घरेलू शेयर बाजार में सीमित लेकिन स्थिर तेजी दिखी। सेंसेक्स 374 अंक चढ़ा जबकि निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। बैंकिंग और ऑयल सेक्टर ने सपोर्ट दिया, जबकि मिडकैप शेयर दबाव में रहे।
📍 मुंबई
📰 06 अगस्त 2026
✍️ By Asif Khan
घरेलू इक्विटी मार्केट में गुरुवार को सीमित लेकिन साफ़ तेजी दर्ज की गई। ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेतों के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंक चढ़कर 78,954.76 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स मामूली 11.35 अंकों की बढ़त के साथ 24,636 पर स्थिर बंद हुआ।
मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव रहा, लेकिन ब्रॉडर मार्केट में कमजोरी दिखी। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा बड़े शेयरों में ही पैसा लगा रहे हैं।
सेंसेक्स की तेजी में कुछ चुनिंदा हैवीवेट स्टॉक्स का बड़ा योगदान रहा।
Reliance Industries का शेयर करीब 3.5% चढ़ा और बाजार को मजबूती दी।
State Bank of India में 3% की तेजी आई।
ICICI Bank और Bharat Electronics Limited में भी मजबूत खरीदारी देखी गई।
इन शेयरों की वजह से इंडेक्स को सपोर्ट मिला, जबकि अन्य सेक्टर दबाव में रहे।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो तस्वीर मिश्रित रही।
यह साफ संकेत है कि बाजार अभी सेक्टर-रोटेशन के दौर में है। निवेशक डिफेंसिव और फंडामेंटली मजबूत सेक्टर की ओर झुक रहे हैं।
ब्रॉडर मार्केट में दबाव देखने को मिला।
यह मिश्रित संकेत देता है कि छोटे निवेशक अभी भी अनिश्चितता के दौर में हैं। हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स में प्रॉफिट बुकिंग जारी है।
कुछ प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ दिखा।
Power Grid Corporation का शेयर 4% तक गिरा।
Tata Consultancy Services में 2% की गिरावट आई।
इसके अलावा:
इन शेयरों में 1–1.5% तक की गिरावट दर्ज हुई।
ग्लोबल मार्केट से मिले संकेत पूरी तरह स्पष्ट नहीं थे।
अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख रहा।
इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।
निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहे हैं।
महंगाई, ब्याज दर और कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही हैं।
यह तेजी सीमित है, लेकिन अहम है।
यह ट्रेंड आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।
कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी टिकाऊ नहीं है।
उनके मुताबिक बाजार अभी भी ओवरवैल्यूएशन जोन में है।
दूसरी ओर, कई एनालिस्ट्स इसे हेल्दी करेक्शन के बाद रिकवरी मानते हैं।
वे मानते हैं कि कॉर्पोरेट अर्निंग्स और घरेलू मांग बाजार को सपोर्ट दे रही है।
शेयर बाजार की चाल का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ता है।
आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा इन फैक्टर्स पर निर्भर करेगी:
अगर बैंकिंग और हैवीवेट शेयरों में खरीदारी जारी रहती है, तो बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।
शेयर बाजार तेजी ने यह संकेत दिया है कि निवेशकों का भरोसा अभी बरकरार है।
हालांकि, ब्रॉडर मार्केट की कमजोरी सतर्क रहने का इशारा देती है।
निवेशकों के लिए यह समय चयनात्मक निवेश का है।
बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर फिलहाल बेहतर विकल्प बने हुए हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।