दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव की नई ख़बर सामने आई है। चीन की चेतावनी के बीच समुद्री अधिकारों और क्षेत्रीय सुरक्षा का विवाद फिर चर्चा में है।
बैंकॉक/मनीला | 4 नवंबर 2026
By Mohd Haris
दक्षिण चीन सागर में समुद्री अधिकारों को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच जारी विवाद एक बार फिर कूटनीतिक तनाव की वजह बन गया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने फिलीपींस की विदेश मंत्री मारिया थेरेसा लाज़ारो के साथ टेलीफोन पर बातचीत में दक्षिण चीन सागर से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने को कहा है। हालांकि, दोनों देशों ने आपसी मतभेदों के बावजूद बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।
विदेश मंत्रियों की बातचीत में क्या हुआ?
3 नवंबर 2026 की रात चीन के विदेश मंत्री वांग यी और फिलीपींस की विदेश मंत्री थेरेसा लाज़ारो के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, समुद्री विवाद और हाल के कूटनीतिक मतभेदों पर चर्चा की गई। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, वांग यी ने आरोप लगाया कि फिलीपींस के कुछ राजनीतिक नेताओं की गतिविधियां दोनों देशों के रिश्तों में नकारात्मक दख़ल पैदा कर रही हैं।
उन्होंने मनीला से संबंधित नेताओं पर नियंत्रण रखने और चीन के प्रति अपनी नीति में एक स्पष्ट तथा एकजुट रुख़ अपनाने को कहा।
वांग यी ने दक्षिण चीन सागर के विवाद पर फिलीपींस को अपने बयानों और गतिविधियों में सावधानी बरतने की नसीहत भी दी।
दूसरी ओर, फिलीपींस की विदेश मंत्री लाज़ारो ने बातचीत को स्पष्ट और रचनात्मक बताया। उनके मुताबिक़, दोनों पक्षों ने आपसी सम्मान के आधार पर मतभेदों को संभालने और कूटनीतिक संवाद जारी रखने की अहमियत स्वीकार की।
चीन के राजदूत के बयान से क्यों बढ़ा विवाद?
दोनों देशों के बीच हालिया तनाव की एक अहम वजह फिलीपींस में चीन के राजदूत जिंग क्वान की टिप्पणी भी रही है।
इससे पहले फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोडोरो जूनियर ने चीन को क्षेत्रीय स्तर पर परेशानी पैदा करने वाला देश बताया था।
इसके जवाब में चीनी राजदूत ने कहा था कि यदि चीन बल प्रयोग करना चाहे तो वह आसानी से जीत हासिल कर सकता है, लेकिन चीन शांति का रास्ता चुनना चाहता है।
फिलीपींस की सरकार ने इस टिप्पणी पर कड़ा एतराज़ जताया। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने भी इसे धमकी जैसा बयान बताया।
19 अक्टूबर को फिलीपींस ने चीनी राजदूत को तलब करके अपना विरोध दर्ज कराया था। विदेश मंत्री लाज़ारो ने राजदूत की टिप्पणी को उकसाने वाली और अस्वीकार्य बताया था।
दक्षिण चीन सागर को लेकर असली विवाद क्या है?
दक्षिण चीन सागर एशिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में शामिल है। यहां से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज़ों की आवाजाही होती है। समुद्र के भीतर तेल और प्राकृतिक गैस जैसे संसाधनों की संभावनाएं भी इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती हैं। चीन इस समुद्री क्षेत्र के बड़े हिस्से पर ऐतिहासिक अधिकारों का दावा करता है। दूसरी ओर, फिलीपींस अंतरराष्ट्रीय समुद्री क़ानून के तहत अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र में संसाधनों के इस्तेमाल और समुद्री गतिविधियों के अधिकार पर ज़ोर देता है। दोनों देशों के बीच विवाद केवल राजनयिक बयानों तक सीमित नहीं रहा है। पिछले वर्षों में समुद्री जहाज़ों की टक्कर, तटरक्षक बलों के बीच टकराव और समुद्री गतिविधियों को लेकर कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलीपींस के अलावा वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के भी दक्षिण चीन सागर के विभिन्न हिस्सों को लेकर दावे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री क़ानून और 2016 का फ़ैसला
दक्षिण चीन सागर विवाद में संयुक्त राष्ट्र समुद्री क़ानून संधि की अहम भूमिका है।
इस संधि के मुताबिक़, तटीय देशों को सामान्यतः अपने समुद्र तट से 200 समुद्री मील तक के विशेष आर्थिक क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की खोज और उनके इस्तेमाल के विशेष अधिकार मिलते हैं। यह क्षेत्र पूर्ण संप्रभु समुद्री सीमा के समान नहीं होता। 2016 में एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने चीन के व्यापक ऐतिहासिक समुद्री अधिकारों के दावे को क़ानूनी आधार के अभाव में अस्वीकार किया था।
फिलीपींस इस फ़ैसले को अपने समुद्री अधिकारों के समर्थन में पेश करता है। चीन इस मध्यस्थता फ़ैसले को स्वीकार नहीं करता।
इसी बुनियादी मतभेद की वजह से दोनों देशों के बीच समुद्री अधिकारों और क्षेत्रीय दावों को लेकर विवाद बना हुआ है।
रीड बैंक में तेल और गैस की खोज पर भी चर्चा
विदेश मंत्रियों की बातचीत में एक और महत्वपूर्ण विषय रीड बैंक क्षेत्र में तेल और प्राकृतिक गैस की संयुक्त खोज से संबंधित रहा।
फिलीपींस के एक अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक़, दोनों देशों के बीच लंबे समय से रुकी हुई संयुक्त ऊर्जा खोज संबंधी बातचीत को फिर शुरू करने की संभावना पर चर्चा हुई।
रीड बैंक फिलीपींस के विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर स्थित है, लेकिन चीन भी इस इलाके पर दावा करता है।
चीन के विरोध के कारण इस क्षेत्र में फिलीपींस की ऊर्जा खोज संबंधी गतिविधियां लंबे समय से प्रभावित रही हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।