नॉर्वे के किंग हाराल्ड 5वें का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। नॉर्वे के रॉयल पैलेस ने शुक्रवार को बताया कि राजा ने 28 अगस्त की सुबह 6:35 बजे ओस्लो यूनिवर्सिटी अस्पताल में शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ 35 साल से ज्यादा लंबे शासन का अंत हो गया।
हाराल्ड यूरोप के सबसे उम्रदराज़ जीवित सम्राट थे। उनकी मौत के बाद उनके 53 वर्षीय बेटे क्राउन प्रिंस हाकोन ने संवैधानिक व्यवस्था के तहत स्वतः राजगद्दी संभाल ली। वह किंग हाकोन 8वें के रूप में नॉर्वे के नए सम्राट बने हैं।
ओस्लो, नॉर्वे | 28 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
किंग हाराल्ड को 17 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें हीमोलाइटिक एनीमिया से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या थी। बाद में उनके रक्त में बैक्टीरियल संक्रमण की जानकारी सामने आई। 27 अगस्त को रॉयल पैलेस ने उनकी हालत को बेहद गंभीर बताया था। परिवार के सदस्य उनके पास अस्पताल पहुंचे थे। अगले दिन उनके निधन की आधिकारिक घोषणा की गई। नॉर्वे के रॉयल पैलेस के अनुसार उनका निधन शांतिपूर्वक हुआ। निधन की खबर के बाद ओस्लो स्थित रॉयल पैलेस पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया।
हाराल्ड 5वें ने जनवरी 1991 में अपने पिता किंग ओलाव 5वें के निधन के बाद राजगद्दी संभाली थी। इसके बाद उन्होंने तीन दशक से ज्यादा समय तक नॉर्वे के संवैधानिक राष्ट्राध्यक्ष के रूप में भूमिका निभाई। नॉर्वे में राजा की भूमिका मुख्य रूप से संवैधानिक और प्रतीकात्मक है। देश की वास्तविक राजनीतिक सत्ता निर्वाचित संसद और सरकार के पास रहती है। अपने लंबे शासनकाल में हाराल्ड ने राजशाही को आधुनिक सामाजिक मूल्यों के साथ जोड़ने की कोशिश की। वह नॉर्वे में काफी लोकप्रिय रहे और राष्ट्रीय संकटों के दौरान जनता के साथ खड़े दिखाई दिए।
किंग हाराल्ड का जन्म 21 फरवरी 1937 को नॉर्वे में हुआ था। वह करीब 570 वर्षों में नॉर्वे की धरती पर जन्म लेने वाले पहले शाही उत्तराधिकारी थे।
जब 1940 में नाजी जर्मनी ने नॉर्वे पर कब्जा किया, तब हाराल्ड केवल 3 साल के थे। उनकी मां उन्हें और उनकी बहनों को पहले स्वीडन और फिर अमेरिका ले गईं। परिवार ने अमेरिका में कई साल बिताए। हाराल्ड और उनका परिवार अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट से भी मिला करता था। 1945 में युद्ध समाप्त होने के बाद परिवार नॉर्वे लौट आया।
हाराल्ड की निजी जिंदगी भी नॉर्वे की राजशाही में बदलाव का प्रतीक बनी। 1968 में उन्होंने सोन्या हाराल्डसन से शादी की। सोन्या किसी शाही परिवार से नहीं थीं। दोनों के रिश्ते को लेकर उनके पिता की शुरुआती आपत्ति के बावजूद अंततः शादी हुई। बाद में सोन्या नॉर्वे की रानी बनीं। इस विवाह को नॉर्वे की आधुनिक राजशाही के इतिहास में महत्वपूर्ण बदलाव माना गया। हाराल्ड ने सार्वजनिक जीवन में भी पारंपरिक राजशाही की सीमाओं से बाहर निकलने की कोशिश की। वह सहिष्णुता, विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सार्वजनिक रूप से बोलते रहे।
किंग हाराल्ड की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण संकट के समय उनका सार्वजनिक रुख रहा। 2011 में एंडर्स बेहरिंग ब्रेविक के आतंकवादी हमलों में 77 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद हाराल्ड ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता और खुले लोकतांत्रिक समाज में विश्वास की बात कही थी।
