यमन के हूतियों ने सऊदी अरब के खमीस मुशैत, अबहा और ताइफ को निशाना बनाया। सऊदी गठबंधन के मुताबिक 13 नागरिक घायल हुए और 7 घरों को नुकसान पहुंचा।
रियाद, सऊदी अरब | 15 सितंबर 2026
यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ फिर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक खमीस मुशैत, अबहा और ताइफ में हुए हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं।
सऊदी अधिकारियों के अनुसार हमलों में 7 आवासीय घरों और 2 वाहनों को नुकसान पहुंचा। घायल नागरिकों को मामूली से मध्यम स्तर की चोटें आने की जानकारी दी गई है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। खमीस मुशैत, अबहा और ताइफ में नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने इससे पहले जेद्दा, यनबू, ताइफ, अबहा, जाज़ान और अलउला समेत कई इलाकों में संभावित खतरे की चेतावनी जारी की थी। बाद में खतरे की स्थिति समाप्त होने की जानकारी दी गई।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने हमलों को सऊदी सैन्य कार्रवाई की प्रतिक्रिया बताया है। हूती पक्ष का कहना है कि हाल के दिनों में यमन के कई हिस्सों में सऊदी हवाई हमले किए गए हैं।
हूती दावों में सऊदी सैन्य ठिकानों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाने की बात कही गई है। हालांकि सैन्य नुकसान से जुड़े हूती दावों के सभी हिस्सों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि वह अपनी संप्रभुता, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करेगा।
गठबंधन ने अपने बयान में आत्मरक्षा के अधिकार और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का हवाला दिया है। सऊदी पक्ष ने हूतियों पर नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित ताकतों के बीच संघर्ष लंबे समय से जारी है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुआ संघर्षविराम व्यापक युद्ध को रोकने में अहम रहा था, लेकिन हालिया घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव फिर बढ़ा दिया है।
हाल के दिनों में हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ हमले तेज किए हैं। 8 सितंबर को हुए हमलों में सऊदी अधिकारियों के अनुसार 73 लोग घायल हुए थे और दक्षिणी सऊदी अरब में ऊर्जा प्रतिष्ठानों के आसपास आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं।
मौजूदा घटनाक्रम केवल सऊदी अरब और यमन तक सीमित नहीं है। लाल सागर, बाब अल-मंदब और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम पहले से ही वैश्विक ऊर्जा और समुद्री परिवहन पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
सऊदी अरब की पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने के बाद तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इस पाइपलाइन का रणनीतिक महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि यह सऊदी तेल को लाल सागर के रास्ते निर्यात करने में मदद करती है।
मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के लिए अहम जोखिम बन रहा है। सऊदी ऊर्जा ढांचे, लाल सागर के समुद्री मार्गों और होर्मुज़ क्षेत्र में एक साथ दबाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
सऊदी अरब दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में शामिल है। इसलिए उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले वैश्विक आपूर्ति और कीमतों दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हूतियों के नए हमले ऐसे समय हुए हैं जब खाड़ी देशों और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशें चल रही थीं।
ईरान के साथ प्रस्तावित बैठक को स्थगित किए जाने की खबरों ने कूटनीतिक प्रयासों पर भी सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ यमन में हूतियों की सैन्य गतिविधियों और लाल सागर क्षेत्र में उनकी बढ़ती सक्रियता ने संकट को और जटिल बना दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सऊदी अरब हूतियों के ताजा हमलों के जवाब में किस स्तर की सैन्य कार्रवाई करता है। अगर जवाबी हमले बढ़ते हैं, तो यमन संघर्ष का दायरा और फैल सकता है।
दूसरी चिंता लाल सागर और बाब अल-मंदब जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों को लेकर है। इन मार्गों पर अस्थिरता बढ़ने से तेल और अन्य माल की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
सऊदी अरब पर हूतियों का ताजा हमला यमन संघर्ष के दोबारा गंभीर रूप लेने का संकेत है। 13 नागरिकों के घायल होने और आवासीय संपत्तियों को नुकसान की पुष्टि के बाद रियाद के सामने सैन्य सुरक्षा के साथ कूटनीतिक चुनौती भी बढ़ गई है।
आने वाले दिनों में सऊदी जवाब, हूतियों की अगली कार्रवाई और क्षेत्रीय कूटनीतिक प्रयास यह तय करेंगे कि संकट सीमित रहता है या मध्य पूर्व में संघर्ष का नया मोर्चा खुलता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।