ज्यादा चीनी खाने की आदत से सेहत को क्या नुकसान हो सकता है? जानिए शरीर पर पड़ने वाले असर
चीनी का स्वाद ज्यादातर लोगों को पसंद होता है। चाय-कॉफी, मिठाई, बिस्किट, केक, पैकेज्ड ड्रिंक और कई तैयार खाद्य पदार्थों के जरिए रोजाना चीनी का सेवन हो जाता है। समस्या तब बढ़ सकती है जब अतिरिक्त या फ्री शुगर का सेवन लगातार जरूरत से ज्यादा होने लगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, फ्री शुगर का सेवन कुल दैनिक ऊर्जा का 10 प्रतिशत से कम रखना चाहिए और इसे 5 प्रतिशत से कम करने पर अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
ज्यादा चीनी शरीर के लिए क्यों चिंता का विषय है?
अधिक चीनी वाले खाद्य और पेय पदार्थ अक्सर ज्यादा कैलोरी देते हैं, जबकि उनमें फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व कम हो सकते हैं। खासकर मीठे पेय पदार्थों का नियमित सेवन वजन बढ़ने और मोटापे जैसे स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा है।
1. बढ़ सकता है वजन और मोटापे का खतरा
जब भोजन और पेय पदार्थों के जरिए शरीर को जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिलती है, तो लंबे समय में वजन बढ़ सकता है। WHO के अनुसार, फ्री शुगर का अधिक सेवन अस्वास्थ्यकर वजन बढ़ने और मोटापे के जोखिम से जुड़ा है।
2. टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम
लगातार अधिक अतिरिक्त चीनी का सेवन, विशेषकर मीठे पेय पदार्थों के ज्यादा सेवन के साथ, टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम से जुड़ा पाया गया है। हालांकि डायबिटीज केवल चीनी खाने से नहीं होती। शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि, खान-पान और आनुवंशिकता समेत कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।
3. दांतों में कैविटी की समस्या
चीनी का अधिक सेवन दांतों के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया चीनी से अम्ल बनाते हैं, जिससे दांतों की सतह को नुकसान पहुंच सकता है और कैविटी का खतरा बढ़ सकता है। WHO फ्री शुगर को दांतों में सड़न का प्रमुख जोखिम कारक मानता है।
4. दिल की सेहत पर पड़ सकता है असर
अधिक अतिरिक्त चीनी का सेवन वजन बढ़ने और अन्य चयापचय संबंधी जोखिमों के साथ मिलकर हृदय स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकता है। CDC के अनुसार, ज्यादा अतिरिक्त चीनी का सेवन हृदय रोग सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं में योगदान कर सकता है।
5. लिवर पर भी बढ़ सकता है दबाव
खासकर मीठे पेय पदार्थों का बार-बार सेवन गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज जैसे स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा पाया गया है। इसलिए रोजाना सोडा, मीठे शीतल पेय और अन्य शुगर-युक्त ड्रिंक लेने की आदत को सीमित करना बेहतर माना जाता है।
किन चीजों से शरीर में छिपी चीनी पहुंचती है?
सिर्फ मिठाई और चीनी ही नहीं, बल्कि कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में भी अतिरिक्त चीनी हो सकती है। जैसे—
* मीठे शीतल पेय
* पैकेज्ड जूस और मीठे ड्रिंक
* बिस्किट और कुकीज
* केक और पेस्ट्री
* मिठाइयां
* मीठे सीरियल
* फ्लेवर्ड डेयरी उत्पाद
* कुछ पैकेज्ड सॉस और अन्य तैयार खाद्य पदार्थ
इसलिए खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल पर Added Sugar की मात्रा देखना उपयोगी हो सकता है।
कितनी चीनी लेना सही है?
WHO की सलाह के मुताबिक, वयस्कों और बच्चों दोनों में फ्री शुगर को कुल दैनिक ऊर्जा के 10 प्रतिशत से कम रखना चाहिए। WHO इसे संभव हो तो 5 प्रतिशत से कम करने का सुझाव भी देता है। यहां यह समझना जरूरी है कि ताजे फल और सब्जियों में प्राकृतिक रूप से मौजूद शुगर को अतिरिक्त चीनी के समान नहीं माना जाता। WHO की गाइडलाइन मुख्य रूप से फ्री शुगर पर केंद्रित है।
चीनी कम करने के आसान तरीके
* चाय और कॉफी में धीरे-धीरे चीनी कम करें।
* रोजाना मीठे पेय पीने की आदत से बचें।
* पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय पोषण लेबल पढ़ें।
* मिठाई, केक और बिस्किट को रोजाना की आदत न बनाएं।
* प्यास लगने पर पानी को प्राथमिकता दें।
* मीठे स्नैक की जगह पूरा फल लिया जा सकता है।
निष्कर्ष
चीनी को पूरी तरह बंद करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है, लेकिन अतिरिक्त चीनी की मात्रा को नियंत्रित रखना स्वस्थ खान-पान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ज्यादा चीनी, खासकर मीठे पेय पदार्थों का नियमित सेवन, वजन बढ़ने, मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज, दांतों की सड़न और हृदय संबंधी जोखिमों से जुड़ा है। इसलिए स्वाद के साथ-साथ मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है।