गुरुवार, 27 August 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
Business & Economy

Sensex 183 अंक गिरा, Nifty 24,208 के नीचे; IT और Reliance में बिकवाली से बाजार दबाव में

Apurva Choudhary 2026-08-26 22:36:13
Sensex 183 अंक गिरा, Nifty 24,208 के नीचे; IT और Reliance में बिकवाली से बाजार दबाव में

Location: मुंबई, भारत

Date: 26 अगस्त 2026

Byline: Apurva Choudhary 


भारतीय शेयर बाजार ने 26 अगस्त 2026 को शुरुआती बढ़त गंवा दी और गिरावट के साथ कारोबार समाप्त किया। Sensex 183.15 अंक यानी 0.24% गिरकर 77,472.94 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 126.80 अंक यानी 0.52% टूटकर 24,207.75 पर आ गया।

बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव IT stocks में करीब 1.5% की गिरावट और Reliance Industries में लगभग 1.4% की कमजोरी से आया। अमेरिकी H-1B visa fee से जुड़ी लागत की चिंता और Nvidia के नतीजों से पहले AI-driven technology spending को लेकर सतर्कता ने भी IT sentiment को प्रभावित किया।


भारतीय शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट?

26 अगस्त को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत अपेक्षाकृत सकारात्मक रही, लेकिन कारोबारी सत्र आगे बढ़ने के साथ शुरुआती बढ़त टिक नहीं सकी।

कारोबार के अंत में Sensex 183.15 अंक गिरकर 77,472.94 पर बंद हुआ। Nifty 50 भी 126.80 अंक यानी 0.52% की गिरावट के साथ 24,207.75 पर आ गया।

इस गिरावट ने संकेत दिया कि निवेशकों में risk appetite पूरी तरह मजबूत नहीं है। खासकर technology और बड़े heavyweight stocks में selling pressure ने benchmark indices पर असर डाला।


IT stocks ने बढ़ाया दबाव

बाजार में IT sector सबसे कमजोर हिस्सों में रहा। IT stocks में करीब 1.5% की गिरावट दर्ज की गई।

इसके पीछे अमेरिकी H-1B visa fee से जुड़ी संभावित लागत को लेकर चिंता एक महत्वपूर्ण factor रही। भारतीय IT कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजार से जुड़ा है। इसलिए अमेरिका की immigration policy और visa-related costs में बदलाव का असर कंपनियों के margins और future hiring costs पर पड़ सकता है।

हालांकि किसी एक कारोबारी सत्र की गिरावट से कंपनियों के दीर्घकालिक प्रदर्शन का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।


Nvidia के नतीजों से पहले निवेशक सतर्क

Global technology sentiment पर भी निवेशकों की नजर रही। Nvidia के नतीजों से पहले market participants ने AI-driven technology spending और global tech valuations को लेकर सावधानी बरती।

AI ecosystem में Nvidia की अहम भूमिका होने के कारण उसके financial results और management commentary को global technology stocks के लिए महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

इसी वजह से Nvidia results से पहले technology-heavy markets में volatility बढ़ना भारतीय IT stocks के लिए भी sentiment factor बन सकता है।


Reliance Industries में भी गिरावट

Benchmark indices पर दूसरा बड़ा दबाव Reliance Industries से आया।

Reliance Industries के शेयर में करीब 1.4% की गिरावट रही। कंपनी का Sensex और Nifty में महत्वपूर्ण weight होने के कारण उसके शेयर में movement का व्यापक indices पर असर पड़ता है।

IT stocks के साथ Reliance में आई कमजोरी ने बाजार की overall recovery को सीमित किया।


Financial stocks ने संभाला बाजार

जहां IT और कुछ heavyweight stocks में बिकवाली रही, वहीं financial stocks और private banks में मजबूती देखने को मिली।

Financial stocks में करीब 0.5% से 1.1% तक की बढ़त ने benchmark indices की गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया।

इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में पूरी तरह broad-based selling नहीं थी, बल्कि अलग-अलग sectors में निवेशकों की positioning अलग रही।


Crude Oil में नरमी से मिली संभावित राहत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent crude $86 प्रति बैरल से नीचे रहा।

भारत जैसे बड़े crude importer के लिए तेल की कीमतों में नरमी आम तौर पर सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे import bill और external balance पर दबाव कम हो सकता है।

लेकिन बुधवार के कारोबार में crude की यह राहत equity market sentiment को पूरी तरह संभाल नहीं सकी।

बाजार में फिलहाल geopolitical developments, global technology stocks और foreign fund flows जैसे factors ज्यादा प्रभावशाली बने हुए हैं।


विदेशी निवेश और बाजार की बड़ी चुनौती

भारतीय equity market के लिए foreign institutional flows अभी भी महत्वपूर्ण risk factor हैं।

हालिया analyst outlook में भारतीय equity market के valuation और earnings environment को लेकर सावधानी दिखाई गई है। Foreign investors की ओर से भारत से बड़े capital outflows भी बाजार sentiment पर दबाव डाल रहे हैं।

इसके विपरीत domestic investors और SIP flows ने बाजार को एक महत्वपूर्ण cushion दिया है।

इसका अर्थ है कि विदेशी पूंजी की बिकवाली के बावजूद घरेलू liquidity बाजार की गिरावट को कुछ हद तक absorb कर रही है।


क्या बाजार में बड़ी गिरावट का खतरा है?

एक कारोबारी दिन की गिरावट को बड़ी market correction की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल बाजार की दिशा कई factors पर निर्भर करेगी:

- अमेरिकी monetary policy और global interest-rate outlook

- Foreign investor flows

- IT companies पर US visa-related cost pressures

- Nvidia और global technology companies के results

- Crude oil prices

- Middle East और अन्य geopolitical developments

- Domestic corporate earnings और economic growth

इन factors में किसी बड़े बदलाव से बाजार में volatility बढ़ सकती है।


निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

निवेशकों के लिए मौजूदा market environment में sector-specific risks को समझना महत्वपूर्ण है।

IT sector में US business exposure और visa-related costs की चिंता बनी हुई है। वहीं crude oil की कीमतें भारत की inflation और import bill के लिए महत्वपूर्ण हैं।

दूसरी तरफ domestic financial sector की मजबूती और घरेलू investment flows बाजार को support दे सकते हैं।

इसलिए केवल एक दिन के Sensex या Nifty movement के आधार पर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं होगा।


आगे बाजार की दिशा किन चीजों से तय होगी?

आने वाले sessions में investors की नजर मुख्य रूप से global technology results, US policy developments, foreign fund flows और crude oil prices पर रहेगी।

अगर global risk sentiment सुधरता है और foreign selling कम होती है, तो घरेलू बाजार में recovery की संभावना बन सकती है।

इसके विपरीत technology stocks पर दबाव, लगातार foreign outflows या geopolitical tensions बढ़ने से volatility फिर तेज हो सकती है।


26 अगस्त की गिरावट भारतीय शेयर बाजार में केवल सामान्य profit booking की कहानी नहीं है। IT sector पर H-1B visa cost की चिंता, Nvidia results से पहले technology spending को लेकर सावधानी और Reliance Industries में कमजोरी ने बाजार sentiment को प्रभावित किया।

Sensex 183 अंक गिरकर 77,472.94 और Nifty 0.52% फिसलकर 24,207.75 पर बंद हुआ।

हालांकि financial stocks की मजबूती और crude oil में नरमी ने कुछ support दिया। इसलिए फिलहाल उपलब्ध market movement को व्यापक bearish reversal के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

आगे बाजार की दिशा global technology sentiment, foreign capital flows, crude prices और geopolitical risk के बीच संतुलन से तय होगी।

ADVERTISEMENT
Apurva Choudhary

Apurva Choudhary

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

Sensex-Nifty में तेजी: इन शेयरों पर निवेशकों की नजर, बाजार में लौट रहा भरोसा

2026-07-16 05:10:48

Sensex Today: वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 400 अंक से अधिक उछला

2026-07-09 16:38:31

शेयर बाजार में दमदार वापसी, अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी से सेंसेक्स-निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार

2026-07-27 13:09:34

शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,200 पार

2026-08-20 12:31:26

कच्चे तेल की महंगाई से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा

2026-08-11 12:37:51

अमेरिकी टैरिफ की आहट से शेयर बाजार पर दबाव, महंगाई आंकड़ों पर भी नजर

2026-08-09 14:18:17

शेयर बाजार तेजी: सेंसेक्स 374 अंक चढ़ा, निफ्टी सपाट

2026-08-06 17:07:42

मिड-स्मॉल कैप का जलवा, क्या शुरू हो रहा नया बुल साइकिल?

2026-08-05 21:34:51

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर