19 सितंबर 2007 को युवराज सिंह ने डरबन में इंग्लैंड के खिलाफ 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाकर टी20 क्रिकेट में इतिहास रचा। उन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 16 गेंदों पर 58 रन बनाए।
डरबन, दक्षिण अफ्रीका | 19 सितंबर 2026
By Mohd Haris
19 सितंबर 2007 की तारीख भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद की जाएगी। डरबन के किंग्समीड मैदान पर युवराज सिंह ने इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में लगातार 6 छक्के जड़ दिए। इस विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ युवराज टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर छक्का लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
इस ऐतिहासिक घटना को आज 19 साल पूरे हो गए हैं। युवराज की उस पारी को सिर्फ 6 छक्कों के लिए नहीं, बल्कि उस पूरे मुकाबले के घटनाक्रम और भारतीय टीम के दबाव भरे अभियान में उसके असर के लिए भी याद किया जाता है।
फ्लिंटॉफ से हुई थी तीखी बहस
भारत और इंग्लैंड के बीच 2007 टी20 विश्व कप का मुकाबला डरबन में खेला जा रहा था। भारत पहले बल्लेबाजी कर रहा था और पारी के दौरान युवराज सिंह की इंग्लैंड के ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के साथ बहस हो गई।
आईसीसी के मुताबिक, दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई बातचीत के बाद युवराज का तेवर बदल गया। इंग्लैंड के कप्तान पॉल कॉलिंगवुड ने 19वां ओवर युवा स्टुअर्ट ब्रॉड को दिया। ब्रॉड उस समय केवल 21 साल के थे।
इसके बाद जो हुआ, उसने क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में युवराज का नाम दर्ज कर दिया।
ब्रॉड की 6 गेंदों पर 6 छक्के
19वें ओवर की पहली गेंद पर युवराज ने मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाया। दूसरी गेंद को उन्होंने बैकवर्ड स्क्वायर लेग के ऊपर भेजा।
तीसरी गेंद डीप एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से गई। चौथी गेंद भी सीमा रेखा के बाहर पहुंची। पांचवीं गेंद पर युवराज ने फिर मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाया।
ओवर की आखिरी गेंद ने इतिहास पूरा कर दिया। युवराज ने उसे भी सीमा रेखा के पार भेज दिया। 6 गेंदें, 6 छक्के और एक ओवर में 36 रन।
आईसीसी के रिकॉर्ड के मुताबिक, युवराज इस उपलब्धि के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ओवर में लगातार 6 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
12 गेंदों में अर्धशतक
युवराज का तूफान केवल उस ओवर तक सीमित नहीं था। उन्होंने महज 12 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
उस समय यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक था। युवराज ने कुल 16 गेंदों पर 58 रन बनाए। उनकी पारी में 7 छक्के और 3 चौके शामिल रहे।
आईसीसी के मुताबिक, 12 गेंदों का यह टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक बाद में बराबर हुआ, लेकिन पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इससे तेज अर्धशतक दर्ज नहीं हुआ।
भारत ने बनाया बड़ा स्कोर
युवराज की इस पारी की मदद से भारत ने 20 ओवर में 218 रन बनाए और 4 विकेट गंवाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 20 ओवर में 200 रन तक पहुंची।
भारत ने मुकाबला 18 रन से जीता और युवराज को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
फ्लिंटॉफ के साथ बहस का क्या असर पड़ा?
