मेरठ सेंट्रल मार्केट में बड़ी कार्रवाई, छह भवन ध्वस्त, 35 दुकानों पर चला बुलडोजर आगे क्या होगा?
Asif Khan
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2026-09-17 14:16:38
मेरठ सेंट्रल मार्केट में छह भवन ध्वस्त किए गए। कार्रवाई में एक बैंक्वेट हॉल और पांच कॉम्प्लेक्स शामिल रहे। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होनी है।
Meerut 17 September 2026 Asif Khan
उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में 16 सितंबर को प्रशासनिक ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के बीच छह भवनों को गिराया गया। कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन से जुड़ी बताई गई है।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में एक बैंक्वेट हॉल और पांच कॉम्प्लेक्स शामिल रहे। इन कॉम्प्लेक्स में करीब 35 दुकानें होने की जानकारी सामने आई है।
छह भवनों पर चला बुलडोजर
सेंट्रल मार्केट में पहले से सील की गई 44 संपत्तियों में से छह भवनों पर कार्रवाई की गई। उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक इन संपत्तियों में निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़े नियमों के उल्लंघन का मामला था।
आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार संबंधित भवनों में स्वीकृत नक्शे से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा मामला
सेंट्रल मार्केट का मामला लंबे समय से अदालत में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल 2026 के रिकॉर्ड में 859 संबंधित संपत्तियों की जानकारी और उनमें से 44 संपत्तियों की अलग सूची का उल्लेख है।
अदालत के रिकॉर्ड में भवनों की स्वीकृत योजना, वास्तविक निर्माण, सेटबैक और कथित उल्लंघनों से संबंधित स्थिति की जानकारी दर्ज की गई थी।
14 जुलाई 2026 के आदेश से जुड़े विवरणों के अनुसार अदालत ने अनधिकृत निर्माण हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद मेरठ में संबंधित संपत्तियों पर कार्रवाई आगे बढ़ी।
भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग
16 सितंबर की सुबह सेंट्रल मार्केट और आसपास के रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया। कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार कार्रवाई के दौरान आम आवाजाही प्रभावित हुई। स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को भी रास्ते बंद होने के कारण परेशानी हुई।
कार्रवाई के दौरान बिजली आपूर्ति बंद किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। इस संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में स्थानीय लोगों के बयान शामिल हैं।
महिलाओं और व्यापारियों का विरोध
ध्वस्तीकरण के दौरान कुछ महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध किया। रिपोर्टों के अनुसार महिलाओं ने मौके पर धरना दिया और अपने मकान तथा दुकानों को बचाने की मांग की।
कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन दिया गया था। प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। इसलिए इन दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से बातचीत की। प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होने की जानकारी सामने आई।
सेटबैक को लेकर भी कार्रवाई
सेंट्रल मार्केट से जुड़े व्यापक मामले में केवल छह भवनों के ध्वस्तीकरण तक कार्रवाई सीमित नहीं है।
17 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार 859 भवनों में 200 से अधिक भवनों के सेटबैक खाली किए जा चुके थे। करीब 150 भवनों में सेटबैक खाली करने का काम जारी बताया गया। वहीं लगभग 500 भवन ऐसे बताए गए, जहां उस समय कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
इससे स्पष्ट है कि मामला एक सीमित ध्वस्तीकरण अभियान से आगे बढ़कर बड़े क्षेत्र में भवन नियमों के अनुपालन से जुड़ा है।
आगे क्या होगा?
सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित है। कार्रवाई के बाद प्रशासन और संबंधित प्राधिकरण को अदालत के निर्देशों के अनुपालन की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट पेश करनी है।
आगे की न्यायिक कार्रवाई इस बात पर महत्वपूर्ण होगी कि संबंधित संपत्तियों में निर्माण, सेटबैक और भूमि उपयोग से जुड़े नियमों का अनुपालन किस स्तर तक हुआ है।
फिलहाल छह भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद सेंट्रल मार्केट मामला फिर से चर्चा के केंद्र में है। एक तरफ अदालत के निर्देशों के अनुपालन का प्रश्न है, दूसरी तरफ प्रभावित लोगों के मकान, दुकान और कारोबार से जुड़े सवाल हैं। इन दोनों पहलुओं का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर होगा।
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।