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इदलिब में असद की मौत की सज़ा पर जश्न, सीरिया में बदला माहौल

Shah Times 2026-08-12 15:55:17
इदलिब में असद की मौत की सज़ा पर जश्न, सीरिया में बदला माहौल

इदलिब में असद की मौत की सज़ा पर जश्न

असद को मौत की सज़ा, इदलिब में सड़कों पर जश्न

सीरिया में असद के खिलाफ बड़ा फैसला, इदलिब में खुशी


सीरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सुनाई है। फैसले के बाद इदलिब में लोगों ने जश्न मनाया। अदालत ने हत्या, यातना, मनमानी हिरासत और मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े आरोपों में उन्हें दोषी ठहराया। असद फिलहाल रूस में हैं।


इदलिब, सीरिया | 12 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स

BY Mohd Haris


इदलिब में असद के खिलाफ फैसले पर जश्न

सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सज़ा सुनाए जाने के बाद इदलिब में लोगों ने जश्न मनाया। वीडियो के मुताबिक, सीरियाई क्रांति के गढ़ रहे इदलिब में लोगों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया।

यह फैसला सीरिया की राजनीति और संक्रमणकालीन न्याय के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। दमिश्क की एक अदालत ने 11 अगस्त को असद को उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सुनाई। वह 2024 में सत्ता से हटाए जाने के बाद रूस चले गए थे।

अदालत ने असद को किन मामलों में दोषी ठहराया

अदालत ने असद को हत्या, यातना, मनमानी गिरफ्तारी और मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया। यह उनके शासन के दौरान चले करीब 14 साल के युद्ध से जुड़े अपराधों पर सीरिया के भीतर आया पहला आधिकारिक दोषसिद्धि फैसला है।

अदालत ने असद के छोटे भाई माहेर अल-असद और पूर्व सुरक्षा अधिकारी आतिफ नजीब को भी मौत की सज़ा सुनाई। आतिफ नजीब को अदालत में मौजूद रहते हुए सज़ा सुनाई गई, जबकि बशर और माहेर अल-असद देश से बाहर हैं।

इदलिब में लोगों ने क्यों मनाया जश्न

इदलिब लंबे समय तक असद सरकार के खिलाफ विद्रोही आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा। यहां की आबादी का एक बड़ा हिस्सा असद शासन के खिलाफ संघर्ष और उसके दौरान हुई हिंसा से प्रभावित रहा है।

रिपोर्ट में इदलिब में लोगों को अदालत के फैसले के बाद जश्न मनाते दिखाया गया है। वीडियो में स्थानीय लोगों ने इस फैसले को अपने संघर्ष और पीड़ितों के लिए न्याय से जोड़कर देखा।

यह प्रतिक्रिया सीरिया के उन इलाकों की भावनाओं को दिखाती है जहां असद शासन के खिलाफ लंबे समय तक विरोध और सशस्त्र संघर्ष चला था। हालांकि पूरे सीरिया की जनता की राय को केवल इदलिब की प्रतिक्रिया से परिभाषित करना उचित नहीं होगा।

असद को सज़ा गैरमौजूदगी में सुनाई गई

फैसले का एक अहम कानूनी पहलू यह है कि बशर अल-असद अदालत में मौजूद नहीं थे। उन्हें गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सुनाई गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, असद 2024 में विद्रोही बलों के दमिश्क पहुंचने और उनकी सरकार गिरने के बाद रूस चले गए थे। रूस ने उन्हें शरण दी थी।

इस वजह से फैसले को लागू करने का सवाल भी जटिल है। जब तक असद सीरियाई हिरासत में नहीं आते, अदालत की मौत की सज़ा तत्काल अमल में नहीं लाई जा सकती।

2024 में खत्म हुआ था असद का शासन

बशर अल-असद ने वर्ष 2000 में अपने पिता हाफ़िज़ अल-असद के बाद सीरिया की सत्ता संभाली थी। उनका शासन 2024 में विद्रोही अभियान के बाद समाप्त हुआ।