युवराज के 6 छक्कों को अक्सर फ्लिंटॉफ के साथ हुई बहस से जोड़कर देखा जाता है। आईसीसी ने भी इस घटना को उस ऐतिहासिक ओवर की पृष्ठभूमि में दर्ज किया है।
हालांकि इसे सीधे तौर पर यह कहना कि फ्लिंटॉफ की बात ने ही युवराज को 6 छक्के लगाने के लिए प्रेरित किया, एक व्याख्या होगी। इतना जरूर दर्ज है कि दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बातचीत हुई और उसके बाद ब्रॉड ने 19वां ओवर किया।
ब्रॉड के लिए यादगार और मुश्किल ओवर
स्टुअर्ट ब्रॉड के करियर में यह ओवर लंबे समय तक चर्चा में रहा। बाद में उन्होंने खुद युवराज की उस पारी को अपने क्रिकेट सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
ईएसपीएन की सामग्री में ब्रॉड के हवाले से युवराज के 6 छक्कों को उनके गेंदबाजी करियर को आकार देने वाली घटना के रूप में याद किया गया है।
युवराज का रिकॉर्ड आज भी खास क्यों है?
टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी का अंदाज पिछले 19 वर्षों में तेजी से बदला है। पावर हिटिंग, आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े स्कोर अब इस प्रारूप की पहचान बन चुके हैं।
इसके बावजूद एक ही ओवर की 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाना अलग स्तर की उपलब्धि है। युवराज ने यह कारनामा टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शुरुआती दौर में किया था, जब यह प्रारूप अभी अपना वैश्विक प्रभाव स्थापित कर रहा था।
आईसीसी ने युवराज के इस प्रदर्शन को टी20 विश्व कप के सबसे यादगार पलों में शामिल किया है। 2022 में प्रशंसकों के मतदान में उनके 6 छक्कों वाले प्रदर्शन को टी20 विश्व कप का ग्रेटेस्ट मोमेंट चुना गया था।
2 हफ्ते पहले युवराज ने खाए थे 5 छक्के
युवराज के 6 छक्कों की कहानी का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि इससे करीब 2 हफ्ते पहले उन्हें खुद एक ओवर में 5 छक्के खाने पड़े थे।
5 सितंबर 2007 को इंग्लैंड के डिमित्री मस्करेनहास ने युवराज के एक ओवर में 5 छक्के लगाए थे। इसके कुछ ही दिनों बाद युवराज ने ब्रॉड के ओवर में 6 छक्के लगाकर जवाबी रिकॉर्ड कायम कर दिया।
एक ओवर ने बदल दी टी20 की कहानी
युवराज के उस ओवर ने टी20 क्रिकेट में पावर हिटिंग की एक अलग तस्वीर पेश की। 6 छक्कों में अलग-अलग शॉट दिशाओं का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने मैदान के लेग साइड और ऑफ साइड दोनों हिस्सों को निशाना बनाया।
सबसे अहम बात यह थी कि ब्रॉड ने गेंदबाजी की दिशा और कोण बदलने की कोशिश की, लेकिन युवराज ने हर गेंद का आक्रामक जवाब दिया। आईसीसी के विवरण में इस ओवर की गेंद-दर-गेंद तस्वीर दर्ज है।
आज भी याद किया जाता है वो दिन
19 साल बाद भी 19 सितंबर 2007 का यह ओवर क्रिकेट प्रशंसकों की यादों में मौजूद है। टी20 क्रिकेट में कई नए रिकॉर्ड बने, कई बड़े बल्लेबाज आए और खेल का अंदाज बदला, लेकिन युवराज के 6 छक्कों का यह कारनामा अपनी अलग जगह बनाए हुए है।
उस दिन युवराज ने केवल 16 गेंदों में 58 रन बनाए थे। 12 गेंदों में अर्धशतक और एक ओवर में 6 छक्के उनकी पारी की पहचान बने। भारत ने मुकाबला जीता और आगे चलकर इसी टूर्नामेंट का पहला टी20 विश्व कप खिताब भी अपने नाम किया।
आज जब 19 साल बाद उस पल को याद किया जा रहा है, तो युवराज की उस पारी की अहमियत केवल आंकड़ों में नहीं दिखती। वह भारतीय टी20 क्रिकेट के शुरुआती दौर की उन घटनाओं में शामिल है, जिसने आक्रामक बल्लेबाजी की नई पहचान को मजबूत किया।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।