जम्मू में NCB की बड़ी कार्रवाई, 5.16 किलो हेरोइन जब्त
5 किलो से ज्यादा हेरोइन पकड़ी, कथित मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार
जम्मू ड्रग नेटवर्क पर NCB का शिकंजा, 3 तस्कर गिरफ्तार
NCB जम्मू ने खुफिया सूचना के आधार पर कथित सीमा-पार हेरोइन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पंजतीर्थी में वाहन से 5.160 किलो हेरोइन बरामद हुई। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कथित मास्टरमाइंड को लेह से पकड़ा गया। एजेंसी पाकिस्तान-उरी रूट, वित्तीय लिंक और पूरे वितरण नेटवर्क की जांच कर रही है।
जम्मू, जम्मू-कश्मीर |26 अगस्त 2026 |शाह टाइम्स
By Mohd Haris
जम्मू में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कथित सीमा-पार हेरोइन तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 5.160 किलोग्राम हेरोइन जब्त करने के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड और सप्लायर भी शामिल है।
NCB के मुताबिक कार्रवाई खास खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुई थी। 22 अगस्त को जम्मू के पंजतीर्थी इलाके में एक वाहन को रोका गया और तलाशी के दौरान बारामूला के रहने वाले दो आरोपियों के पास से हेरोइन बरामद हुई।
NCB ने बताया कि 22 अगस्त को मिले खुफिया इनपुट के बाद टीम ने पंजतीर्थी में संदिग्ध वाहन को इंटरसेप्ट किया। तलाशी में कुल 5.160 किलो हेरोइन जब्त की गई। वाहन में मौजूद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की गई। रिपोर्ट के मुताबिक जब्त हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि मादक पदार्थ की कीमत बाजार, शुद्धता और आकलन की पद्धति के अनुसार बदल सकती है।
यह कार्रवाई केवल एक खेप पकड़ने तक सीमित नहीं रही। पूछताछ और जांच से मिले सुरागों के आधार पर NCB ने कथित सप्लायर और नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश शुरू की।
NCB के अनुसार जांच के दौरान बारामूला के एक अन्य निवासी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। एजेंसी ने उसे कथित मास्टरमाइंड और सप्लायर के तौर पर चिन्हित किया। जांच टीम ने उसकी तलाश शुरू की और उसे लद्दाख के लेह में ट्रेस किया। NCB ने उसे 24 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया, यानी शुरुआती 5.160 किलो हेरोइन की जब्ती के दो दिन बाद। एजेंसी का कहना है कि इस कार्रवाई से जांच को सिर्फ कैरियर स्तर तक सीमित रखने के बजाय पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिली है।
NCB की शुरुआती जांच में जब्त हेरोइन के एक संगठित सीमा-पार सप्लाई चेन का हिस्सा होने की आशंका सामने आई है। एजेंसी के मुताबिक नशीले पदार्थ के पाकिस्तान से आने और उरी बॉर्डर सेक्टर के रास्ते भारत में दाखिल होने का संदेह है। यह अभी जांच का हिस्सा है। इसलिए पाकिस्तान से हेरोइन आने की बात को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य के बजाय NCB की प्रारंभिक जांच के निष्कर्ष के तौर पर रिपोर्ट करना जरूरी है। एजेंसी अब इस कथित सप्लाई रूट की आगे और पीछे की कड़ियों की जांच कर रही है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि ड्रग्स कहां से आई, किसने सीमा पार कराई और जम्मू पहुंचने के बाद इसकी सप्लाई कहां होनी थी।
NCB के मुताबिक जांच का अगला फोकस केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। एजेंसी सीमा-पार सप्लायर, वित्तीय लिंक, ट्रांसपोर्टर, स्थानीय सहयोगियों और ड्रग्स के संभावित वितरण नेटवर्क की पहचान कर रही है। यह जांच इसलिए अहम है क्योंकि ड्रग तस्करी में अक्सर कैरियर या छोटे स्तर के सप्लायर तक कार्रवाई पहुंचने के बाद भी पूरा नेटवर्क सक्रिय रह सकता है। NCB का कहना है कि उसका लक्ष्य पूरे नेटवर्क की कड़ियों को सामने लाना है। अगर जांच में वित्तीय लेनदेन और दूसरे सहयोगियों की जानकारी मिलती है, तो आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। हालांकि फिलहाल किसी अतिरिक्त गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
NCB जम्मू की यह कार्रवाई अगस्त में मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार चल रहे ऑपरेशन की कड़ी है। एजेंसी के मुताबिक 12 अगस्त को 438 ग्राम और 13 अगस्त को 603 ग्राम हेरोइन जब्त की गई थी। इन कार्रवाइयों को मिलाकर अगस्त में जम्मू इकाई ने कई अहम हेरोइन बरामदगी की हैं। इससे क्षेत्र में खुफिया इनपुट आधारित एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन की सक्रियता का पता चलता है। हालांकि इन अलग-अलग मामलों के बीच कोई सीधा नेटवर्क संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं की गई है।
जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक स्थिति इसे सीमा-पार तस्करी के लिहाज से संवेदनशील बनाती है। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि व्यापक सुरक्षा चुनौती के रूप में देखती रही हैं। हेरोइन जैसी ड्रग्स की तस्करी से जुड़े नेटवर्क में सीमा पार सप्लायर, स्थानीय कैरियर, परिवहन नेटवर्क और वित्तीय चैनल शामिल हो सकते हैं। इसलिए किसी एक खेप की बरामदगी के बाद जांच का दायरा बढ़ाना अहम होता है। मौजूदा मामले में NCB ने भी वित्तीय लिंक और वितरण नेटवर्क की जांच को आगे बढ़ाने की बात कही है।
ड्रग तस्करी के नेटवर्क अक्सर अलग-अलग स्तरों पर काम करते हैं। एक व्यक्ति केवल कैरियर हो सकता है, जबकि उसके पीछे सप्लायर, फाइनेंसर और वितरण से जुड़े लोग मौजूद हो सकते हैं। इसी वजह से 5.160 किलो हेरोइन की जब्ती के साथ कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। लेकिन नेटवर्क के वास्तविक आकार का पता तभी चलेगा जब एजेंसी आगे के लिंक स्थापित कर पाएगी। फिलहाल NCB की जांच जारी है और पूरे कार्टेल की संरचना सामने आना बाकी है।
प्रारंभिक जांच में मामला मुख्य रूप से सीमा-पार हेरोइन तस्करी से जुड़ा दिखाई देता है। हालांकि सुरक्षा के नजरिए से ऐसे नेटवर्क के वित्तीय और सीमा-पार संपर्कों की जांच भी महत्वपूर्ण होती है। मौजूदा रिपोर्टों में किसी आतंकी संगठन से इस नेटवर्क का सीधा संबंध स्थापित नहीं किया गया है। इसलिए इसे नार्को-टेरर नेटवर्क बताना फिलहाल उचित नहीं होगा। यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीमा-पार ड्रग तस्करी और आतंकी वित्तपोषण अलग-अलग आरोप और जांच के विषय हैं।
मौजूदा ऑपरेशन में एजेंसी ने कथित कैरियर से आगे बढ़कर सप्लायर और मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश की। 22 अगस्त की बरामदगी के बाद 24 अगस्त को लेह से कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी इसी रणनीति को दिखाती है। एजेंसी अब वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की पहचान पर भी काम कर रही है। इसका मतलब है कि कार्रवाई का फोकस केवल ड्रग्स की बरामदगी नहीं, बल्कि सप्लाई चेन को तोड़ने पर है।
अगर जांच इन कड़ियों को स्थापित करती है, तो मौजूदा ऑपरेशन का दायरा आगे बढ़ सकता है।
NCB ने नागरिकों से ड्रग तस्करी और नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग की अपील की है। एजेंसी ने नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन MANAS, 1933 के जरिए विश्वसनीय जानकारी साझा करने को कहा है। एजेंसी के मुताबिक इस हेल्पलाइन पर जानकारी गोपनीय रूप से साझा की जा सकती है। यह अपील खास तौर पर उन इलाकों में महत्वपूर्ण है जहां ड्रग सप्लाई नेटवर्क स्थानीय स्तर पर सक्रिय होने की आशंका होती है।
अब जांच का फोकस कथित सीमा-पार सप्लायर, वित्तीय चैनल, ट्रांसपोर्टरों और संभावित स्थानीय सहयोगियों पर है। NCB यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जब्त हेरोइन की अंतिम सप्लाई कहां होनी थी। अगर जांच में नए लिंक सामने आते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां या बरामदगी हो सकती है। लेकिन इस स्तर पर किसी संभावित आरोपी या नेटवर्क के आकार को लेकर अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। मौजूदा तीन गिरफ्तारियां और 5.160 किलो हेरोइन की बरामदगी आधिकारिक रूप से सामने आ चुकी है। बाकी कड़ियों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
जम्मू में NCB की कार्रवाई ने कथित सीमा-पार हेरोइन तस्करी नेटवर्क की एक अहम कड़ी को उजागर किया है। 5.160 किलो हेरोइन की बरामदगी के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें कथित मास्टरमाइंड और सप्लायर भी शामिल है। NCB की प्रारंभिक जांच में पाकिस्तान से उरी बॉर्डर सेक्टर के रास्ते हेरोइन आने की आशंका जताई गई है। लेकिन यह अभी जांच का निष्कर्ष है, अंतिम न्यायिक रूप से स्थापित तथ्य नहीं।
अब इस ऑपरेशन की असली अहमियत आगे की जांच से तय होगी। अगर एजेंसी वित्तीय चैनल, सीमा-पार सप्लायर और वितरण नेटवर्क की पूरी कड़ी स्थापित कर लेती है, तो यह कार्रवाई केवल एक ड्रग बरामदगी नहीं, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा साबित हो सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।