गुरुवार, 10 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
World

नेपाल-चीन व्यापार पर बाढ़ की मार, त्योहारों से पहले सप्लाई संकट; 2 अरब नेपाली रुपये के नुकसान का दावा

Harish Qureshi 2026-09-09 14:42:43
नेपाल-चीन व्यापार पर बाढ़ की मार, त्योहारों से पहले सप्लाई संकट; 2 अरब नेपाली रुपये के नुकसान का दावा

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से चीन के साथ व्यापारिक आवाजाही बाधित है। रसुवागढ़ी मार्ग को नुकसान के बाद कंटेनर फंसे हैं और त्योहारों से पहले सप्लाई व कीमतों पर दबाव बढ़ा है।


काठमांडू | 9 सितंबर 2026

Mohd Haris


नेपाल में बाढ़ से चीन के साथ व्यापार प्रभावित


काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने चीन के साथ होने वाले व्यापार की रफ्तार पर गंभीर असर डाला है। रसुवागढ़ी सीमा चौकी और उससे जुड़े मार्गों को नुकसान पहुंचने के बाद चीन से आने वाले माल की आवाजाही बाधित है। ऐसे समय में यह संकट सामने आया है, जब नेपाल में दशईं, तिहार और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले उपभोक्ता सामान की मांग बढ़ने वाली है।


व्यापारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में चीनी सामान से लदे कंटेनर रास्ते में फंसे हुए हैं। कुछ कंटेनर बाढ़ की चपेट में आकर बह भी गए हैं। इससे कारोबारी नुकसान के साथ बाजार में समय पर सामान पहुंचाने को लेकर चिंता बढ़ गई है।


रसुवागढ़ी मार्ग को बड़ा नुकसान


नेपाल और चीन के बीच रसुवागढ़ी प्रमुख व्यापारिक रास्तों में शामिल है। बाढ़ ने सीमा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और संपर्क सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। इसके चलते चीन से नेपाल आने वाले मालवाहक वाहनों की सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई है।


नेपाल ट्रांस-हिमालयन बॉर्डर कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राम हरि कार्की के अनुसार, चीन से केरुंग की दिशा में 500 से 600 से अधिक कंटेनर ऐसे थे जिनमें तीज, दशईं, तिहार और छठ के लिए सामान लदा था। रसुवागढ़ी मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद इनमें से कई कंटेनर रास्ते में फंस गए हैं। यह आंकड़ा व्यापारिक संगठन के पदाधिकारी का दावा है, सरकारी अंतिम आंकड़ा नहीं।


200 से ज्यादा कंटेनर बहने का दावा


व्यापारियों के अनुसार बाढ़ में 200 से अधिक नेपाली कंटेनर बह गए। राम हरि कार्की ने कारोबारियों को कम से कम 2 अरब नेपाली रुपये के नुकसान का अनुमान बताया है। नुकसान का अंतिम सरकारी आकलन अभी अलग से सामने नहीं आया है, इसलिए इस राशि को कारोबारी अनुमान के तौर पर देखा जाना चाहिए।


एक अन्य नेपाली रिपोर्ट में कारोबारियों ने इससे भी अधिक माल नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगाया है। हालांकि अलग-अलग स्रोतों में कंटेनरों और माल के नुकसान के आंकड़े अलग हैं। ऐसे में नुकसान की अंतिम तस्वीर आधिकारिक सर्वेक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।


तातोपानी मार्ग भी सामान्य नहीं


संकट केवल रसुवागढ़ी तक सीमित नहीं है। नेपाल-चीन व्यापार का दूसरा अहम मार्ग तातोपानी भी सामान्य तरीके से काम नहीं कर रहा है। उत्तर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों में एक साथ व्यवधान आने से आयातकों पर वैकल्पिक रास्तों का दबाव बढ़ गया है।


यही वजह है कि कारोबारियों ने मुस्तांग के कोराला सीमा मार्ग का इस्तेमाल शुरू किया है। करीब 176 मालवाहक ट्रकों को इस दिशा में भेजे जाने की जानकारी व्यापारिक संगठन की ओर से दी गई है।


कोराला मार्ग बना मजबूरी


कोराला मार्ग फिलहाल रसुवागढ़ी का व्यावहारिक विकल्प साबित नहीं हो रहा है। ऊंचाई, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी यात्रा के कारण माल पहुंचाने में ज्यादा समय लग रहा है।


राम हरि कार्की के मुताबिक, चीन से नेपाल तक माल लाने और वापस जाने की पूरी आवाजाही में 10 से 12 दिन लग सकते हैं। कारोबारियों के अनुसार कोराला से काठमांडू तक एक मालवाहक वाहन की लागत करीब 4,50,000 से 5,00,000 नेपाली रुपये तक पहुंच गई है। इससे परिवहन लागत में लगभग 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।


त्योहारों से पहले क्यों बढ़ी चिंता


नेपाल का त्योहारों का मौसम कारोबार के लिहाज से अहम होता है। दशईं, तिहार और छठ से पहले कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उत्पाद, सजावटी वस्तुएं और खिलौनों की मांग बढ़ती है। इनमें चीनी आयातित सामान की बड़ी हिस्सेदारी रहती है।


व्यापारिक मार्गों में व्यवधान से दोहरी चुनौती पैदा हुई है। पहली चुनौती समय पर माल पहुंचाने की है। दूसरी चुनौती बढ़ी हुई परिवहन लागत की है। यदि आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है तो आयातकों और खुदरा कारोबारियों पर लागत का दबाव बढ़ सकता है।


कीमतों पर कितना असर होगा


फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि नेपाल के बाजार में सभी संबंधित सामान की कीमतें कितनी बढ़ेंगी। हालांकि व्यापारियों ने आशंका जताई है कि लंबी परिवहन दूरी और सीमित मार्गों के कारण लागत बढ़ सकती है। इसका असर त्योहारों से पहले बाजार में उपलब्धता और खुदरा कीमतों पर पड़ने की संभावना बताई जा रही है।


यहां एक अहम तथ्य यह है कि परिवहन लागत में दर्ज 10 से 15 फीसदी की वृद्धि सीधे हर उत्पाद की खुदरा कीमत में उसी अनुपात में बदल जाएगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा। कीमत पर माल की प्रकृति, पहले से मौजूद स्टॉक, आयात शुल्क, कारोबारी मार्जिन और बाजार की मांग जैसे कई कारक असर डालेंगे।


मानवीय त्रासदी का व्यापक असर


व्यापारिक संकट नेपाल में आई व्यापक प्राकृतिक आपदा का केवल एक हिस्सा है। नेपाल पुलिस के अनुसार बुधवार तक बाढ़ में 1,365 लोगों की मौत की सूचना थी और 5,326 लोग अब भी लापता बताए गए थे। इनमें कम से कम 589 विदेशी नागरिक शामिल थे।


बाढ़ ने सड़क, पुल और सीमा अवसंरचना को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। अलग रिपोर्टों के अनुसार रसुवा और चितवन के बीच 63 पुलों में से 41 पुल नष्ट हुए हैं और 4 अन्य को आंशिक नुकसान पहुंचा है। भारत और चीन ने नेपाल को अस्थायी पुल उपलब्ध कराने की दिशा में मदद की है।


आपूर्ति व्यवस्था के सामने चुनौती


मौजूदा हालात ने नेपाल की उत्तरी व्यापारिक आपूर्ति व्यवस्था की संवेदनशीलता सामने ला दी है। जब प्रमुख सीमा मार्गों में व्यवधान आया तो माल को वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ना पड़ा। लेकिन वैकल्पिक मार्गों की क्षमता सीमित होने पर दबाव तेजी से बढ़ सकता है।


