टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयर ₹300 के इश्यू प्राइस से 111.3% ऊपर ₹634 पर लिस्ट हुए। 2026 में भारतीय बाजार की यह सबसे बड़ी लिस्टिंग बढ़त रही।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 28 अगस्त 2026
✍️ Mohd Naved
शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत
टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया के शेयरों ने 28 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत की। कंपनी का शेयर ₹300 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹634 पर लिस्ट हुआ, यानी निवेशकों को शुरुआती स्तर पर 111.3% का प्रीमियम मिला।
यह प्रदर्शन 2026 में भारतीय शेयर बाजार पर किसी कंपनी की सबसे बड़ी लिस्टिंग बढ़त के तौर पर सामने आया है। इससे पहले जनवरी में भारत कोकिंग कोल के शेयरों ने करीब 95.7% की लिस्टिंग बढ़त दर्ज की थी।
₹300 का शेयर ₹634 पर पहुंचा
टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के आईपीओ में शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड ₹300 तय किया गया था। लिस्टिंग के समय शेयर ₹634 पर पहुंच गया। इस स्तर पर आईपीओ निवेशकों के लिए शुरुआती बाजार मूल्य इश्यू प्राइस के मुकाबले दोगुने से अधिक था।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक सुबह 10:40 बजे तक शेयर करीब 99% की बढ़त के साथ ₹597 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार में ऐसी तेज शुरुआत के बाद शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव होना असामान्य नहीं है। इसलिए लिस्टिंग प्रीमियम को कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन की गारंटी के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।
आईपीओ को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के आईपीओ को निवेशकों से भारी प्रतिक्रिया मिली थी। तीन दिन की बोली प्रक्रिया समाप्त होने के बाद इश्यू करीब 184 गुना सब्सक्राइब हुआ। रॉयटर्स के अनुसार आईपीओ लॉन्च होने के कुछ ही घंटों में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।
आजतक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी कैटेगरी में 302.88 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ। हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल निवेशकों की कैटेगरी 314.19 गुना सब्सक्राइब हुई।
रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 59.72 गुना और कर्मचारी कैटेगरी 123.39 गुना सब्सक्राइब हुई। कुल सब्सक्रिप्शन 183.53 गुना रहा।
यह आंकड़े बताते हैं कि आईपीओ के दौरान कंपनी को अलग-अलग निवेशक वर्गों से मजबूत मांग मिली थी।
₹650 करोड़ का था आईपीओ
टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का आईपीओ कुल ₹650 करोड़ का था। इसका प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर रखा गया था। आईपीओ 20 अगस्त को खुला और 24 अगस्त को बंद हुआ। शेयरों की लिस्टिंग 28 अगस्त को हुई।
इश्यू में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल था। रॉयटर्स के अनुसार कंपनी के आईपीओ का डॉलर मूल्य करीब $68 मिलियन था।
आईपीओ से जुड़ी शुरुआती जानकारी के मुताबिक कंपनी ने पूंजीगत खर्च और कर्ज से जुड़े दायित्वों के लिए भी रकम निर्धारित की थी।
क्या कारोबार करती है टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स
टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स राजस्थान स्थित थर्मल इंजीनियरिंग और विशेष केबल क्षेत्र की कंपनी है। इसका कारोबार तापमान मापने वाले उपकरणों, इलेक्ट्रिक हीटिंग सॉल्यूशन और विशेष केबल की डिजाइन तथा मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा है।
कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में थर्मोकपल, रेजिस्टेंस टेम्परेचर डिटेक्टर, इंफ्रारेड पाइरोमीटर, ऑनलाइन थर्मल इमेजर और तापमान गेज जैसे उत्पाद शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी प्रेशर गेज, लेवल गेज, थर्मोवेल, टेम्परेचर ट्रांसमीटर, फाइबर ऑप्टिक टेम्परेचर सेंसर और टेम्परेचर कैलिब्रेटर जैसे उत्पाद भी बनाती है।
बिजनेस टुडे के अनुसार कंपनी को भारत में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेम्परेचर सेंसर का प्रमुख निर्माता बताया गया है। रिपोर्ट में तापमान सेंसर सेगमेंट में करीब 10.5% बाजार हिस्सेदारी का भी उल्लेख है।
लिस्टिंग से पहले भी मजबूत थी बाजार की दिलचस्पी
टेम्पसेंस के शेयर को लेकर लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में भी मजबूत मांग दिखाई दे रही थी। बाजार में मौजूद ग्रे मार्केट प्रीमियम के संकेतों ने लिस्टिंग पर बड़े प्रीमियम की उम्मीद बढ़ाई थी। हालांकि, ग्रे मार्केट के आंकड़े आधिकारिक शेयर बाजार मूल्य नहीं होते और इनमें तेज बदलाव संभव है।
लिस्टिंग के बाद वास्तविक बाजार भाव ने इन उम्मीदों को पार कर दिया। ₹634 की शुरुआती कीमत ने आईपीओ निवेशकों को 111.3% का प्रीमियम दिया।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
आईपीओ में शेयर हासिल करने वाले निवेशकों के लिए शुरुआती रिटर्न आकर्षक रहा। लेकिन लिस्टिंग के बाद निवेश का आकलन केवल पहले दिन की बढ़त के आधार पर करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
शेयर बाजार में लिस्टिंग प्रीमियम कई कारकों से प्रभावित होता है। इनमें आईपीओ की मांग, बाजार का माहौल, कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की कमाई की उम्मीद और निवेशकों की धारणा शामिल हैं।
टेम्पसेंस के मामले में आईपीओ की भारी मांग ने मजबूत बाजार धारणा का संकेत दिया। रॉयटर्स के मुताबिक आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स ने कंपनी की मजबूत राजस्व वृद्धि, विविध उत्पाद पोर्टफोलियो और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी को कंपनी की संभावित वैल्यूएशन प्रीमियम की वजहों में गिना था।
फिर भी, किसी ब्रोकरेज की राय को निवेश की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
लिस्टिंग के बाद अगली चुनौती
टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के लिए असली परीक्षा अब शुरू होती है। आईपीओ के दौरान मिली मांग और लिस्टिंग का प्रीमियम कंपनी के कारोबार के भविष्य के प्रदर्शन में बदलना जरूरी होगा।
निवेशकों की निगाह अब कंपनी के राजस्व, मुनाफे, मार्जिन, ऑर्डर बुक, अंतरराष्ट्रीय कारोबार और पूंजी के इस्तेमाल पर रहेगी।
शेयर में शुरुआती तेजी के बाद अगर मुनाफावसूली बढ़ती है तो कीमत में उतार-चढ़ाव भी बढ़ सकता है। इसलिए नए निवेशकों के लिए कंपनी के वैल्यूएशन और वित्तीय प्रदर्शन का स्वतंत्र विश्लेषण महत्वपूर्ण रहेगा।
2026 की सबसे बड़ी लिस्टिंग बढ़त
टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स की 111.3% की लिस्टिंग बढ़त ने इसे 2026 में घरेलू एक्सचेंजों पर सबसे बड़ा लिस्टिंग गेन बनाने में मदद की है। रॉयटर्स के अनुसार कंपनी ने जनवरी में भारत कोकिंग कोल की 95.7% की शुरुआती बढ़त को पीछे छोड़ा।
यह प्रदर्शन भारतीय आईपीओ बाजार में निवेशकों की मजबूत जोखिम लेने की क्षमता और चुनिंदा कंपनियों को लेकर बाजार की ऊंची उम्मीदों को भी सामने लाता है। हालांकि, पूरे आईपीओ बाजार की दिशा तय करने के लिए आने वाली लिस्टिंग और कंपनियों के बाद के प्रदर्शन को देखना जरूरी होगा।
आगे क्या देखना होगा
टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयर की लिस्टिंग भले ही शानदार रही हो, लेकिन कंपनी की असली बाजार कहानी उसके अगले तिमाही और वार्षिक नतीजों से तय होगी।
निवेशकों को कंपनी के वित्तीय परिणाम, कारोबार की वृद्धि, कर्ज की स्थिति, कैश फ्लो और अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर नजर रखनी होगी। साथ ही शेयर की मौजूदा कीमत और कंपनी के बुनियादी कारोबारी मूल्यांकन के बीच संतुलन को समझना जरूरी होगा।
टेम्पसेंस की लिस्टिंग ने आईपीओ निवेशकों को पहले ही दिन बड़ा रिटर्न दिया है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस मजबूत शुरुआत को टिकाऊ कारोबारी प्रदर्शन में कितनी प्रभावी तरीके से बदलती है।