उनका संदेश उस समय राष्ट्रीय एकता और शोक का अहम हिस्सा बना। बाढ़, तूफान और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी वह प्रभावित इलाकों में जाते रहे और पीड़ित परिवारों से मिलते रहे।
हाराल्ड एक अनुभवी नाविक थे और उन्होंने कई ओलंपिक खेलों में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व किया था। 1987 में उन्होंने अपनी नौका के साथ विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था। पर्यावरण संरक्षण में भी उनकी दिलचस्पी थी। उन्होंने अमेजन क्षेत्र की यात्रा की और प्राकृतिक संरक्षण से जुड़े मुद्दों में रुचि दिखाई। उनकी यह छवि पारंपरिक राजपरिवार के सदस्य से अलग थी। वह खेल, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते थे।
हाराल्ड को पिछले कुछ वर्षों में कई बार स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था। 2024 में मलेशिया की यात्रा के दौरान संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें अस्थायी पेसमेकर लगाया गया था। बाद में नॉर्वे लौटने पर स्थायी पेसमेकर लगाया गया। 2026 की शुरुआत में भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई थी। उनके बेटे हाकोन ने कई मौकों पर उनकी अनुपस्थिति में राजकीय जिम्मेदारियां संभाली थीं।
इसके बावजूद हाराल्ड ने पद छोड़ने या त्यागपत्र देने से इनकार किया था। उनका रुख था कि राजा के रूप में उन्होंने संसद के सामने जो शपथ ली है, वह जीवनभर की जिम्मेदारी है।
हाराल्ड के निधन के बाद उनके बेटे हाकोन ने राजगद्दी संभाल ली है। हाकोन 53 वर्ष के हैं और लंबे समय से शाही जिम्मेदारियों में सक्रिय रहे हैं।
नॉर्वे में नए राजा के लिए पारंपरिक राज्याभिषेक समारोह नहीं होता। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हाकोन सरकार के साथ विशेष बैठक में हिस्सा लेंगे और संसद के सामने शपथ लेंगे। इस तरह नॉर्वे की राजशाही अब एक नई पीढ़ी के नेतृत्व में प्रवेश कर रही है।
हाराल्ड के निधन की खबर के बाद रॉयल पैलेस के बाहर लोग फूल लेकर पहुंचने लगे। ओस्लो में आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने कहा कि पूरा देश शोक में है। उन्होंने हाराल्ड को तीन दशक से ज्यादा समय तक देश की सेवा करने वाला ऐसा राजा बताया जिसने कठिन समय में लोगों को एकजुट किया। नॉर्वे की सशस्त्र सेनाओं ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। उनके सम्मान में देशभर के निर्धारित स्थानों से 21 तोपों की सलामी दी गई।
हाराल्ड के निधन के साथ नॉर्वे की राजशाही के सामने नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हुआ है। हाल के वर्षों में शाही परिवार से जुड़े कई विवादों ने संस्था की लोकप्रियता पर भी असर डाला है। रॉयटर्स के मुताबिक 2026 में राजशाही के समर्थन में गिरावट दर्ज की गई थी, हालांकि हाराल्ड खुद अब भी काफी लोकप्रिय थे। अब नए राजा हाकोन के सामने अपनी भूमिका को आधुनिक नॉर्वे की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
किंग हाराल्ड 5वें का निधन नॉर्वे की राजशाही के लिए एक लंबे दौर का अंत है। 1991 से 2026 तक उन्होंने बदलते नॉर्वे के साथ राजशाही को भी बदलने की कोशिश की। वह युद्ध के अनुभव से गुजरे, लोकतांत्रिक नॉर्वे के लंबे दौर के प्रतीक बने और राष्ट्रीय संकटों में जनता के साथ खड़े रहे। उनके निधन के बाद अब जिम्मेदारी किंग हाकोन 8वें पर है। नॉर्वे में सत्ता का वास्तविक केंद्र निर्वाचित सरकार और संसद ही हैं, लेकिन राजा की संवैधानिक और प्रतीकात्मक भूमिका देश की राष्ट्रीय पहचान में महत्वपूर्ण बनी हुई है। हाराल्ड के बाद यह भूमिका अब नई पीढ़ी संभालेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।