कोराला मार्ग पर बढ़ती आवाजाही इसी दबाव का संकेत है। अगर मुख्य व्यापारिक मार्ग जल्द बहाल नहीं होते तो कारोबारियों को लंबी अवधि तक अधिक परिवहन लागत और ज्यादा यात्रा समय का सामना करना पड़ सकता है।


सरकार और पड़ोसी देशों की भूमिका


नेपाल के सामने अब प्राथमिकता प्रभावित सीमा मार्गों और संपर्क बुनियादी ढांचे की बहाली है। इसके साथ ही मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्गों को अधिक सक्षम बनाना जरूरी होगा।


भारत और चीन दोनों ने नेपाल को आपदा के बाद बुनियादी ढांचे की बहाली में मदद की पेशकश की है। भारत ने बेली ब्रिज उपलब्ध कराने की पेशकश की है, जबकि चीन ने मुस्तांग के कोराला क्षेत्र के लिए 2 बेली ब्रिज भेजे हैं।


आगे की तस्वीर


नेपाल के लिए आने वाले सप्ताह अहम होंगे। त्योहारों से पहले अगर रसुवागढ़ी और दूसरे प्रमुख मार्गों पर आवाजाही बहाल होती है तो व्यापारिक दबाव कम हो सकता है। लेकिन लंबे समय तक व्यवधान रहने पर आयातकों को वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ेगा।


इस संकट का असर केवल कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा। लंबे समय तक सप्लाई बाधित होने पर उपभोक्ताओं को सामान की उपलब्धता, डिलीवरी समय और कीमतों में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इस समय बाजार में व्यापक कमी या किसी खास वस्तु की निश्चित कीमत बढ़ने का दावा करना जल्दबाजी होगी।


निष्कर्ष


नेपाल की विनाशकारी बाढ़ ने मानवीय संकट के साथ व्यापारिक ढांचे को भी गहरी चोट पहुंचाई है। चीन के साथ कारोबार के प्रमुख रास्तों में व्यवधान ने त्योहारों से पहले आयातित सामान की आपूर्ति पर दबाव बढ़ाया है।


200 से अधिक कंटेनरों के बहने और कम से कम 2 अरब नेपाली रुपये के नुकसान का आंकड़ा फिलहाल व्यापारिक प्रतिनिधियों के अनुमान पर आधारित है। वास्तविक आर्थिक नुकसान का आकलन आधिकारिक जांच और सीमा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगा।


फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती राहत और बचाव के साथ-साथ व्यापारिक संपर्क को बहाल करना है। आने वाले दिनों में रसुवागढ़ी और तातोपानी मार्गों की स्थिति ही तय करेगी कि त्योहारों से पहले आपूर्ति संकट कितना गहरा होता है।


वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

नेपाल-चीन व्यापार पर बाढ़ की मार, त्योहारों से पहले सप्लाई संकट; 2 अरब नेपाली रुपये के नुकसान का दावा

2026-09-09 14:42:48

नेपाल त्रासदी के बीच नस्ली पोस्ट पर कार्रवाई, सिंगापुर पुलिस के रडार पर 5 लोग

2026-09-09 15:41:04

नेपाल बाढ़: 275 भारतीय लापता, 166 रेस्क्यू; भारत की 95 टन मदद

2026-09-05 06:30:09

नेपाल में 60 घंटे बाद मलबे से जिंदा मिली बच्ची, रेस्क्यू टीम ने बचाई जान

2026-09-03 16:34:39

नेपाल के PM बलेंद्र शाह ने बाढ़ राहत के लिए भारत-चीन को दिया धन्यवाद

2026-09-03 11:40:33

मलबे से निकला 50 करोड़ का सोना, डेढ़ करोड़ नकद भी बरामद

2026-08-31 15:38:21

स्ट्रे किड्स के ली नो ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए 100 मिलियन वॉन दान किए

2026-08-31 13:26:35

नेपाल बाढ़ में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के 933 कर्मियों का सुराग नहीं

2026-08-31 11:29:21

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर