तलाश जारी

Apurva Choudhary • 2026-08-23 13:56:26
जसोला में खुले नाले में बहा 15 साल का छात्र, तलाश जारी
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जसोला गांव में 15 वर्षीय छात्र मिथुन खुले नाले में गिरकर लापता हो गया। हादसा शनिवार सुबह हुआ। रविवार तक उसका पता नहीं चल सका। NDRF, दमकल और अन्य बचाव टीमें नाले तथा आसपास के हिस्सों में तलाश कर रही हैं। तेज बहाव अभियान में बड़ी चुनौती बना हुआ है।

📍 जसोला, नई दिल्ली
📰 23 अगस्त 2026
✍️ Apurva Choudhary 

जसोला में हादसे के बाद बढ़ी चिंता
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जसोला गांव में शनिवार सुबह एक 15 वर्षीय छात्र के खुले नाले में बह जाने के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला मिथुन हादसे के बाद से लापता है और रविवार को भी उसकी तलाश जारी रही।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक किशोर पतंग के पीछे गया था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह खुले नाले में गिर गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण वह देखते ही देखते बह गया।

करीब 24 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग
घटना की सूचना शनिवार को करीब दोपहर से पहले दमकल विभाग को मिली। इसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और नाले में तलाश शुरू की गई।
बाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ और बोट क्लब से जुड़े बचावकर्मी भी अभियान में शामिल हुए। रविवार को भी टीमों ने नाले के भीतर और उससे जुड़े हिस्सों में खोजबीन जारी रखी, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार मिथुन का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

तेज बहाव बना बचाव अभियान की बड़ी चुनौती
खुले नाले में लगातार बह रहा पानी बचाव दल के लिए सबसे बड़ी मुश्किलों में शामिल है। ऐसे स्थान पर केवल सतह की तलाशी पर्याप्त नहीं होती, क्योंकि तेज बहाव किसी व्यक्ति को घटनास्थल से काफी दूर तक ले जा सकता है।
इसी वजह से बचावकर्मी नाले के आसपास के हिस्सों को भी खंगाल रहे हैं। तलाशी अभियान को लगातार आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों और विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्कूल जाने से पहले हुआ हादसा
मिथुन के परिवार से सामने आई जानकारी के मुताबिक वह घटना के समय स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था। वह आठवीं कक्षा का छात्र है और परिवार के साथ जसोला इलाके में रहता था।
परिवार का कहना है कि पतंग को पकड़ने या उतारने की कोशिश के दौरान वह नाले की तरफ गया। इसी दौरान वह खुले हिस्से में गिर गया और पानी के बहाव में बह गया।
हालांकि हादसे की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर जांच और प्रत्यक्ष जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट होगी। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगा कि गिरने की सटीक वजह क्या थी।

परिवार की उम्मीद अब भी कायम
मिथुन के परिजन लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। परिवार के लिए हर गुजरता घंटा बेचैनी बढ़ा रहा है।
मिथुन के पिता अवधेश कुमार ने बताया है कि उनका बेटा शनिवार सुबह करीब 11 बजे नाले में गिरा। परिवार उत्तर प्रदेश के बदायूं से दिल्ली आया है और यहां रोजगार के लिए रह रहा है।
परिजनों की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बचाव दल जल्द मिथुन तक पहुंच सके।

खुले नाले ने फिर उठाए सुरक्षा के सवाल
यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि दिल्ली में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। बारिश और जलभराव के दौरान खुले नाले खास तौर पर खतरनाक हो जाते हैं, क्योंकि पानी का स्तर और बहाव दोनों अचानक बढ़ सकते हैं।
शहरी इलाकों में नालों को ढकने, बैरिकेड लगाने और खतरनाक स्थानों को चिन्हित करने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है, इस पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। जसोला की घटना ऐसे इंतजामों की जमीनी स्थिति की दोबारा समीक्षा की जरूरत दिखाती है।

हादसे के बाद आरोपों की भी जांच जरूरी
मिथुन के परिवार की तरफ से बचाव व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं। परिवार का दावा है कि बचाव अभियान को लेकर शुरुआती समय में पर्याप्त तेजी नहीं दिखाई गई।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य के तौर पर पेश करने के बजाय परिवार के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
इस मामले में प्रशासनिक प्रतिक्रिया, मौके पर पहुंचने का समय और बचाव अभियान की पूरी टाइमलाइन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अभी मौत की पुष्टि नहीं
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि रविवार तक मिथुन का शव बरामद नहीं हुआ था। इसलिए उसे मृत घोषित करना या हादसे को मौत के रूप में रिपोर्ट करना इस चरण पर सही नहीं होगा।
फिलहाल उपलब्ध स्थिति यही है कि 15 वर्षीय छात्र लापता है और बचाव एजेंसियां उसकी तलाश कर रही हैं। अभियान पूरा होने या कोई आधिकारिक पुष्टि सामने आने के बाद ही उसकी स्थिति स्पष्ट होगी।

बचाव अभियान का अगला चरण
एनडीआरएफ और दूसरी एजेंसियां नाले के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर रही हैं। ऐसे अभियानों में पानी की दिशा, बहाव, नाले की संरचना और आसपास के निकास मार्गों को ध्यान में रखकर तलाशी का दायरा बढ़ाया जाता है।
अगर शुरुआती हिस्से में कोई सुराग नहीं मिलता, तो टीमों को आगे के हिस्सों में भी तलाशी करनी पड़ सकती है। यही वजह है कि अभियान में समय लग सकता है।

बारिश के मौसम में बढ़ता जोखिम
दिल्ली में मानसून के दौरान खुले नाले और जल निकासी के रास्ते आम लोगों के लिए बड़ा जोखिम बन सकते हैं। कई जगह सड़क, फुटपाथ और नाले के बीच का अंतर पानी या गंदगी के कारण साफ दिखाई नहीं देता।
ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। जसोला की घटना यह सवाल भी सामने लाती है कि संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षित कवर की व्यवस्था कितनी मजबूत है।

परिवार के लिए इंतजार की घड़ी
मिथुन के परिवार के लिए यह सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं है। उनके लिए यह हर मिनट उम्मीद और चिंता के बीच गुजरने वाला समय है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान पर नजर बनाए रखी। परिवार लगातार चाहता है कि तलाशी का दायरा बढ़ाया जाए और नाले के हर संभावित हिस्से की जांच की जाए।

प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मिथुन को तलाशना है। लेकिन इसके साथ यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां नाला खुला क्यों था और लोगों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम मौजूद थे।
यदि जांच में सुरक्षा मानकों या रखरखाव में कमी सामने आती है, तो भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जवाबदेही और सुधार दोनों जरूरी होंगे।

असली सवाल सिर्फ एक हादसे का नहीं
जसोला की घटना एक बड़े शहरी सवाल की तरफ भी इशारा करती है। शहरों में जल निकासी व्यवस्था सिर्फ बारिश का पानी निकालने तक सीमित नहीं हो सकती; उसे लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी डिजाइन और बनाए रखना जरूरी है।
खुले नाले, कमजोर कवर, अपर्याप्त बैरिकेड और तेज पानी का बहाव मिलकर जानलेवा स्थिति बना सकते हैं। खासकर मानसून में इन स्थानों की नियमित निगरानी और सुरक्षा इंतजामों की अहमियत बढ़ जाती है।

अब नजर बचाव अभियान पर
रविवार को भी बचाव दलों की तलाश जारी है और फिलहाल मिथुन का कोई पता नहीं चला है। प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों के सामने सबसे अहम लक्ष्य किशोर को तलाशना है।
इस समय सबसे जरूरी है कि अभियान को बिना किसी अनुमान के, उपलब्ध तथ्यों और सुरक्षा प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। परिवार को आधिकारिक जानकारी मिले और तलाशी का हर संभावित रास्ता जांचा जाए।
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Apurva Choudhary

Apurva Choudhary

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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