द्वारका एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार का कहर, 3 मजदूरों की मौत
Harish Qureshi
•
2026-09-18 15:22:33
गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने फेंसिंग का काम कर रहे मजदूरों को टक्कर मार दी। 3 मजदूरों की मौत हुई, जबकि 1 गंभीर घायल है। चालक भी अस्पताल में है।
गुरुग्राम | 18 सितंबर 2026
By Mohd Haris
रात में हुआ दर्दनाक सड़क हादसा
गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के एक तेज रफ्तार कार निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों के बीच जा घुसी। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 1 मजदूर गंभीर रूप से घायल है। कार चला रहे दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज के छात्र वेदांत खन्ना भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
हादसा राम चौक के पास रात करीब 1:50 बजे से 2:30 बजे के बीच हुआ। उस वक्त मजदूर सड़क के डिवाइडर पर लोहे की फेंसिंग लगाने का काम कर रहे थे।
कार बैरिकेड तोड़कर मजदूरों से टकराई
पुलिस के मुताबिक सफेद कार दिल्ली की तरफ से आ रही थी। कार ने पहले कार्यस्थल पर लगे बैरिकेड और दूसरे सुरक्षा इंतजामों को टक्कर मारी। इसके बाद वह डिवाइडर पर काम कर रहे मजदूरों से जा भिड़ी और आगे खड़े एक वाहन से भी टकराई।
शिकायत में कहा गया है कि कार्यस्थल पर रिफ्लेक्टिव चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड और दूसरे सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे। पुलिस अब यह जांच रही है कि हादसे के वक्त वाहन की रफ्तार कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
3 मजदूरों की मौत
पुलिस ने मृतकों की पहचान बुलंदशहर के सरवाना गांव निवासी बिजेंद्र सिंह, पप्पू सिंह और साइट ठेकेदार सतीश चंद के रूप में की है। उनकी उम्र अलग-अलग रिपोर्टों में अलग दर्ज हुई है, इसलिए इस खबर में उम्र को लेकर एकल आंकड़ा नहीं दिया जा रहा है।
एक अन्य मजदूर राम कुमार गंभीर रूप से घायल है और उसे निजी अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार ये मजदूर हादसे से करीब 2 दिन पहले ही अपने गांव से गुरुग्राम पहुंचे थे और बजघेड़ा में किराये के मकान में रह रहे थे।
चालक भी गंभीर रूप से घायल
कार चला रहे वेदांत खन्ना को भी हादसे में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वेदांत खन्ना सेंट स्टीफंस कॉलेज में अर्थशास्त्र ऑनर्स के छात्र हैं। उनकी पढ़ाई के वर्ष को लेकर शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में अंतर है, इसलिए आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे निश्चित रूप से दर्ज करना उचित नहीं है।
क्या चालक नशे में था?
हादसे के बाद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने चालक के नशे में होने की आशंका जताई। लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
पुलिस ने चालक के रक्त के नमूने लिए हैं। फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के वक्त चालक शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में था या नहीं।
इसलिए फिलहाल चालक के नशे में होने को स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल
हादसे के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। एक मजदूर और शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि कार्यस्थल पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टिव बोर्ड और बैरिकेड लगाए गए थे।
दूसरी तरफ कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं होने का दावा किया है। पुलिस अब घटनास्थल की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही है।
यह पहलू इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तेज रफ्तार यातायात वाले मार्ग पर रात के समय सड़क निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त चेतावनी और भौतिक अवरोध जरूरी होते हैं।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
गुरुग्राम पुलिस ने शिकायत के आधार पर बजघेड़ा थाने में मामला दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें लापरवाही से मौत, तेज और लापरवाही से वाहन चलाने तथा जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
पुलिस ने हादसे में शामिल वाहनों को कब्जे में लिया है। सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले दूसरे साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे
पुलिस हादसे की पूरी कड़ी को समझने के लिए कई पहलुओं की जांच कर रही है। इनमें कार की रफ्तार, चालक की मेडिकल स्थिति, सड़क और कार्यस्थल की स्थिति, बैरिकेडिंग तथा हादसे से पहले वाहन की गतिविधियां शामिल हैं।
जांच में सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएंगी। पुलिस के मुताबिक चालक के नशे में होने की स्थिति भी मेडिकल रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।
परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
हादसे में मारे गए मजदूर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से थे। रिपोर्टों के मुताबिक वे काम के लिए गुरुग्राम आए थे और कुछ ही दिन पहले वहां पहुंचे थे।
एक तरफ परिवारों को अपने कमाने वाले सदस्यों को खोने का सदमा झेलना पड़ रहा है, वहीं घायल मजदूर के इलाज की चिंता भी बनी हुई है।
इस तरह के हादसे प्रवासी और दिहाड़ी मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े व्यापक सवाल भी सामने लाते हैं। तेज रफ्तार शहरी सड़कों और निर्माण कार्य वाले हिस्सों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रभावी पालन अहम हो जाता है।
आगे क्या होगा
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, रक्त जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। चालक की स्वास्थ्य स्थिति और जांच के नतीजों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
फिलहाल तथ्य यह है कि द्वारका एक्सप्रेसवे पर काम कर रहे 3 मजदूरों की जान गई है और 1 गंभीर रूप से घायल है। चालक भी अस्पताल में भर्ती है। हादसे की वास्तविक वजह और चालक की स्थिति से जुड़े बाकी सवाल जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होंगे।
वीडियो देखें
ADVERTISEMENT
Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।