उनके सत्ता से हटने के बाद सीरिया एक नए राजनीतिक संक्रमण के दौर में दाखिल हुआ। नई व्यवस्था के सामने पुराने शासन से जुड़े अपराधों की जांच और जवाबदेही एक बड़ा मुद्दा रही है।

असद के खिलाफ आया यह फैसला इसी संक्रमणकालीन न्याय प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

युद्ध के अपराधों का लंबा साया

सीरिया में 2011 में शुरू हुआ विद्रोह धीरे-धीरे व्यापक गृहयुद्ध में बदल गया। संघर्ष में सरकार, विपक्षी समूहों, जिहादी संगठनों और विदेशी शक्तियों की अलग-अलग भूमिका रही।

असद सरकार पर युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर दमन, यातना, मनमानी हिरासत और नागरिकों के खिलाफ गंभीर अपराधों के आरोप लगते रहे हैं। रॉयटर्स के अनुसार, अदालत ने अपने फैसले में हत्या, यातना और मानवता के खिलाफ अपराधों को शामिल किया।

हालांकि युद्ध में विभिन्न पक्षों पर गंभीर उल्लंघनों के आरोप लगे हैं। इसलिए जवाबदेही की प्रक्रिया केवल एक व्यक्ति तक सीमित रहने के बजाय व्यापक और साक्ष्य-आधारित होनी होगी।

आतिफ नजीब का मामला भी अहम

अदालत के फैसले में आतिफ नजीब की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वह दक्षिणी सीरिया के दारा इलाके में सुरक्षा तंत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी रहे थे।

दारा को 2011 के सीरियाई विद्रोह की शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है। बच्चों की गिरफ्तारी और कथित यातना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन तेज हुए थे।

नजीब को अदालत में मौजूद रहते हुए मौत की सज़ा सुनाई गई। इससे फैसले को केवल पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई के बजाय पूर्व शासन के कई अधिकारियों की जवाबदेही के रूप में भी देखा जा रहा है।

क्या यह संक्रमणकालीन न्याय की शुरुआत है?

असद के खिलाफ फैसला सीरिया में संक्रमणकालीन न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। नई सत्ता के सामने लंबे समय से यह सवाल रहा है कि पुराने शासन के कथित अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को किस कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबदेह बनाया जाएगा।

यूरोपीय संघ ने भी 2026 में पूर्व असद शासन से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर लक्षित प्रतिबंध जारी रखने का फैसला किया था, जबकि सीरिया के साथ व्यापक आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

इससे स्पष्ट है कि असद शासन से जुड़ी जवाबदेही का मुद्दा सीरिया की घरेलू राजनीति के साथ अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी मौजूद है।

फैसले पर सवाल भी उठ रहे हैं

असद के खिलाफ फैसला पीड़ितों और उनके समर्थकों के लिए न्याय की दिशा में अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ आलोचकों का कहना है कि गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा असद को रूस से प्रत्यर्पित कराने की कोशिश को कठिन बना सकती है। उनके मुताबिक यह फैसला वास्तविक संक्रमणकालीन न्याय के बजाय प्रतीकात्मक कार्रवाई बन सकता है।

यह बहस इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि युद्ध अपराधों की जवाबदेही में न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता, आरोपी की कानूनी पहुंच और पीड़ितों के अधिकार तीनों महत्वपूर्ण होते हैं।

रूस में मौजूद असद के सामने क्या स्थिति है

बशर अल-असद फिलहाल रूस में हैं। उनके सीरिया लौटने की संभावना और प्रत्यर्पण का सवाल आने वाले समय में इस मामले की दिशा तय कर सकता है।

अगर असद सीरियाई हिरासत में नहीं आते, तो अदालत का फैसला तत्काल सज़ा में तब्दील नहीं होगा। इस लिहाज से कानूनी फैसला और उसका अमल दो अलग-अलग मुआमले हैं।

