गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के आरोपी रामानुज गोस्वामी की पुलिस वाहन से कूदने के बाद मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मेडिकल जांच से लौटते समय उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर हमला किया और चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। गंभीर चोटों के बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गुवाहाटी | 14 सितंबर 2026
By Mohd Haris
गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के आरोपी रामानुज गोस्वामी की सोमवार को पुलिस वाहन से कूदने के बाद मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक यह घटना नरकासुर पहाड़ इलाके में उस समय हुई, जब उसे मेडिकल जांच के बाद गौहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से वापस हटिगांव थाने ले जाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार गोस्वामी ने अचानक पुलिस टीम पर कथित तौर पर हमला किया और चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। वह गहरी जगह में गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे वापस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल जांच के बाद लौट रहा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक गोस्वामी को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस टीम उसे वापस हटिगांव पुलिस थाने ले जा रही थी।
नरकासुर पहाड़ इलाके के पास उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर हमला किया और वाहन से कूद गया। घटना के बाद पुलिस ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया।
इस मामले में पुलिस वाहन से कूदने की परिस्थितियों की भी जांच होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे आरोपी की आत्महत्या के रूप में अंतिम तौर पर दर्ज करना जल्दबाजी होगी। पुलिस के मुताबिक उसने वाहन से छलांग लगाई और चोटों के कारण उसकी मौत हुई।
कौन था रामानुज गोस्वामी
रामानुज गोस्वामी गुवाहाटी का रहने वाला था। पुलिस ने उसे अपनी पत्नी रिया तालुकदार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।
रिया की उम्र 25 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार दंपति गुवाहाटी के एक फ्लैट में रह रहे थे। सितंबर की शुरुआत में वहां से दुर्गंध आने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी।
पुलिस जब फ्लैट में पहुंची तो महिला का शव मिला। उसका सिर गायब था। बाद में पुलिस ने कथित तौर पर सिर को फ्रिज में एक काले पॉलीथीन बैग के भीतर बरामद किया।
हत्या का मामला कैसे सामने आया
पुलिस के अनुसार यह मामला सितंबर की शुरुआत में सामने आया। पड़ोसियों ने फ्लैट से दुर्गंध आने की शिकायत की थी। आसपास के लोगों ने यह भी बताया था कि दंपति कुछ समय से दिखाई नहीं दे रहे थे।
पुलिस ने फ्लैट की जांच की तो रिया का शव मिला। जांच के दौरान फ्रिज से उसका कटा हुआ सिर बरामद किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से कथित हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्य भी जुटाए।
इस मामले में पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण भी किया था। जांच के दौरान फ्रिज को भी जब्त किया गया था, जिसमें महिला का सिर रखे जाने की बात सामने आई थी।
आरोपी ने क्या दावा किया था
पुलिस के अनुसार गोस्वामी ने अपनी पत्नी की हत्या की बात स्वीकार की थी। उसने दावा किया था कि उसे पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था।
हालांकि पुलिस ने इन दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं माना था। इसलिए कथित वैवाहिक संबंध और हत्या के बीच बताए गए कारण को जांच के निष्कर्ष के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।
जांच के दौरान आरोपी ने एक व्यक्ति को लेकर भी धमकी दी थी, जिसे उसने अपनी पत्नी का कथित करीबी बताया था। इस दावे की भी पुलिस जांच कर रही थी।
हत्या के बाद क्या हुआ
पुलिस के मुताबिक गोस्वामी ने वारदात के बाद आत्मसमर्पण किया था। उसे गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड में लिया गया था।
जांच एजेंसियां हत्या के क्रम, कथित विवाद, आरोपी की मानसिक और शारीरिक स्थिति तथा घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की पड़ताल कर रही थीं। पुलिस ने कथित तौर पर खून से सना धारदार हथियार और शराब की खाली बोतलें भी बरामद की थीं।
आरोपी ने पूछताछ के दौरान नशे की हालत में अपराध करने की बात भी कही थी। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी थी।
आरोपी की हिरासत में मौत से जांच पर असर
रामानुज गोस्वामी की मौत से पत्नी की हत्या से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही पर बड़ा असर पड़ेगा। जिस व्यक्ति पर हत्या और सबूत मिटाने से जुड़े आरोप लगाए गए थे, अब उसकी मृत्यु हो चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और धारा 238 के तहत मामला दर्ज किया गया था। वह पुलिस रिमांड में था।
अब पुलिस को उसकी मौत की परिस्थितियों की भी जांच करनी होगी। इसमें यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि वाहन के भीतर क्या हुआ, आरोपी ने किस तरह छलांग लगाई और पुलिस टीम की प्रतिक्रिया क्या रही।
पुलिस वाहन से कूदने की घटना की जांच क्यों जरूरी
हिरासत में किसी आरोपी की मौत होने पर घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में आरोपी पुलिस वाहन में था और मेडिकल जांच के बाद उसे थाने ले जाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार उसने अचानक पुलिस टीम पर हमला किया और वाहन से कूद गया। उसे गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
इसलिए घटना को केवल आत्महत्या के रूप में देखना अभी उचित नहीं होगा। पुलिस के दावे, प्रत्यक्ष परिस्थितियां, मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम जैसे साक्ष्य आगे की स्थिति स्पष्ट करेंगे।
मामले में आगे क्या होगा
गोस्वामी की मौत के बाद पुलिस को उसकी मौत से संबंधित अलग जांच करनी होगी। पोस्टमार्टम और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य इस जांच में महत्वपूर्ण होंगे।
पत्नी की हत्या से जुड़े मामले में भी घटनास्थल से मिले सबूत, फोरेंसिक रिपोर्ट और आरोपी के पहले दिए गए बयानों का परीक्षण जारी रह सकता है।
हालांकि आरोपी की मौत के कारण उसके खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमे की स्थिति बदल जाएगी। इसके बावजूद हत्या की घटना से जुड़े तथ्य और परिस्थितियां जांच के रिकॉर्ड का हिस्सा रहेंगी।
घटना से जुड़े बड़े सवाल
इस पूरे मामले में कई सवाल अब भी महत्वपूर्ण हैं। आरोपी पुलिस वाहन से कैसे बाहर निकला। पुलिस टीम ने उसे रोकने की क्या कोशिश की। वह किस स्थान से गिरा। मेडिकल रिपोर्ट में मौत का तत्काल कारण क्या दर्ज होता है।
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और आधिकारिक मेडिकल दस्तावेजों से सामने आएंगे।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इतना स्थापित है कि पत्नी की हत्या के आरोपी रामानुज गोस्वामी की पुलिस वाहन से कूदने के बाद गंभीर चोटों से मौत हुई। इस घटना की परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
निष्कर्ष
गुवाहाटी का यह मामला पहले पत्नी की हत्या और शव से कथित छेड़छाड़ के कारण चर्चा में आया था। अब आरोपी की पुलिस हिरासत के दौरान हुई मौत ने जांच का एक नया अध्याय खोल दिया है।
हत्या के आरोपों से लेकर पुलिस वाहन से कथित छलांग तक, हर चरण में आधिकारिक साक्ष्यों और स्वतंत्र जांच की भूमिका अहम रहेगी। उपलब्ध तथ्यों से आगे बढ़कर किसी मंशा या परिस्थिति का निष्कर्ष निकालना फिलहाल उचित नहीं होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।