मुजफ्फरनगर में भगवान विश्वकर्मा पूजा दिवस पर पूजा, हवन और भंडारे के बाद शोभायात्रा निकाली गई। शिव चौक पर आरती के बाद यात्रा प्रमुख मार्गों से होकर विश्वकर्मा चौक लौटी।
📍 मुजफ्फरनगर
🗓️ 17 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
मुजफ्फरनगर में गुरुवार, 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा पूजा दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विश्वकर्मा चौक पर सुबह पूजा-अर्चना, हवन और यज्ञ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। धार्मिक आयोजन के बाद प्रसाद वितरण और भंडारे का भी इंतजाम किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता भी दिखाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे विश्वकर्मा चौक पर हुई। श्री सत्यप्रकाश धीमान और उनकी पत्नी सुमन धीमान, सुभाष धीमान और उनकी पत्नी तथा पंडित सत्यव्रत आर्य ने विधि-विधान से पूजा और यज्ञ संपन्न कराया।
हवन के दौरान समाज के गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। इसके बाद शगुन बैंक्वेट हॉल में प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया गया।
17 सितंबर को देश के कई हिस्सों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा का पर्व मनाया गया। धार्मिक परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को शिल्प, निर्माण और कारीगरी से जुड़ी परंपरा का आराध्य माना जाता है।
आयोजन में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक, बिजनौर सांसद चंदन सिंह चौहान, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा सहित कई अतिथि शामिल हुए।
इन अतिथियों ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की और धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।
दोपहर 1 बजे विश्वकर्मा चौक से भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा रवाना हुई। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी। श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ इसमें भाग लिया।
शोभायात्रा शिव चौक पहुंची, जहां भगवान शिव और भगवान विश्वकर्मा की आरती की गई। इसके बाद यात्रा रुड़की रोड की ओर रवाना हुई।
शिव चौक के बाद शोभायात्रा रुड़की रोड, अहिल्याबाई चौक, फ्रेंड्स कॉलोनी, सरवट रोड और अंसारी रोड से होकर वापस विश्वकर्मा चौक पहुंची।
यहीं धार्मिक आयोजन का समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।
मुजफ्फरनगर में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर शोभायात्रा निकालने की परंपरा पहले भी रही है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों में विश्वकर्मा चौक से यात्रा शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने का उल्लेख मिलता है।
विश्वकर्मा पूजा धार्मिक आस्था के साथ शिल्प, तकनीकी काम, कारीगरी और श्रम से जुड़े समुदायों के लिए भी अहम अवसर माना जाता है। इस पर्व पर पूजा-अर्चना के साथ औजारों और कार्यस्थलों के प्रति सम्मान की परंपरा भी कई स्थानों पर देखने को मिलती है।
मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम में पूजा, हवन, भंडारा और शोभायात्रा के जरिए धार्मिक आयोजन को सामुदायिक सहभागिता से जोड़ा गया। शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर निकली यात्रा ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।
भगवान विश्वकर्मा पूजा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान से लेकर शोभायात्रा तक कई गतिविधियां शामिल रहीं। विश्वकर्मा चौक से शुरू हुआ आयोजन पूजा और यज्ञ के बाद शोभायात्रा के रूप में शहर के प्रमुख मार्गों तक पहुंचा।
शिव चौक पर आरती और इसके बाद निर्धारित मार्गों से होकर विश्वकर्मा चौक वापसी के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के साथ भगवान विश्वकर्मा का स्मरण किया।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।