रूस की भूमिका भी अहम होगी, क्योंकि असद को सत्ता से हटने के बाद वहीं शरण मिली थी।

इदलिब की प्रतिक्रिया क्या बताती है

इदलिब में जश्न की तस्वीरें सीरिया के उस सामाजिक और राजनीतिक विभाजन को सामने लाती हैं जो युद्ध के दौरान गहरा हुआ था।

असद समर्थक इलाकों और उनके विरोध में खड़े क्षेत्रों के अनुभव एक जैसे नहीं रहे। इसलिए पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ मौत की सज़ा पर प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग हो सकती हैं।

इदलिब की प्रतिक्रिया को सीरिया के एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र की प्रतिक्रिया के रूप में देखना चाहिए, पूरे देश की एकसमान राय के तौर पर नहीं।

सीरिया के लिए आगे की चुनौती

असद के खिलाफ फैसला आने के बाद सीरिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती जवाबदेही और राष्ट्रीय सुलह के बीच संतुलन कायम करने की है।

पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, नई सत्ता को ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना होगा जो राजनीतिक बदले की धारणा से अलग हो और अपराधों के लिए प्रमाणित जिम्मेदारी तय करे।

यदि प्रक्रिया पारदर्शी रहती है तो यह सीरिया के संस्थागत पुनर्निर्माण में मदद कर सकती है। अगर न्यायिक कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देखा गया, तो संक्रमणकालीन प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

ग्राउंड रियलिटी

इस समय तीन तथ्य सबसे अहम हैं। पहला, सीरियाई अदालत ने बशर अल-असद को गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सुनाई है। दूसरा, असद सीरिया से बाहर रूस में हैं। तीसरा, इदलिब में लोगों ने फैसले के बाद सार्वजनिक रूप से जश्न मनाया।

इसके अलावा उनके भाई माहेर अल-असद और पूर्व अधिकारी आतिफ नजीब को भी मौत की सज़ा सुनाई गई है।

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि फैसला सीरिया के व्यापक राजनीतिक संक्रमण को किस दिशा में ले जाएगा।

आगे क्या होगा

अब सबसे अहम सवाल फैसले के अमल और असद के भविष्य को लेकर है। रूस में मौजूद पूर्व राष्ट्रपति को सीरिया वापस लाने की कोई तत्काल प्रक्रिया सामने नहीं आई है।

इसके साथ ही पूर्व शासन से जुड़े अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच और मुकदमों की दिशा भी महत्वपूर्ण होगी।

सीरिया के लिए असली परीक्षा यह होगी कि वह युद्ध के दौरान हुए अपराधों पर जवाबदेही स्थापित करते हुए देश में राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक सुलह की प्रक्रिया को आगे कैसे बढ़ाता है।

निष्कर्ष

बशर अल-असद को सीरियाई अदालत द्वारा गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सुनाया जाना सीरिया के युद्ध और उसके बाद के राजनीतिक संक्रमण का एक बड़ा घटनाक्रम है। फैसले के बाद इदलिब में लोगों ने जश्न मनाया, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय तक असद शासन के खिलाफ विद्रोह का प्रमुख केंद्र रहा था।

अदालत ने असद को हत्या, यातना, मनमानी हिरासत और मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया। लेकिन चूंकि वह रूस में हैं, इसलिए फैसले का अमल फिलहाल सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

इस फैसले की वास्तविक अहमियत आने वाले समय में तय होगी। अगर यह पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित संक्रमणकालीन न्याय प्रक्रिया का हिस्सा बनता है, तो सीरिया के पीड़ितों के लिए इसकी अहमियत बड़ी होगी। अगर यह केवल राजनीतिक प्रतिशोध के तौर पर देखा गया, तो नई व्यवस्था की क्रेडिबिलिटी पर सवाल बने रहेंगे।

वीडियो देखें

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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